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दिल्ली जल बोर्ड का नया AI सिस्टम, पानी की शिकायतें अब 3 दिन में होंगी हल

Published: Mon, 30 Mar 2026 08:00 PM (IST)

दिल्ली जल बोर्ड ने पानी और सीवेज की शिकायतों के त्वरित समाधान के लिए AI चैटबॉट, CRM प्रणाली और DJB1916 ऐप लॉन्च किया है।

दिल्ली जल बोर्ड ने पानी और सीवेज की शिकायतों के त्वरित समाधान के लिए AI चैटबॉट, CRM प्रणाली और DJB1916 ऐप लॉन्च किया है। इमेज एआई

दिल्ली जल बोर्ड ने पानी और सीवेज की शिकायतों के त्वरित समाधान के लिए AI चैटबॉट, CRM प्रणाली और DJB1916 ऐप लॉन्च किया है। इमेज एआई

HighLights

  1. पानी-सीवेज शिकायतें अब AI चैटबॉट से तीन दिन में हल होंगी।

  2. DJB1916 ऐप से उपभोक्ता शिकायतें ट्रैक कर बिल भुगतान कर सकेंगे।

  3. ग्रीष्मकालीन योजना के तहत 1002 MGD पानी आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी।

राज्य ब्यूरो, नई दिल्ली। पानी और सीवेज से जुड़ी समस्याओं का समाधान अब तीन दिनों के भीतर किया जाएगा। इसे आसान बनाने के लिए, दिल्ली जल बोर्ड ने एक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित चैटबॉट, एक शिकायत निवारण प्रबंधन (CRM) प्रणाली और 'DJB1916' मोबाइल ऐप लॉन्च किया है।

शिकायत दर्ज करने के बाद, उपभोक्ता सीधे अपने मोबाइल फोन से उसकी प्रगति और समाधान के अनुमानित समय को ट्रैक कर सकेंगे। ऑनलाइन शिकायत निवारण प्रक्रिया तभी बंद की जाएगी, जब उपभोक्ता अपनी संतुष्टि की पुष्टि करते हुए फीडबैक देगा।

गर्मी के मौसम में पीने के पानी की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए, दिल्ली के जल मंत्री, प्रवेश वर्मा ने दिल्ली जल बोर्ड के मुख्यालय 'वरुणालय' में आयोजित एक कार्यक्रम में 'ग्रीष्मकालीन कार्य योजना 2026–27' का अनावरण किया।

इस योजना का लक्ष्य इस गर्मी में प्रतिदिन लगभग 1,002 मिलियन गैलन (MGD) पानी की उपलब्धता सुनिश्चित करना है। इस अवसर पर, उन्होंने AI-आधारित चैटबॉट, उन्नत CRM प्रणाली और DJB1916 मोबाइल ऐप लॉन्च किया।

इस डिजिटल प्रणाली से उपभोक्ताओं को होगा कैसे लाभ 

  • AI चैटबॉट के माध्यम से, उपभोक्ता दिन के 24 घंटे अपनी शिकायतें दर्ज कर सकेंगे। उपभोक्ताओं को जल बोर्ड की सेवाओं, बिलिंग और कनेक्शन के संबंध में तत्काल सहायता प्राप्त होगी।
  • CRM प्रणाली में, किसी भी माध्यम से प्राप्त शिकायतों को व्यवस्थित तरीके से दर्ज किया जाएगा और तेजी से संबंधित विभाग को भेजा जाएगा। इससे निगरानी और समाधान की प्रक्रिया तेज और अधिक पारदर्शी बनेगी। यदि कोई समस्या तीन दिनों के भीतर हल नहीं होती है, तो मामले को वरिष्ठ अधिकारी के पास भेज दिया जाएगा।
  • DJB1916 मोबाइल ऐप के माध्यम से, उपभोक्ता सीधे अपने मोबाइल फोन से पानी के बिल का भुगतान कर सकेंगे, आपूर्ति की स्थिति की जांच कर सकेंगे और अपनी शिकायतों की स्थिति को ट्रैक कर सकेंगे। यह ऐप Android और iOS दोनों ऑपरेटिंग सिस्टम पर उपलब्ध है। उपभोक्ता इसे संबंधित ऐप स्टोर से डाउनलोड कर सकते हैं।
  • अधिकारियों का कहना है कि जियो-इंटेलिजेंट तकनीक का उपयोग करके, शिकायतों को सटीक स्थान डेटा के साथ संबंधित कर्मियों तक पहुंचाया जाएगा।

ग्रीष्मकालीन कार्य योजना के तहत निर्धारित लक्ष्य

  • सभी जल उपचार संयंत्र (WTPs) अपनी पूरी क्षमता से संचालित होंगे।
  • कच्चे पानी की गुणवत्ता की निरंतर निगरानी।
  • पुरानी पंपिंग प्रणालियों और मशीनरी का उन्नयन।
  • पानी की कमी वाले इलाकों पर खास ध्यान।
  • स्थानीय स्तर पर पानी की उपलब्धता बढ़ाने के लिए नए ट्यूबवेल लगाए जाएंगे।
  • पानी के जलाशयों की सफाई, रखरखाव और लीकेज पर नियंत्रण।
  • पानी के टैंकरों के लिए 13,000 तय पॉइंट रखे गए हैं, जो पहले 8,700 थे।
  • टैंकरों के काम पर GPS ट्रैकिंग, रियल-टाइम निगरानी और डिजिटल रूटिंग सिस्टम से नजर रखी जाएगी।
  • पानी के सैंपल की जांच और क्वालिटी के मानकों का सख्ती से पालन।

पहले, सिस्टम धीमा था, जानकारी कम थी और जवाबदेही साफ नहीं थी। अब, टेक्नोलॉजी की मदद से, हर शिकायत पर नजर रखी जाएगी। हर शिकायत और मुद्दे का पूरा रिकॉर्ड रखा जाएगा, और हर अधिकारी को जवाबदेह ठहराया जाएगा। सभी को साफ पीने का पानी उपलब्ध कराना साथ ही यमुना नदी की सफाई का काम सिर्फ एक प्रशासनिक जिम्मेदारी नहीं, बल्कि एक नैतिक कर्तव्य है।

अगर यमुना साफ हो जाती है, तो दिल्ली में जीवन की गुणवत्ता बेहतर होगी। अगर पानी की सप्लाई साफ और पूरी हो, तो इससे हर घर में आत्मविश्वास और भरोसे की भावना पैदा होगी। सरकार ने 50 साल की विजन योजना पर भी काम शुरू कर दिया है।

- प्रवेश वर्मा (दिल्ली के जल मंत्री)

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