सोनू राणा, बाहरी दिल्ली

बाहरी रिग रोड पर ट्रैक्टर परेड निकालने के लिए एक दिन पहले से ही नेता प्रदर्शनकारियों को उकसा रहे थे। इसके अलावा पंजाबी अभिनेता भी देर रात को किसानों को भड़काने के लिए पहुंचे थे। नतीजतन उपद्रवियों ने मंगलवार को गणतंत्र दिवस के दिन राजधानी में घुसकर हिसा की और लाल किले पर जाकर अपने झंडे लगा दिए। इससे आसपास के लोगों में खौफ का माहौल था।

दरअसल गणतंत्र दिवस के दिन माहौल बिगाड़ने के लिए कई दिनों से साजिश रची जा रही थी। बीते दिनों से तो लगातार बाहरी रिग रोड पर जाकर ट्रैक्टर रैली निकालने के लिए किसानों को उकसाया जा ही रहा था। सोमवार को तो सिघु बार्डर पर सुबह से ही किसान मजदूर संघर्ष कमेटी (पंजाब) के अध्यक्ष सतनाम सिंह पन्नू व महासचिव सरवन सिंह पंधेर के अलावा दर्जनों नेताओं ने बैरिकेड तोड़कर दिल्ली कूच करने के लिए प्रदर्शनकारियों को उकसाया था। उनको मरने-मारने तक की कसमें खिलाई जा रही थी।

वहीं दूसरी ओर सोमवार देर रात पंजाबी अभिनेता दीप सिद्धु भी किसानों के बीच पहुंचा था। उसने जरनैल सिंह भिडरावाला के दिखाए रास्ते पर चलने की बात कही थी। उसने तिरंगे का अपमान करते हुए निसान साहिब को अहमियत देने को कहा था। इसके बाद ही निहंगों ने दिल्ली कूच करने का एलान कर दिया गया था। दीप व नेताओं की ओर से भड़काए जाने का परिणाम गणतंत्र दिवस के दिन देखने को मिला। जिस समय एक तरफ राजपथ पर जवानों की परेड निकल रही थी, उसी समय पुलिस की ओर से दिल्ली में परेड निकालने की अनुमति देने के बावजूद उपद्रवियों ने सिघु बार्डर पर बैरिकेड तोड़ने शुरू कर दिए। यह किसान नेताओं की सोची समझी साजिश ही बताई जा रही है। जबकि नेताओं ने कहा था कि इस दौरान कोई परेशानी नहीं होगी। जबकि उपद्रवियों ने सुबह आठ बजे ही सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाना शुरू कर दिया था।

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