Exclusive: IITF 2026 से चीन और रूस हुए बाहर, BRICS में गर्मजोशी के बाद कई देशों के दूरी बनाने से हैरानी
45वें भारतीय अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेले में चीन और रूस अनुपस्थित रहेंगे, जबकि ईरान, यूएई और थाईलैंड सहित आठ देश भाग ...और पढ़ें

दिल्ली के भारत मंडपम में होना है IITF 2026। फोटो: जागरण
HighLights
चीन और रूस 45वें व्यापार मेले में नहीं होंगे शामिल
ईरान, यूएई सहित आठ देश करेंगे अंतरराष्ट्रीय भागीदारी
'विकास और विरासत' है इस बार मेले की मुख्य थीम
संजीव गुप्ता, नई दिल्ली। माह भर पूर्व हुए ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में भले ही चीन और रूस ने गर्मजोशी के साथ भागीदारी की, लेकिन राजधानी में 13 नवंबर से आरंभ होने जा रहे 45वें भारतीय अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेले (IITF) में इन दोनों देशों की मौजूदगी नहीं होगी।
ब्रिक्स के पूर्ण सदस्य देशों में से सिर्फ ईरान और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) जबकि 10 साझीदार देशों में से केवल एक थाईलैंड ही शिरकत करेगा।
मेला आयोजक भारत व्यापार संवर्धन परिषद (ITPO) से मिली जानकारी के मुताबिक अभी तक दुनिया के इस मेले में आने के लिए आठ देशों की ही स्वीकृति मिली है।
उक्त तीन देशों के अलावा अन्य पांच देशों में तुर्किये, श्रीलंका, मिस्र, ईरान, अफगानिस्तान और घाना के नाम शामिल हैं। 2025 के IITF में 11 देशों की भागीदारी रही थी। चीन का प्रतिनिधित्व वहां ही एक कंपनी ने किया था।
राष्ट्रीय भागीदारी की बात करें तो इस बार मेले में 4 राज्य उत्तर प्रदेश, बिहार, महाराष्ट्र और राजस्थान साझीदार राज्य होंगे, जबकि झारखंड, असम, बंगाल और दिल्ली को फोकस राज्य का दर्जा दिया गया है।
अभी तक कुल 30 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की ओर से IITF 2026 में भागीदारी सुनिश्चित की गई है। पिछले वर्ष यह संख्या 31 रही थी।
‘विकास और विरासत’ रखी गई इस बार मेले की थीम
इस वर्ष आयोजित होने वाले IITF की थीम ‘विकास और विरासत’ रखी गई है। इसके तहत मेले में देश की परंपरागत विरासत के साथ आधुनिक भारत की आर्थिक और औद्योगिक प्रगति को भी प्रदर्शित किया जाएगा।
इसके लिए बाकायदा एक थीम पेवेलियन भी बनाया जाएगा। हालांकि थीम पेवेलियन हर राज्य और केंद्र शासित प्रदेश का भी अलग-अलग होगा।
प्रवेश शुल्क बढ़ने की संभावना कम
आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक मेले में प्रवेश शुल्क बढ़ाए जाने की संभावना इस साल भी नहीं है। याद हो कि पिछले वर्ष शुरुआती पांच दिनों में टिकट की दर 500 रुपये प्रति व्यक्ति थी।
इन दिनों में बच्चों के टिकट की दर 150 से 200 रुपये रही थी। वहीं सामान्य दिनों में प्रति व्यक्ति 80 रुपये और बच्चे का टिकट 40 रुपये का रखा गया था। सप्ताहांत और छुट्टी के दिन टिकट का मूल्य 150 रुपये प्रति व्यस्क जबकि बच्चों के लिए 60 रुपये था।
शुरुआती पांच दिनों के लिए पैकेज टिकट 1800, शेष नौ दिनों के लिए 800 रुपये जबकि पूरे 14 दिनों के लिए दो हजार रुपये का था। वरिष्ठ नागरिकों सहित दिव्यांगों के लिए प्रवेश पत्र दिखाने पर सभी दिन प्रवेश निश्शुल्क होता है।
