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PGDAV कॉलेज में शिक्षकों से उलझे DUSU सचिव कुणाल चौधरी, महिला प्रोफेसर को भी धमकाने का आरोप; Video Viral

Published: Mon, 31 Aug 2026 11:00 PM (IST)

डूसू सचिव कुणाल चौधरी पर पीजीडीएवी कॉलेज में दाखिले के दौरान शिक्षकों से बदतमीजी का आरोप है। यह विवाद एक छात्र के ओबीसी प्रमाणपत्र में खामियों को लेकर हुआ।

PGDAV कॉलेज में शिक्षकों से उलझे DUSU सचिव कुणाल चौधरी। फोटो: वीडियो ग्रैब

PGDAV कॉलेज में शिक्षकों से उलझे DUSU सचिव कुणाल चौधरी। फोटो: वीडियो ग्रैब

HighLights

  1. डूसू सचिव कुणाल चौधरी पर शिक्षकों से बदतमीजी का आरोप

  2. ओबीसी प्रमाणपत्र में खामियों को लेकर हुआ विवाद

  3. शिक्षकों ने असुरक्षा जताई, कुणाल ने भेदभाव का आरोप लगाया

जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ (डूसू) के सचिव कुणाल चौधरी की ओर से पीजीडीएवी संध्या कॉलेज में दाखिले के दौरान शिक्षकों से बदतमीजी करने का मामला सामने आया है।

एक छात्र के ओबीसी प्रमाणपत्र में खामियां मिलने के बाद उसे ठीक कराने की बात पर विवाद बढ़ गया। कॉलेज की एडमिशन कमेटी के कन्वीनर प्रो. संजय कुमार, डाॅ. जयशंकर शर्मा और कमेटी की सदस्य डाॅ. ललिता सिंह ने कुणाल चौधरी के व्यवहार पर आपत्ति जताई है।

ओबीसी प्रमाणपत्र में विसंगतियों पर विवाद

पीजीडीएवी सांध्य कॉलेज के प्रोफेसर संजय कुमार ने बताया कि कुणाल चौधरी एक छात्र के दाखिले के सिलसिले में कॉलेज पहुंचे थे। दस्तावेजों की जांच के दौरान छात्र के ओबीसी प्रमाणपत्र में कुछ विसंगतियां मिलीं।

उन्होंने बताया कि दरअसल, एक छात्र के माता-पिता नहीं है। छात्र ने अपने चाचा के नाम से ओबीसी का सर्फिटिकेट बनवाया हुआ था। जबकि डीयू के नियमों के अनुसार सर्टिफिकेट में माता-पिता और भाई-बहन का होना अनिवार्य है।

ऐसे में दोनों ही नहीं हों तो उन्हें एक ऐसा सर्टिफिकेट बनाकर देना होगा, जिसमें लिखा होगा कि उनकी इनकम उनकी 8 लाख से कम है।

शिक्षकों ने बदतमीजी और धमकी देने का आरोप

शिक्षक इसी नियमों को कुणाल को समझा रहे थे लेकिन वे इस बात को समझने को तैयार नहीं थे। बात इतनी बढ़ गई की तीखी नोक झोक भी हो गई है। जिसका बचाव करने के लिए अन्य प्रोफेसरों को बीच में आना पड़ा।

प्रोफेसर ललिता सिंह को कॉलेज से बाहर नहीं निकलने देने की धमकी भी दी। इस घटना का एक वीडियो  भी इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित है। शिक्षकों ने भी इस घटना को कैमरे में केद किया। लेकिन उन्होंने सार्वजनिक नहीं किया। वह वीडियो दैनिक जागरण के पास मौजूद है। वहीं कुणाल के इंस्टाग्राम अकाउंट से एक वीडिया इंटरनेट मीडिया पर साझा किया है जिस पर प्रोफेसरों ने आपत्ति जताई है।

घटना के बाद शिक्षकों में असुरक्षा की भावना

शिक्षक का कहना है कि एडमिशन देना बाद की प्रक्रिया है लेकिन हमारे साथ बदतमीजी करना बेहद शर्मनाक है। इससे हमारे भीतर असुरक्षा का भाव भी उत्पन्न हो गया है।

कुणाल बोले, जाति के आधार पर हो रहा था भेदभाव

कुणाल चौधरी का कहना है कि कॉलेज प्रशासन जाति के आधार पर छात्रों के साथ भेदभाव कर रहा था। जिस छात्र को पीजीडीएवी कॉलेज ने एडमिशन नहीं दिया। उसका एडमिशन अरबिंदो कॉलेज में उसी सर्टिफिकेट से हो गया है। प्रशासन अपनी गलती छिपा रहा है।

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