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दिल्ली में कूड़े का विस्फोट: ऑनलाइन फूड डिलीवरी और पैकेजिंग से बढ़ा बोझ, 2027 का अनुमान 2026 में ही पार

Published: Tue, 14 Apr 2026 06:00 AM (IST)

राजधानी दिल्ली में कूड़ा उत्पादन अनुमान से कहीं अधिक बढ़ गया है, 2027 का लक्ष्य 2026 में ही पार हो ...और पढ़ें

राजधानी में आंकलन से ज्यादा उत्पन्न हो रहा है कूड़ा। (AI Generated Image)

राजधानी में आंकलन से ज्यादा उत्पन्न हो रहा है कूड़ा। (AI Generated Image)

HighLights

  1. दिल्ली में कूड़ा उत्पादन 2027 के अनुमान से पहले बढ़ा।

  2. ऑनलाइन फूड डिलीवरी, आबादी वृद्धि मुख्य कारण बताए गए।

  3. एमसीडी वेस्ट-टू-एनर्जी प्लांट क्षमता बढ़ा रही है।

निहाल सिंह, नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में कूड़ा उत्पन्न होने की मात्रा इतनी तेजी से बढ़ रही है कि 2027 में उत्पन्न होने वाले कूड़े की मात्रा 2026 में ही पहुंच गई है।

एमसीडी की दिल्ली सरकार को सौंपी गई ताजा रिपोर्ट के अनुसार राजधानी दिल्ली में कूड़ा उत्पन्न होने की मात्रा 11300 मीट्रिक टन प्रतिदिन की अपेक्षा में 12847 मीट्रिक टन प्रतिदिन हो गई है।

जबकि एमसीडी ने पूर्व में अनुमान लगाया था कि वर्ष 2027 दिल्ली में कूड़ा उत्पन्न होने की मात्रा 12803 होगी। यानि तय अनुमान से ज्यादा ही कूड़ा उत्पन्न दिल्ली में होने लगा है।

ऑनलाइन फूड डिलीवरी को ठहराया जिम्मेदार

एमसीडी के अधिकारी इसके लिए तेजी से बढ़ते आनलाइन फूड डिलीवरी और वस्तु पैकेजिंग को इसके लिए जिम्मेदार मानते हैं। साथ ही दिल्ली में बढ़ती आबादी भी इसके लिए जिम्मेदार है।

हालांकि हाल ही में एमसीडी द्वारा चलाए गए विशेष सफाई अभियानों का भी यह असर माना जा रहा है। जिसकी वजह से दिल्ली में 1500 मीट्रिक टन अतिरिक्त कूड़ा उत्पन्न होने लगा है।

एमसीडी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि एमसीडी ने खासतौर पर रेलवे ट्रेक के आस-पास जमे कचरे को साफ करने का अभियान चलाया। इसके अलावा एमसीडी और डीडीए के इलाकों में खाली प्लाट में भी जमा कूड़े को अभियान चलाकर साफ किया गया।

राजधानी दिल्ली में 103 किलोमीटर रेलवे के ट्रेक है। जहां से 18 हजार मीट्रिक टन कूड़ा एमसीडी ने साफ किया है। जिसकी वजह से कूड़ा उत्पन्न होने की मात्रा बढ़ गई है।

निगम कर रहा तैयारी

अधिकारी ने बताया कि एक अध्ययन में यह बात सामने आई थी कि 2004 तक दिल्ली में जहां प्रति व्यक्ति 500 ग्राम कूड़ा उत्पन्न होता था वह 2014 में बढ़कर 600 ग्राम हो गया है।

साथ ही आनलाइन डिलवरी के बढ़ते प्रचलन की वजह से इसकी मात्रा अब 650 से 700 ग्राम प्रति व्यक्ति होने की संभावना है।

हालांकि अधिकारियों का दावा है कि वर्ष 2028 तक दिल्ली में 15,292 मीट्रिक टन प्रतिदिन कूड़ा उत्पन्न होने लगेगा। ऐसे में निगम इसके निस्तारण की क्षमता का मिलान करने के लिए वेस्ट टू एनर्जी प्लांट और मेटेरियल रिकवरी सेंटर के साथ ही खाद बनाने की क्षमता की वृद्धि कर रही है।

कूड़ा उत्पन्न होने का अनुमान

वर्ष कुल कूड़ा सूखा कूड़ा गीला कूड़ा
2025 12069 7241 4828
2026 12391 7435 4957
2027 12803 7682 5121
2028 13229 7938 5292

अभी निगम द्वारा कूड़ा निस्तारण (टन प्रतिदिन)

प्लांट क्षमता (TPD)
वेस्ट टू एनर्जी प्लांट ओखला 1550
नरेला बवाना कूड़ा निस्तारण प्लांट 2500
वेस्ट टू एनर्जी गाजीपुर 1300
वेस्ट टू एनर्जी तेहखंड 2000
सीबीजी प्लांट घोघा 100
211 क्षेत्रीय कंपोस्ट पिट 543

प्रस्तावित कूड़ा निस्तारण योजना

योजना क्षमता (TPD) समापन वर्ष
ओखला वेस्ट टू एनर्जी विस्तार 1000 मार्च 2027
नरेला-बवाना वेस्ट टू एनर्जी 3000 दिसंबर 2028
गाजीपुर वेस्ट टू एनर्जी 2000 दिसंबर 2028
तेहखंड वेस्ट टू एनर्जी विस्तार 1000 दिसंबर 2027
बायो सीएनजी प्लांट ओखला 300 दिसंबर 2027
सीएनजी प्लांट गाजीपुर 350 दिसंबर 2027

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