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DU के छात्रों के लिए गुड न्यूज, 20,000 युवाओं को मिलेगी हॉस्टल सुविधा, जिम और वाई-फाई से होंगे लैस

Published: Mon, 12 Oct 2026 07:54 PM (IST)

दिल्ली विश्वविद्यालय ने ₹5157 करोड़ की लागत से हॉस्टल क्षमता बढ़ाने की योजना बनाई है। इससे 20,594 से अधिक छात्रों ...और पढ़ें

प्रतीकात्मक तस्वीर, एआई जेनरेटेड

प्रतीकात्मक तस्वीर, एआई जेनरेटेड

HighLights

  1. ₹5157 करोड़ की योजना से हॉस्टल क्षमता बढ़ेगी।

  2. 20,594 से अधिक छात्रों को मिलेगा नया आवास।

  3. आधुनिक सुविधाओं से लैस होंगे नए हॉस्टल ब्लॉक।

जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। डीयू में पढ़ने का सपना लेकर आने वाले हजारों छात्रों के लिए आने वाले वर्षों में आवास की सुविधा बेहतर होने की उम्मीद है। विश्वविद्यालय ने हॉस्टल क्षमता बढ़ाने के लिए बड़े स्तर पर बुनियादी ढांचे के विस्तार की योजना तैयार की है।

इसके तहत 5157 करोड़ रुपये की प्रस्तावित परियोजनाओं के माध्यम से 20,594 से अधिक छात्रों के रहने की क्षमता विकसित करने का खाका तैयार किया गया है। योजना साकार होने पर दूसरे राज्यों से आने वाले विद्यार्थियों को किफायती और सुरक्षित आवास उपलब्ध कराने की दिशा में मदद मिल सकती है।

ढाका परिसर से द्वारका तक होगा विस्तार

विश्वविद्यालय की कार्यकारी परिषद (ईसी) की बैठक के एजेंडे और प्रस्तुत प्रस्तावों के अनुसार, ढाका परिसर में लड़कों और लड़कियों के लिए बड़े हॉस्टल ब्लाक बनाने की योजना है।

इसके अलावा महिला आवास परियोजनाओं और अन्य आवासीय ब्लाकों को भी विकसित करने का प्रस्ताव है। नजफगढ़ स्थित वीर सावरकर कॉलेज और द्वारका वेस्ट कैंपस में 1036-1036 छात्रों के लिए हॉस्टल प्रस्तावित हैं। वहीं, सूरजमल विहार ईस्ट कैंपस में 2340 छात्रों की क्षमता वाला आवासीय ब्लाक विकसित करने की योजना है।

बाहर से आने वाले छात्राओं को मिलेगी राहत

इंटेक के चैयरमैन पंकज गर्ग ने कहा कि यह योजना सरकार के बजट से ही तय हो हेफा से नहीं। सेल्फ फाइनेंसिंग मोड में हो, पुराने हास्टल को नए बनाने से पहले छात्रों के नए हास्टल बनाएं ताकि जो छात्र पहले से वहां रहे है उनकी सीट कम न हो।

डीन ऑफ कालेजेस बलराम पाणी ने कहा कि इस योजना से बाहर से आने वाले छात्रों की सुरक्षा मजबूत होगी। हास्टल सीटों की संख्या में भी इजाफा होगा।

आधुनिक सुविधाओं से लैस होगा हॉस्टल

छात्रों की बढ़ती जरूरतों को ध्यान में रखते हुए मास्टर प्लान 2047 के तहत ऊंची इमारतों के माध्यम से उपलब्ध जमीन का बेहतर इस्तेमाल करने की योजना है।

प्रस्तावित इमारतों में 31 और 32 मंजिल तक के हॉस्टल शामिल हैं। इनमें तीन सीटर कमरे, बालकनी, संलग्न शौचालय, रीडिंग रूम, डाइनिंग हाल, जिम, वाई-फाई और लिफ्ट जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराने का प्रस्ताव है।

पुराने हास्टलों का भी होगा पुनर्विकास

योजना में जुबली हॉल और पीजी पुरुष हॉस्टल के पुनर्विकास के साथ अंतरराष्ट्रीय विद्यार्थियों के लिए अलग हॉस्टल बनाने का प्रस्ताव भी शामिल है। इससे विश्वविद्यालय में पढ़ने वाले भारतीय और विदेशी विद्यार्थियों की आवास संबंधी जरूरतों को पूरा करने में मदद मिल सकती है।

प्रस्तावित परियोजनाओं के लिए छह महीने की योजना प्रक्रिया और 24 महीने के निर्माण सहित 30 महीने की समयसीमा का खाका रखा गया है।

साउथ कैंपस वालों की नाराजगी

इंटेक के ईसी सदस्य अमन कुमार ने इस योजना का स्वागत किया है। लेकिन उन्होंने कहा कि नार्थ कैंपस के साथ अपनापन और साउथ कैंपस के साथ सौतेला व्यवहार किया जा रहा है।

सत्य निकेतन हादसा साउथ कैंपस की तरफ हुआ था लेकिन योजना नार्थ कैंपस की तरफ बनाई गई है। दोनों कैंपस के छात्रोँ की सुरक्षा एक जैसी होनी चाहिए इसमें छात्रों की रक्षा के साथ भेदभाव नहीं होना चाहिए।

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