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चुनाव आयोग का बड़ा फैसला: दिल्ली समेत 7 राज्यों में वोटर लिस्ट से बाहर हुए लोगों को मिलेगा एक और मौका

By Jagran NewsEdited By: Shiv Govind Mishraa
Published: Sat, 07 Nov 2026 05:50 AM (GMT+05:30)Updated: Sat, 07 Nov 2026 06:58 AM (GMT+05:30)

चुनाव आयोग ने दिल्ली समेत सात राज्यों में मतदाता सूची से हटाए गए लाखों लोगों को नाम दोबारा जोड़ने का ...और पढ़ें

इस फोटो को AI के माध्यम से तैयार किया गया है।

इस फोटो को AI के माध्यम से तैयार किया गया है।

HighLights

  1. चुनाव आयोग ने लाखों मतदाताओं को नाम जोड़ने का अवसर दिया।

  2. दिल्ली सहित सात राज्यों के प्रभावित मतदाताओं को राहत मिली।

  3. अब नया 'SIR फॉर्म' भरकर नाम दर्ज करा सकेंगे।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। मतदाता सूची से बाहर हो चुके लाखों लोगों के लिए चुनाव आयोग ने एक बड़ा और राहत भरा कदम उठाया है। दिल्ली समेत सात राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों-हरियाणा, महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश, झारखंड, तेलंगाना और नगालैंड में विशेष सारांश संशोधन (SIR) की प्रक्रिया के तहत ड्राफ्ट रोल से हटाए गए मतदाताओं को अंतिम सूची में अपना नाम शामिल कराने का एक और मौका दिया गया है।

ड्राफ्ट रोल तैयार करते समय कई मतदाताओं के नाम अनुपस्थित, शिफ्टेड, मृत या डुप्लिकेट  श्रेणी के तहत इसलिए बाहर कर दिए गए थे क्योंकि उनके गणना फॉर्म समय पर प्राप्त नहीं हुए थे। ऐसे में पुराने मतदाताओं के सामने बड़ी दुविधा यह थी कि उन्हें दोबारा नाम जुड़वाने के लिए फॉर्म-6 भरना पड़ रहा था, जिसमें यह अनिवार्य घोषणा होती है कि वे पहली बार वोटर के रूप में पंजीकरण करा रहे हैं। वास्तविक और पुराने वोटर इस गलत घोषणा को भरने से हिचकिचा रहे थे, जबकि पता बदलने वालों को फॉर्म-8 की जटिलता से गुजरना पड़ रहा था।

आयोग ने किया स्पष्ट

आयोग ने इस अड़चन को पूरी तरह समाप्त करते हुए स्पष्ट किया है कि अब प्रभावित मतदाताओं को न तो फॉर्म-6 और न ही फॉर्म-8 भरने की आवश्यकता होगी, बल्कि वे सिर्फ नया 'SIR फॉर्म' भरकर अपना नाम दर्ज करा सकते हैं।

चुनाव आयोग के अधिकारियों के अनुसार, ड्राफ्ट रोल के प्रकाशन के साथ जो गणना विंडो बंद हो गई थी, उसे अब 'दावे और आपत्तियां' दर्ज करने की समयसीमा समाप्त होने तक फिर से खोल दिया गया है।

कहां जमा करना होगा फॉर्म?

आयोग ने सभी संबंधित राज्यों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों को निर्देश जारी करते हुए कहा है कि प्रभावित मतदाता अपना गणना फॉर्म ऑनलाइन या ऑफलाइन माध्यम से सीधे निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी या बूथ लेवल ऑफिसर के पास जमा कर सकते हैं।

इसके साथ उन्हें केवल एक घोषणापत्र संलग्न करना होगा, जिसमें पहले फॉर्म जमा न कर पाने की वजह और यह पुष्टि दर्ज होगी कि उन्होंने इस दौरान फॉर्म-6 के जरिए कोई नया आवेदन नहीं किया है। आयोग के इस फैसले से वास्तविक मतदाताओं को अपनी नागरिक पहचान दोबारा हासिल करने का सीधा और सुगम रास्ता मिल गया है।

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