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DU में महिला सुरक्षा पर छात्राओं का मार्च, 'बिना डर पढ़ें और चलें' की उठाई आवाज; प्रशासन से मांगे ठोस कदम

Published: Tue, 29 Sep 2026 05:48 AM (IST)

डीयू में छात्राओं की सुरक्षा को लेकर मिरांडा हाउस से महिला सुरक्षा मार्च निकाला गया। छात्राओं ने विश्वविद्यालय परिसर में ...और पढ़ें

महिला सुरक्षा की मांग को लेकर डीयू में आयोजित मार्च में शामिल छात्राएं। जागरण

महिला सुरक्षा की मांग को लेकर डीयू में आयोजित मार्च में शामिल छात्राएं। जागरण

HighLights

  1. मिरांडा हाउस से छात्राओं ने महिला सुरक्षा मार्च निकाला।

  2. सुरक्षित, सम्मानजनक माहौल और मजबूत सुरक्षा की मांग की।

  3. शिकायतों के त्वरित निस्तारण पर जोर दिया गया।

जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। डीयू में छात्राओं की सुरक्षा का मुद्दा एक बार फिर जोर पकड़ रहा है। सोमवार को मिरांडा हाउस से विद्यार्थियों और छात्राओं ने महिला सुरक्षा मार्च निकाला।

मार्च के दौरान छात्राओं ने विश्वविद्यालय परिसर में सुरक्षित और सम्मानजनक माहौल उपलब्ध कराने, सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने तथा शिकायतों का त्वरित निस्तारण सुनिश्चित करने की मांग उठाई। मार्च में डूसू सचिव रिया छावड़ी समेत विभिन्न कालेजों के छात्र प्रतिनिधियों ने भी हिस्सा लिया।

छात्राओं को मिले निडर माहौल

एबीवीपी के मार्च में शामिल छात्राओं ने कहा कि विश्वविद्यालय परिसर में छात्राओं को बिना किसी डर के पढ़ाई और आवाजाही का माहौल मिलना चाहिए। सुरक्षा व्यवस्था केवल किसी घटना के बाद सक्रिय होने के बजाय नियमित रूप से प्रभावी रहनी चाहिए। विद्यार्थियों ने शिकायतों के लिए जवाबदेह और त्वरित व्यवस्था बनाने पर भी जोर दिया।

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डूसू अध्यक्ष यश डबास ने कहा कि महिला सुरक्षा केवल किसी एक घटना तक सीमित मुद्दा नहीं है। छात्राओं की सुरक्षा और सम्मान से जुड़े विषयों को लगातार विश्वविद्यालय प्रशासन के सामने उठाया जाएगा। उन्होंने सुरक्षित परिसर, शिकायतों के त्वरित निस्तारण और बेहतर सुरक्षा व्यवस्था के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की।

पिछले मामलों का उल्लेख

सचिव रिया छावड़ी ने कहा कि छात्राओं को विश्वविद्यालय में बिना भय के पढ़ने, आने-जाने और अपनी बात रखने का अधिकार है। उन्होंने कहा कि महिला सुरक्षा को लेकर सभी मामलों में समान संवेदनशीलता के साथ आवाज उठाई जानी चाहिए।

मार्च के दौरान छात्र नेताओं ने पिछले समय में सामने आए छात्राओं की सुरक्षा से जुड़े विभिन्न मामलों का भी उल्लेख किया। छात्र प्रतिनिधियों ने कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन को सुरक्षा व्यवस्था की नियमित समीक्षा कर छात्राओं के लिए सुरक्षित और सम्मानजनक परिसर सुनिश्चित करना चाहिए।

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