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कुतुब मीनार, हुमायूं का मकबरा समेत दिल्ली के 10 स्मारकों का होगा संरक्षण, ASI ने बनाई प्राथमिकता सूची

Published: Sun, 13 Sep 2026 04:42 PM (IST)

भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआइ) दिल्ली के 10 ऐतिहासिक स्मारकों में बड़े पैमाने पर संरक्षण कार्य शुरू कर रहा है, जिनमें हौजखास, जंतर-मंतर और कुतुबमीनार जैसे प्रमुख स्थल शामिल हैं।

एआई जेनेरेटेड इमेज।

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HighLights

  1. एएसआइ दिल्ली के 10 ऐतिहासिक स्मारकों का संरक्षण करेगा।

  2. संरक्षण कार्य में संरचनात्मक सुधार और सुविधाएं बढ़ाना शामिल।

  3. कार्य के दौरान पर्यटकों का प्रवेश कुछ हिस्सों में प्रतिबंधित रहेगा।

राज्य ब्यूरो, नई दिल्ली। दिल्ली के ऐतिहासिक स्मारकों को संरक्षित करने के लिए भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआइ) की ओर से बड़े स्तर पर संरक्षण कार्य शुरू होने जा रहा है।

पहले चरण में राजधानी के 10 स्मारकों में संरक्षण कार्य को प्राथमिकता वाली सूची में लिया गया है।

इनमें हौजखास, जंतर-मंतर और अग्रसेन की बावली, कुतुबमीनार परिसर और सफदरजंग मकबरा, हुमायूं का मकबरा, तुगलकाबाद किला और गयासुद्दीन तुगलक का मकबरा, कोटला फिरोज शाह और पुराना किला जैसे स्मारक शामिल हैं।

हालांकि कुछ में काम शुरू भी हुअा है, मगर उसकी अभी गति धीमी है। संरक्षण कार्य वाले हिस्सों में पर्यटकों के प्रवेश पर प्रतिबंध रहेगा।

एएसआइ की ओर से ऐतिहासिक इमारतों की संरचनात्मक सुरक्षा, रखरखाव और संरक्षण के लिए समय-समय पर कार्य किए जाते हैं। इन कार्यों के दौरान स्मारकों के उन हिस्सों में आम लोगों का प्रवेश रोक दिया जाता है, जहां संरक्षण कार्य या अन्य संरक्षण गतिविधियां चल रही होती हैं।

इसका उद्देश्य पर्यटकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के साथ ही ऐतिहासिक धरोहरों को किसी तरह के नुकसान से बचाना है।

किस स्मारक में क्या होना है काम

हौजखास और कोटला फिरोज शाह परिसर में स्मारकों में संरचनात्मक काम हाेना है। तुगलकाबाद किले और गयासुद्दीन तुगलक के मकबरे में पर्यटकों के लिए सुविधाओं को बेहतर बनाया जाना है।

कुतुब मीनार परिसर में पहुंच को आसान बनाने के सुधारों के साथ-साथ सलीमगढ़ किले में सिग्नल रेजिमेंट बिल्डिंग के संरक्षण कार्य होना है। मध्य दिल्ली में जंतर-मंतर और अग्रसेन की बावली में भी काम होना है, यहां काम की शुरू शुरुआत हुई है।

सफदरजंग मकबरे में मस्जिद और उससे जुड़ी कोठरियों का संरक्षण कार्य पूरा किया जाना है, जबकि हुमायूं के मकबरे में लोगों के लिए सुविधाओं को बेहतर बनाया जाना है।

स्मारकाें के संरक्षण पर पहले से कम होता जा रहा खर्च

दिल्ली मंडल को 2021-22 में 19.10 करोड़ रुपये आवंटित किए गए थे, जिसमें से लगभग पूरी रकम खर्च हो गई। 2022-23 में आवंटन बढ़कर 30.50 करोड़ रुपये हो गया और खर्च भी लगभग 30.50 करोड़ रुपये हुआ।

2023-24 में 36.61 करोड़ रुपये आवंटित किए गए और संरक्षण व संबंधित कार्यों पर लगभग 36.57 करोड़ रुपये खर्च किए गए। 2024-25 में आवंटन घटकर 17.85 करोड़ रुपये हो गया, जब खर्च लगभग 17.85 करोड़ रुपये था।

2025-26 के लिए 28.70 करोड़ रुपये आवंटित किए गए, जिसमें से लगभग 28.67 करोड़ रुपये खर्च किए गए।

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