दिल्ली सरकार की नई औद्योगिक नीति: युवाओं को रोजगार, महिलाओं को मदद और छोटे उद्योगों को मिलेगी नई तकनीक की ताकत
दिल्ली सरकार की नई औद्योगिक नीति का लक्ष्य युवाओं के लिए रोजगार बढ़ाना, महिला उद्यमियों को सशक्त करना और छोटे उद्योगों को आधुनिक बनाना है।
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युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। AI जनरेटेड
HighLights
युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।
महिला उद्यमियों और छोटे उद्योगों को प्रोत्साहन।
आधुनिक तकनीक व पर्यावरण अनुकूल उद्योगों पर जोर।
राज्य ब्यूरो, नई दिल्ली। दिल्ली सरकार की नई औद्योगिक नीति का असर केवल बड़े निवेश और कंपनियों तक सीमित नहीं रहेगा। इसके जरिये युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाने, महिलाओं को कारोबार में आगे बढ़ाने, छोटे उद्योगों को आधुनिक बनाने और कचरे के बेहतर प्रबंधन से जुड़ी इकाइयों को प्रोत्साहित करने की तैयारी है।
दिल्ली की नई औद्योगिक नीति के तहत उद्योगों को निवेश, कार्यालय के किराये, नई नियुक्तियों, अनुसंधान, प्रमाणन, तकनीकी सुधार और ऊर्जा बचाने के लिए आर्थिक सहायता दी जाएगी।
सरकार का लक्ष्य कम प्रदूषण फैलाने वाले और आधुनिक तकनीक पर आधारित उद्योगों को बढ़ावा देना है, ताकि दिल्ली में निवेश बढ़ने के साथ रोजगार के नए अवसर भी तैयार हों।
किस क्षेत्र को कितनी मिलेगी आर्थिक सहायता
सूचना प्रौद्योगिकी और डिजिटल सेवाएं
- सूचना प्रौद्योगिकी, इससे जुड़ी सेवाओं और डिजिटल कारोबार में निवेश करने पर तीन साल तक डिजिटल ढांचे पर खर्च की 25 प्रतिशत राशि मिलेगी। इसकी अधिकतम सीमा 10 करोड़ रुपये होगी। महिला उद्यमियों के लिए यह सीमा 12 करोड़ रुपये होगी।
- कार्यालय के किराये में तीन साल तक 40 प्रतिशत सहायता मिलेगी, जो अधिकतम दो करोड़ रुपये होगी।
- इंटरनेट की तेज गति और कंप्यूटर पर उपलब्ध सेवाओं के खर्च में भी दो साल तक 25 प्रतिशत सहायता मिलेगी। इसकी सीमा सालाना 10 लाख रुपये होगी। हर नई नियुक्ति पर 40 से 50 हजार रुपये दिए जाएंगे।
डेटा सेंटर
- डेटा सेंटर को सुरक्षित रखने और उनका इस्तेमाल करने वाले केंद्रों में निवेश पर 10 करोड़ रुपये तक की सहायता मिलेगी। महिला उद्यमियों के लिए यह सीमा 12 करोड़ रुपये होगी।
- ऐसे केंद्रों में बिजली और पानी की बचत करने वाली तकनीक को भी बढ़ावा दिया जाएगा।
स्वास्थ्य सेवाएं और स्वास्थ्य संवर्धन
स्वास्थ्य सेवाओं और स्वास्थ्य संवर्धन से जुड़ी इकाइयों को निवेश के लिए 10 करोड़ रुपये तक की सहायता मिलेगी। महिला उद्यमियों के लिए यह सीमा 12 करोड़ रुपये होगी। प्रत्येक नए विशेषज्ञ चिकित्सक की नियुक्ति पर 50 से 60 हजार रुपये तक दिए जाएंगे।
शहरी माल ढुलाई और भंडारण
