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दिल्ली में बच्ची से दुष्कर्म के बाद हत्या, कैब ड्राइवर का लाइसेंस बना अहम सबूत; पुलिस ने दाखिल किया आरोपपत्र

Published: Sat, 12 Sep 2026 10:28 AM (IST)

दिल्ली के महरौली में 10 वर्षीय बच्ची के अपहरण, दुष्कर्म और हत्या मामले में पुलिस ने 1500 से अधिक पन्नों ...और पढ़ें

दिल्ली के महरौली में बच्ची से दुष्कर्म के बाद हत्या का मामला। AI जनरेटेड

दिल्ली के महरौली में बच्ची से दुष्कर्म के बाद हत्या का मामला। AI जनरेटेड

HighLights

  1. 10 वर्षीय बच्ची के अपहरण, दुष्कर्म और हत्या का मामला।

  2. आरोपी कैब चालक का ड्राइविंग लाइसेंस बना मुख्य साक्ष्य।

  3. पुलिस ने 1500 से अधिक पन्नों का आरोपपत्र दाखिल किया।

जागरण संवाददाता, दक्षिणी दिल्ली। दक्षिणी दिल्ली के महरौली थाना क्षेत्र से 10 वर्षीय बच्ची का अपहरण कर दुष्कर्म और फिर हत्या मामले में पुलिस ने 1,500 से अधिक पन्नों का आरोपपत्र दाखिल किया है। इसमें आरोपी कैब चालक की हर गतिविधि का ब्योरा दर्ज किया गया है।

शव को छिपाने की कोशिश के दौरान आरोपी का ड्राइविंग लाइसेंस गिर गया था। बाद में आरोपी के खिलाफ यही महत्वपूर्ण भौतिक साक्ष्य बना। आरोपपत्र के मुताबिक, आरोपी ने कई घंटे तक इलाके में गाड़ी घुमाई, दो राइड रद की और फिर छतरपुर 100 फुटा लाल बत्ती के पास लौटा, जहां 10 वर्षीय बच्ची माता-पिता के बीच में सो रही थी।

बड़े पत्थरों के नीचे छिपाने की कोशिश

पुलिस के मुताबिक, बच्ची के साथ दुष्कर्म और हत्या के बाद आरोपी ने गुरुग्राम के जंगल में बच्ची का शव जिस जगह फेंककर तीन बड़े पत्थरों के नीचे छिपाने की कोशिश की थी, वहां से मिला ड्राइविंग लाइसेंस मामले में महत्वपूर्ण भौतिक साक्ष्य के रूप में शामिल किया गया है।

आरोपी बाशु कुमार सिंह बच्ची का अपहरण करने से करीब एक घंटे पहले छतरपुर एक्सटेंशन पहुंचा था। उसने शुरू में उस फुटपाथ के पास से गाड़ी निकाली थी, जहां बच्ची अपने माता-पिता और तीन छोटे भाई-बहनों के साथ सो रही थी।

89 पन्नों का मुख्य विवरण

आरोपपत्र में 89 पन्नों का मुख्य विवरण शामिल है, जिसमें आरोपी की कार की तस्वीरें, बच्ची के परिवार के साथ फुटपाथ पर सोने की तस्वीरें, आरोपी के आने-जाने के रास्ते का ब्योरा और जंगल वाले इलाके में शव मिलने की जगह की तस्वीरें शामिल हैं।

आरोपी के कार की स्वचालित नंबर प्लेट पहचान प्रणाली (एएनपीआर) कैमरों से मिली तस्वीरें भी इनमें शामिल की गई हैं। पुलिस के मुताबिक इन तस्वीरों में सटीक समय दर्ज है, जिससे जांचकर्ताओं को अपराध से पहले और बाद में आरोपी की गतिविधियों का पता लगाने में मदद मिली।

मदद के लिए चिल्लाई थी बच्ची

आरोपपत्र के मुताबिक, गुरुग्राम से आने के बाद आरोपी संगम विहार में एक यात्री को छोड़ चुका था और करीब ढाई घंटे में उसने दो अन्य राइड रद कर दी थीं। इस दौरान वह दूसरी सवारी लेने के बजाय उसी इलाके में घूमता रहा, जहां से बाद में उसने बच्ची को उठाया।

अपहरण से करीब एक घंटे पहले वह घटनास्थल पर पहुंचा और मौके का इंतजार करने के बाद तड़के करीब 4 बजकर 15 मिनट पर बच्ची को उठा ले गया। इस दौरान बच्ची मदद के लिए चिल्लाई, जिससे उसके पिता की नींद खुल गई। पिता ने कुछ दूर तक वाहन का पीछा किया, लेकिन उसे पकड़ नहीं सके।

शव को जंगल में छिपाया

आरोपपत्र के अनुसार, बच्ची के साथ आरोपित ने मंडी गांव के पास वाहन में दुष्कर्म किया गया। इसके बाद गुरुग्राम-फरीदाबाद रोड की ओर गया, जहां बच्ची की हत्या कर शव को जंगल में छिपा दिया।

आरोपपत्र में मौत का कारण गला घोंटना और मुंह दबाना बताया गया है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने गमछे से बच्ची का गला घोंटा था, जिसे बाद में घटनास्थल से बरामद किया गया।

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