दिल्ली विश्वविद्यालय में PhD दाखिले पर बवाल, छात्रों के विरोध के बाद हिंदी-पॉलिटिकल साइंस के इंटरव्यू स्थगित
दिल्ली विश्वविद्यालय में पीएचडी दाखिले की प्रक्रिया को लेकर विवाद खड़ा हो गया है, जिसमें हिंदी और राजनीति विज्ञान विभागों में अनियमितताओं के आरोप लगे हैं।

दिल्ली यूनिवर्सिटी में पीएचडी दाखिलों को लेकर विरोध। फोटो: आर्काइव
जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू) में पीएचडी दाखिले की प्रक्रिया को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। हिंदी विभाग में सीटों के आवंटन और इंटरव्यू के लिए उम्मीदवारों को बुलाने के तरीके पर छात्रों ने सवाल उठाए हैं।
बुधवार को छात्रों ने विभाग में प्रदर्शन कर दाखिला प्रक्रिया में अनियमितता का आरोप लगाया। विरोध के बाद हिंदी और राजनीति विज्ञान विभाग में पीएचडी प्रवेश के लिए होने वाले इंटरव्यू स्थगित कर दिए गए।
छात्रों ने विश्वविद्यालय प्रशासन से नियमों के अनुरूप पारदर्शी प्रक्रिया अपनाने की मांग की है।
नेट उम्मीदवारों के लिए केवल 17 सीटें
हिंदी विभाग में 156 सीटों पर दाखिले के लिए करीब 300 उम्मीदवारों को इंटरव्यू के लिए बुलाया गया था। छात्रों का आरोप है कि इनमें नेट क्वालिफाई उम्मीदवारों के लिए केवल 17 सीटें रखी गईं, जबकि शेष सीटें जेआरएफ अभ्यर्थियों के लिए थीं।
नेट की 17 सीटों के लिए भी प्रति सीट पांच उम्मीदवारों के अनुपात में अभ्यर्थियों को बुलाया गया। छात्रों ने मंगलवार शाम को बुधवार के इंटरव्यू का शेड्यूल जारी करने पर भी आपत्ति जताई।
उनका कहना है कि दूसरे राज्यों से आने वाले उम्मीदवारों के लिए इतनी कम समय में पहुंचना मुश्किल है।
एबीवीपी ने उठाए आवेदन शुल्क पर सवाल
एबीवीपी की डीयू इकाई के मंत्री अक्षय प्रताप सिंह ने आरोप लगाया कि यूजीसी की तीन श्रेणियों नेट, केवल पीएचडी और जेआरएफ के तहत योग्य उम्मीदवारों को पर्याप्त अवसर नहीं मिल रहे हैं।
उन्होंने आवेदन शुल्क 750 रुपये होने पर भी सवाल उठाए। उन्होंने बताया कि छात्र गुरुवार को रजिस्ट्रार से मिलकर अपनी मांगें रखेंगे।
नियमों के अनुसार बुलाए गए उम्मीदवार: रजिस्ट्रार
वहीं, डीयू के रजिस्ट्रार डॉ. विकास गुप्ता ने कहा कि हिंदी विभाग में उम्मीदवारों को नियमों के अनुसार ही बुलाया गया है। प्रति सीट पांच उम्मीदवारों के हिसाब से 17 सीटों के लिए 85 अभ्यर्थियों को बुलाया जा सकता था।
उन्होंने कहा कि जेआरएफ क्वालिफाई उम्मीदवारों को प्राथमिकता देना नियमों के अनुरूप है। राजनीति विज्ञान विभाग में नेट श्रेणी के लिए प्रति सीट पांच उम्मीदवार बुलाने के नियम का पालन नहीं होने का मामला सामने आया था।
इसके बाद वहां भी इंटरव्यू स्थगित कर दिए गए।
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