नई भंडारण इकाइयों को 10 करोड़ रुपये तक की सहायता मिलेगी। महिला उद्यमियों के लिए यह सीमा 12 करोड़ रुपये होगी। पहले से चल रही इकाइयां भी एक करोड़ रुपये तक की सहायता ले सकेंगी।
वैश्विक क्षमता केंद्र
- बहुराष्ट्रीय कंपनियों के ऐसे केंद्रों को, जहां से कई देशों के कामकाज का संचालन होता है, पहले पांच साल में डिजिटल ढांचा तैयार करने के लिए 50 करोड़ रुपये तक की सहायता मिलेगी। महिला उद्यमियों के लिए यह सीमा 60 करोड़ रुपये होगी।
- कार्यालय के किराये में दो साल तक 40 प्रतिशत सहायता मिलेगी, जिसकी अधिकतम सीमा दो करोड़ रुपये है। हर नई नियुक्ति पर एक लाख से 1.20 लाख रुपये तक दिए जाएंगे।
अनुसंधान और परीक्षण केंद्र
नई तकनीक और उत्पादों के विकास तथा उनकी जांच करने वाली इकाइयों को 10 करोड़ रुपये तक की सहायता मिलेगी। प्रत्येक पेटेंट के लिए पांच लाख रुपये दिए जाएंगे। अधिकतम चार पेटेंट के लिए सहायता मिलेगी।
- प्रयोगशाला को मान्यता दिलाने के खर्च पर 25 लाख रुपये तक मिल सकेंगे।
- कोल्ड स्टोरेज और सामान को सुरक्षित तापमान पर रखने वाली सुविधाओं के लिए दो करोड़ रुपये तक मिलेंगे।
- माल ढुलाई में नई तकनीक अपनाने पर 50 लाख रुपये और स्वच्छ ऊर्जा के इस्तेमाल पर दो करोड़ रुपये तक की सहायता दी जाएगी।
पर्यावरण अनुकूल उद्योग
- पानी की कम खपत करने वाली शीतलन प्रणालियों, ऊर्जा बचत और कचरे के दोबारा इस्तेमाल को बढ़ावा देने के लिए सहायता दी जाएगी।
- कचरे का प्रबंधन करने और संसाधनों के बेहतर उपयोग वाली इकाइयों को भी नीति के तहत प्रोत्साहन मिलेगा।
उन्नत विनिर्माण
आधुनिक तकनीक से बेहतर और सटीक उत्पाद बनाने वाली इकाइयों को प्रोत्साहन दिया जाएगा। उद्योगों में तकनीकी सुधार, मशीनों के आधुनिकीकरण और ऊर्जा बचाने के उपायों के लिए सहायता मिलेगी।
कौशल विकास और छोटे उद्योग
उद्योगों की जरूरत के अनुसार युवाओं को प्रशिक्षण देने और कर्मचारियों के कौशल में सुधार के लिए मदद दी जाएगी। सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योगों को भी नई तकनीक अपनाने और उत्पादन क्षमता बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।
दिल्ली में नए उद्योग स्थापित होंगे, निवेश बढ़ेगा और युवाओं के लिए रोजगार मिलेगा-रेखा गुप्ता
नई नीति के माध्यम से दिल्ली को आधुनिक तकनीक, बहुराष्ट्रीय कंपनियों के संचालन केंद्रों, डेटा सेंटर, अनुसंधान, स्वास्थ्य सेवाओं, माल ढुलाई और उन्नत विनिर्माण का प्रमुख केंद्र बनाया जाएगा।
नीति में पर्यावरण संरक्षण, ऊर्जा की बचत, पानी का कम इस्तेमाल और कचरे को घटाने पर भी जोर दिया गया है। मेरा मानना है कि इससे नए उद्योग स्थापित होंगे, निवेश बढ़ेगा और युवाओं के लिए रोजगार के अवसर तैयार होंगे। यही सरकार की साेंच और प्रयास है। - रेखा गुप्ता, मुख्यमंत्री दिल्ली
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