दिल्ली में BS-4 पर बैन से इंटरस्टेट यात्री परेशान, CAQM और सरकार से ट्रांजिट कॉरिडोर्स पर छूट देने की गुहार
दिल्ली में बीएस-4 वाहनों पर प्रतिबंध से अंतरराज्यीय यात्रियों को परेशानी हो रही है। सीएक्यूएम और पर्यावरण मंत्री ने वैध ...और पढ़ें

ट्रांजिट कॉरिडोर्स पर छूट देने की मांग की गई। फोटो: आर्काइव
संजीव गुप्ता, नई दिल्ली। दिल्ली में वायु प्रदूषण पर अंकुश लगाने के लिए बीएस-6 से कम उत्सर्जन मानक वाले वाहनों की दिल्ली में एंट्री पर पाबंदी के बीच अंतरराज्यीय यात्रियों की परेशानी का मुद्दा भी उठ गया है।
वैध पंजीकरण और प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र (पीयूसीसी) वाले बीएस-4 वाहनों को दिल्ली से होकर गुजरने वाले एक्सप्रेसवे और निर्धारित ट्रांजिट कॉरिडोर पर छूट देने की मांग की गई है।
इसे लेकर पर्यावरण कार्यकर्ता अमित गुप्ता की ओर से भेजे गए पत्र को वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) ने दिल्ली के परिवहन आयुक्त को अग्रसारित किया है। वहीं पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने भी पत्र परिवहन आयुक्त और पर्यावरण सचिव को विचार करने के लिए भेजा है।
पत्र में कहा गया है कि दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे जैसे नए संपर्क मार्गों के शुरू होने से उत्तराखंड, दिल्ली, हरियाणा और पंजाब के बीच सड़क मार्ग से आवाजाही बढ़ रही है।
ऐसे में दिल्ली से होकर गुजरने वाले यात्रियों के लिए वाहन प्रतिबंधों का असर केवल राजधानी में आने-जाने तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि दूसरे राज्यों के बीच यात्रा करने वालों को भी परेशानी हो सकती है।
लंबे रास्ते से बढ़ेगा ईंधन खर्च और प्रदूषण
पत्र के मुताबिक, यदि बीएस-4 वाहनों को दिल्ली में केवल पारगमन के लिए भी प्रवेश नहीं मिलता है, तो यात्रियों को गाजियाबाद और ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे जैसे वैकल्पिक मार्गों का इस्तेमाल करना पड़ सकता है।
इससे यात्रा की दूरी और समय बढ़ने के साथ ईंधन की खपत भी बढ़ेगी। वैकल्पिक मार्गों पर वाहनों का अतिरिक्त दबाव यातायात जाम और प्रदूषण की समस्या को भी बढ़ा सकता है।
तर्क दिया गया है कि प्रदूषण नियंत्रण के उद्देश्य से लागू प्रतिबंधों की समीक्षा करते समय उनके अप्रत्यक्ष प्रभावों को भी ध्यान में रखा जाना चाहिए।
खासकर उन वाहनों के मामले में जो दिल्ली में स्थानीय यात्रा के लिए नहीं, बल्कि एक राज्य से दूसरे राज्य जाने के लिए राजधानी से गुजरते हैं।
निर्धारित कॉरिडोर पर छूट देने का सुझाव
पत्र में सीएक्यूएम से अनुरोध किया गया है कि पर्यावरणीय और कानूनी रूप से संभव होने पर निर्धारित एक्सप्रेसवे और ट्रांजिट कॉरिडोर पर अंतरराज्यीय वाहनों को छूट देने पर विचार किया जाए।
इसके साथ ही बीएस-4 वाहनों पर लागू प्रतिबंधों के प्रभाव की समीक्षा करने और प्रभावित वाहन मालिकों के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी करने की मांग की गई है।
पत्र में उचित संक्रमण अवधि देने का सुझाव भी दिया गया है, ताकि वैध पंजीकरण और जरूरी अनुपालन दस्तावेज रखने वाले वाहन मालिकों को अचानक कठिनाइयों का सामना न करना पड़े।
हालांकि बीएस-4 वाहनों को छूट देने पर अंतिम निर्णय संबंधित अधिकारियों को प्रदूषण नियंत्रण की जरूरत, वाहनों के उत्सर्जन और निगरानी व्यवस्था को ध्यान में रखकर लेना होगा।
परिवहन विशेषज्ञ और पूर्व परिवहन उपायुक्त अनिल छिकारा भी इस प्रतिबंध को अव्यवहारिक बताते हैं। उनका कहना है कि वैसे भी बीएस -4 और बीएस-6 वाहनों का टेलपाइप उत्सर्जन एक समान ही है। ऐसे में अंतरराज्जीय यात्रियों को भी ध्यान में रखकर प्रतिबंध और छूट का निर्णय लिया जाना चाहिए।
- अनिल छिकारा, पूर्व परिवहन आयुक्त एवं परिवहन विशेषज्ञ
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