डूसू चुनाव जीतने के बाद सत्य निकेतन पहुंचे एबीवीपी के नवनिर्वाचित पदाधिकारी, ‘सत्य स्क्वायर’ पर दी श्रद्धांजलि
डूसू चुनाव जीतने के बाद एबीवीपी के नवनिर्वाचित पदाधिकारी सत्य निकेतन पहुंचे और 'सत्य स्क्वायर' पर श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने ...और पढ़ें

सत्य निकेतन पहुंचकर एबीवीपी डूसू पदाधिकारियों ने विद्यार्थियों को दी श्रद्धांजलि।
HighLights
डूसू पदाधिकारी सत्य निकेतन पहुंचे, 'सत्य स्क्वायर' पर श्रद्धांजलि अर्पित की।
छात्रों के अधिकारों, किराया वसूली, सुरक्षा मुद्दों पर सक्रिय रहने का संकल्प।
सत्य निकेतन घटना पीड़ितों के लिए मुआवजे हेतु आंदोलन जारी रखने की घोषणा।
जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रसंघ (डूसू) चुनाव में जीत के बाद नवनिर्वाचित डूसू पदाधिकारी सोमवार को सत्य निकेतन पहुंचे और ‘सत्य स्क्वायर’ पर श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान उन्होंने पूरे शैक्षणिक सत्र में छात्रों के अधिकारों और उनकी समस्याओं को लेकर सक्रिय रहने का संकल्प लिया। एबीवीपी ने कहा कि सत्य निकेतन में रहने वाले विद्यार्थियों की आवास, सुरक्षा और बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी समस्याओं को प्राथमिकता से उठाया जाएगा।
बुनियादी सुविधाओं की कमी से जुड़े मुद्दे उठाये
एबीवीपी दिल्ली के प्रदेश मंत्री सार्थक शर्मा ने कहा कि डूसू चुनाव में मिली जीत छात्रों के विश्वास की जीत है। छात्रसंघ का दायित्व केवल पद संभालने तक सीमित नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों की समस्याओं को प्रशासन और सरकार तक पहुंचाना भी है। उन्होंने कहा कि सत्य निकेतन समेत दिल्ली में पढ़ने वाले छात्रों के साथ किसी भी तरह का अन्याय नहीं होने दिया जाएगा।
नवनिर्वाचित डूसू अध्यक्ष यश डबास ने कहा कि सत्य स्क्वायर पहुंचना उनके लिए केवल औपचारिक कार्यक्रम नहीं है। उन्होंने कहा कि सत्य निकेतन में छात्रों से मनमाना किराया वसूली, बुनियादी सुविधाओं की कमी और सुरक्षा से जुड़े मुद्दे गंभीर हैं। डूसू पूरे वर्ष इन समस्याओं को लेकर सक्रिय रहेगा।
यश डबास ने कहा कि रूम रेंट रेगुलेशन एक्ट के क्रियान्वयन, सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने और छात्रों के कानूनी अधिकारों की रक्षा के लिए प्रशासन के समक्ष आवाज उठाई जाएगी। छात्रसंघ परिसर, हास्टल और निजी आवासों में रहने वाले विद्यार्थियों की समस्याओं को लगातार उठाएगा।

प्रदर्शन जारी रखेंगे डूसू उपाध्यक्ष
सत्य निकेतन घटना में प्रभावित छात्रों और उनके परिवारों को मुआवजा देने की मांग को लेकर डूसू के नवनिर्वाचित उपाध्यक्ष दीपांशु शौकीन ने आंदोलन जारी रखने की बात कही है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन से मांग पर कार्रवाई का आश्वासन मिला है, लेकिन अभी अंतिम निर्णय नहीं हुआ है।
दीपांशु ने बताया कि उन्होंने प्रशासन को पत्र सौंपा था, जिसके बाद वित्त अधिकारियों से भी राय मांगी गई है। उन्होंने कहा कि जब तक मुआवजे की प्रक्रिया शुरू नहीं होती, तब तक सत्याग्रह जारी रहेगा। मांग नहीं मानी गई तो धरना दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि छात्रों के मुद्दों पर साथ आने वाले सभी संगठनों के सहयोग से मांग को मजबूती से उठाया जाएगा।
