अमेरिकी नागरिकों से ठगी करने वाले फर्जी एप्पल टेक-सपोर्ट कॉल सेंटर का पर्दाफाश, मालिक समेत सात गिरफ्तार
पश्चिमी दिल्ली पुलिस ने नारायणा औद्योगिक क्षेत्र में चल रहे एक फर्जी एप्पल टेक-सपोर्ट कॉल सेंटर का भंडाफोड़ कर मालिक ...और पढ़ें

नारायणा में एक फर्जी एप्पल टेक-सपोर्ट कॉल सेंटर का भंडाफोड़ कर मालिक समेत सात लोगों को गिरफ्तार किया गया।
HighLights
पश्चिम दिल्ली में फर्जी एप्पल टेक-सपोर्ट कॉल सेंटर का भंडाफोड़।
मालिक समेत सात गिरफ्तार, अमेरिकी नागरिकों से ठगी का आरोप।
वायरस का डर दिखाकर गिफ्ट कार्ड से पैसे ठगते थे।
जागरण संवाददाता, पश्चिमी दिल्ली। पश्चिमी दिल्ली जिला पुलिस की एएटीएस टीम ने नारायणा औद्योगिक क्षेत्र में चल रहे एक कॉल सेंटर का भंडाफोड़ करते हुए सात लोगों को गिरफ्तार किया है। यह कॉल सेंटर वेप्ट्रा नाम से नारायणा औद्योगिक क्षेत्र फेज-दो की इमारत में चलाया जा रहा था। एएटीएस के सब-इंस्पेक्टर गजेंद्र माथुर को इस फर्जीवाड़े की गुप्त सूचना मिली थी।
इसके बाद पश्चिमी जिला पुलिस उपायुक्त हरेश्वर वी स्वामी के मार्गदर्शन और इंस्पेक्टर मुकेश कुमार के नेतृत्व में पुलिस टीम ने तुरंत मौके पर छापेमारी कर कार्रवाई की। मौके से ही कॉल सेंटर के मालिक अरुण, उसके पार्टनर सलीम और पांच अन्य कॉलर्स को रंगे हाथों पकड़ा गया, जो हेडफोन लगाकर अमेरिकी नागरिकों से फर्जी अंग्रेजी नामों का इस्तेमाल करके बात कर रहे थे।
जांच में सामने आया कि यह गिरोह अमेरिकी नागरिकों को ठगने के लिए एप्पल का फर्जी टेक्निकल सपोर्ट सेटअप चला रहा था। आरोपी टोल-फ्री नंबरों के जरिए अमेरिका में रहने वाले लोगों से संपर्क करते थे और खुद को एप्पल कंपनी का सीनियर टेक्निकल सपोर्ट एग्जीक्यूटिव बताते थे।
वायरस, मालवेयर या आपत्तिजनक सामग्री होने का झूठा डर दिखाते
इसके बाद वे पीड़ितों के कंप्यूटर या मोबाइल में वायरस, मालवेयर या आपत्तिजनक सामग्री होने का झूठा डर दिखाते थे। समस्या को तुरंत ठीक करने का झांसा देकर वे अमेरिकी नागरिकों को गिफ्ट कार्ड खरीदने के लिए राजी कर लेते थे। जैसे ही पीड़ित गिफ्ट कार्ड खरीदते, आरोपित उनके कोड हासिल कर लेते थे और उन्हें आगे भेजकर पैसे भुना लेते थे।
पुलिस ने मौके से पांच लैपटाप, 12 मोबाइल फोन, दो राउटर, छह हेडफोन, 10 क्रेडिट व डेबिट कार्ड, पांच चेकबुक और एक आडी कार (ए3) बरामद की है। जब्त किए गए लैपटाप में आईबीम, अल्ट्राव्यूअर और एनीडेस्क जैसे दूरस्थ पहुंच (रिमोट एक्सेस) वाले साफ्टवेयर मिले हैं।
नारायणा थाना में आरोपितों के खिलाफ बीएनएस और आइटी एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी हुई है। फिलहाल पुलिस इस पूरे अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क, टोल-फ्री नंबर मुहैया कराने वाले लोगों, गिफ्ट कार्ड के ट्रांजैक्शन और वित्तीय लेन-देन (मनी ट्रेल) की गहन जांच कर रही है।
