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रूस हाउस में रामलीला के 12 प्रसंगों का मंचन, 10 देशों के राजनयिक रामलीला देख बोले- जय श्रीराम

Published: Sat, 26 Sep 2026 10:22 PM (IST)

दिल्ली की 103 वर्ष पुरानी श्री धार्मिक लीला कमेटी ने रूस हाउस में विशेष रामलीला का मंचन किया, जिसमें रूस सहित 10 से अधिक देशों के राजनयिकों ने भाग लिया।

रूस हाउस में आयोजित रामोत्सव में भावपूर्ण मंचन में राम। फोटो: आयोजक

रूस हाउस में आयोजित रामोत्सव में भावपूर्ण मंचन में राम। फोटो: आयोजक

HighLights

  1. रूस हाउस में श्री धार्मिक लीला कमेटी ने किया रामलीला मंचन।

  2. 10 से अधिक देशों के राजनयिकों ने कार्यक्रम में भाग लिया।

  3. भगवान राम के शाश्वत संदेश को वैश्विक मंच पर जीवंत किया गया।

जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। दिल्ली की प्रतिष्ठित और ऐतिहासिक 103 वर्ष पुरानी श्री धार्मिक लीला कमेटी द्वारा रूस हाउस में विशेष दो घंटे की रामलीला का भावपूर्ण मंचन किया गया। भारत और रूस के बीच प्रगाढ़ और प्रगाढ़ होते ऐतिहासिक संबंधों की पृष्ठभूमि में आयोजित इस सांस्कृतिक संध्या ने दोनों देशों के मैत्रीपूर्ण रिश्तों में एक नया अध्याय जोड़ दिया।

कार्यक्रम में रूस के अलावा सुरिनाम, मंगोलिया, श्रीलंका, मारीशस, मिस्र, ब्राजील, ताजिकिस्तान, फिलिस्तीन, ईरान और इथियोपिया के राजनयिकों व प्रतिनिधियों ने सहभागिता की। रूस हाउस के सहयोग से आयोजित इस मंचन में नाट्य प्रस्तुति के जरिए भगवान राम के जीवन, सत्य, करुणा और मर्यादा के शाश्वत संदेश को वैश्विक मंच पर जीवंत किया गया।

विशेष रामलीला में गणेश वंदना, राम जन्म, दशरथ कैकई संवाद, शंकर पार्वती संवाद, धनुष यज्ञ, रावण वध जैसे 12 प्रसंगों का मंचन किया गया। विशेष कि जय श्री राम की गूंज के साथ प्रभु राम के भावपूर्ण संदेश ने सभी विदेशी राजनयिक को सम्मोहित किया तथा रामायण के मंचन को अपने देशों तक पहुंचाने पर जोर दिया।

श्री धार्मिक लीला कमेटी के महासचिव धीरज धर गुप्ता ने कहा कि भगवान राम के आदर्श केवल भारत तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे संपूर्ण मानवता को धर्म और कर्तव्य का मार्ग दिखाते हैं। कमेटी के सचिव प्रदीप शरण और पदाधिकारी रवि जैन ने रेखांकित किया कि विदेशी प्रतिनिधियों की इस भागीदारी ने सिद्ध किया है कि रामायण का संदेश सीमाओं से परे जाकर वैश्विक स्तर पर सौहार्द और संवाद को बढ़ावा देता है।

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