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180 KM की रफ्तार वाली नमो भारत का रास्ता साफ, बिजली की 38 हाई-टेंशन लाइनें होंगी शिफ्ट; TPDDL से करार

Published: Wed, 28 Oct 2026 08:52 PM (IST)

दिल्ली-पानीपत-करनाल नमो भारत कॉरिडोर के निर्माण में बाधा बन रही बिजली लाइनों को हटाने के लिए टाटा पावर-डीडीएल और एनसीआरटीसी के बीच समझौता हुआ है।

अब तेजी होगा दिल्ली पानीपत लाइन पर काम। फोटो: आर्काइव

अब तेजी होगा दिल्ली पानीपत लाइन पर काम। फोटो: आर्काइव

राज्य ब्यूरो, नई दिल्ली। दिल्ली-पानीपत-करनाल नमो भारत (आरआरटीएस) कॉरिडोर के निर्माण के बीच आ रहीं बिजली की बड़ी लाइनें और उपकरण बाधा नहीं बनेंगे।

इसके लिए टाटा पावर-डीडीएल और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम (एनसीआरटीसी) के बीच समझौता हुआ है। इसके तहत कॉरिडोर के रास्ते में आने वाली बिजली की लाइनों और उपकरणों को स्थानांतरित किया जाएगा।

यह काम शुरू होने के बाद लगभग एक वर्ष में पूरा करने का लक्ष्य है।

बिजली की लाइनों को किया जाएगा स्थानांतरित

समझौते के अनुसार, टाटा पावर-डीडीएल बिजली नेटवर्क की निगरानी करने के साथ उच्च, मध्यम और निम्न वोल्टेज की लाइनों को स्थानांतरित करने के लिए आवश्यक मंजूरियां देने में सहयोग करेगा।

इससे निर्माण कार्य निर्बाध रूप से आगे बढ़ सकेगा। साथ ही बिजली आपूर्ति की विश्वसनीयता और सुरक्षा मानकों का भी ध्यान रखा जाएगा। इस राष्ट्रीय महत्व की परियोजना की निगरानी केंद्र सरकार के पीएमजी पोर्टल के माध्यम से की जा रही है।

38 उच्च क्षमता वाली बिजली लाइनें बन रहीं बाधा

कॉरिडोर के निर्माण के रास्ते में 765, 400, 132 और 66 किलोवोल्ट की 38 उच्च क्षमता वाली बिजली पारेषण लाइनें हैं। इसके अलावा 33 और 11 किलोवोल्ट की लाइनों तथा अन्य बिजली उपकरणों को भी जरूरत के अनुसार स्थानांतरित करना होगा।

इन नेटवर्कों का प्रबंधन विभिन्न बिजली कंपनियों और एजेंसियों के पास है। टाटा पावर-डीडीएल की ओर से किरण गुप्ता और एनसीआरटीसी की ओर से कंपनी सचिव विजय कुमार ने समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए।

इस पहल से विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय बढ़ेगा और क्षेत्रीय परिवहन संपर्क को मजबूत करने वाली परियोजना के निर्माण में तेजी लाने में मदद मिलेगी।

136.3 किलोमीटर लंबा होगा कॉरिडोर

दिल्ली-पानीपत-करनाल कॉरिडोर की लंबाई लगभग 136.3 किलोमीटर होगी। इस पर कुल 21 स्टेशन प्रस्तावित हैं, जिनमें छह दिल्ली और 15 हरियाणा में होंगे। कॉरिडोर में 124.82 किलोमीटर एलिवेटेड और 11.48 किलोमीटर भूमिगत ट्रैक शामिल हैं।

नमो भारत ट्रेन की अधिकतम रफ्तार 180 किलोमीटर प्रति घंटा होगी, जबकि इसकी औसत परिचालन गति लगभग 160 किलोमीटर प्रति घंटा प्रस्तावित है। यात्रियों को हर पांच से दस मिनट में ट्रेन उपलब्ध कराने की योजना है।

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