दिल्ली-NCR में बदला मौसम: तेज हवाओं के साथ बारिश, उस्मानपुर-ब्रह्मपुरी में ओले गिरे; गर्मी से मिली राहत
दिल्ली-एनसीआर में भीषण गर्मी के बीच मौसम अचानक बदल गया है, जहां तेज हवाओं के साथ बादल छा गए हैं। ...और पढ़ें
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। Delhi Weather दिल्ली-एनसीआर में भीषण गर्मी के बीच अचानक से मौसम का मिजाज बदल गया है। दिल्ली समेत एनसीआर के शहरों में तेज आंधी के साथ बारिश भी हुई।
उधर, पूर्वी दिल्ली के उस्मानपुर व ब्रह्मपुरी क्षेत्र में बारिश के साथ जमकर ओलावृष्टि हुई है। बारिश होने से लोगों को गर्मी से बड़ी राहत मिली है।
तेज हवाओं से उड़ गए टिन-शेड
बारिश के साथ-साथ तेज हवाओं से लोगों का भारी नुकसान भी हुआ है। तेज हवा के चलते कई इलाकों में टिन-शेड और चौराहों पर लगे बैनर भी उड़ गए

दिल्ली के कई इलाकों में जमकर गिरे ओले
बारिश के साथ-साथ दिल्ली-एनसीआर के कई इलाकों में जमकर ओलावृष्टि हुई है, जिससे मौसम ठंडा हो गया है। गाजियाबाद के साहिबाबाद में भी ओले पड़े हैं। ओलावृष्टि होने से कुछ फसलों को नुकसान भी हो सकता है।

मौसम विभाग का अनुमान सही साबित हुआ है। मौमस विभाग ने आशंका जताई थी कि गुरुवार को दिल्ली में बादल छाए रहेंगे। गर्जन वाले बादल बनने, बिजली चमकने और तेज झोंकेदार हवा के साथ हल्की वर्षा होने की भी संभावना है।
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गाजियाबाद के साहिबाबाद में भी ओले गिरे। जागरण
मौसम विभाग के अनुसार, अधिकतम तापमान 37 से 38 डिग्री जबकि, न्यूनतम रह सकता 20 डिग्री के आसपास रहने की आशंका है।
5 मई को फिर बदलेगा मौसम
स्काईमेट वेदर के महेश पलावत के अनुसार, शुक्रवार और शनिवार को आसमान साफ रहेगा, लेकिन रविवार से एक नए पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने के कारण पांच मई तक फिर से वर्षा और गरज की स्थिति बन सकती है। इससे अभी सप्ताह भर अधिकतम तापमान 40 डिग्री से नीचे ही रह सकता है।
देश में देखने को मिल रहा मौसम का अलग-अलग नजारा
पिछले एक-दो दिन से पूरे देश में मौसम का मिजाज अलग-अलग देखने को मिल रहा है। जहां उत्तर, मध्य और पश्चिमी हिस्सों में तापमान 45 डिग्री के पार पहुंच रहा है, तो कई इलाकों में आंधी और हल्की बारिश से तापमान में गिरावत भी दर्ज की गई है। इन इलाकों में 2 से 3 पारा गिरा है।
आखिर ऐसा क्यों हो रहा?
- मौमस के क्यों बने ऐसे हालात? देश में एक साथ कई तरह के मौसम का नजारा देखने को मिला। उत्तर-पश्चिम भारत के ऊपर सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ, उत्तर से पूर्व तक फैली ट्रफ और बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी। ये तीनों मिलकर अस्थिर मौसम बना रहे हैं। ऐसे माना जा रहा है कि जिन क्षेत्रों में नमी नहीं पहुंच रही है, वहां का तापमान ऊपर बढ़ता रहा है। ऐसे क्षेत्रो में जमीन अत्यधिक गर्म होने से 'हीट लो' बनने के कारण लू चल रही है।
- पश्चिमी विक्षोभ का असर? ये ठंडी व नम हवाओं का सिस्टम है। भूमध्यसागर क्षेत्र से उत्तर भारत तक आता है। अभी उत्तरी पाकिस्तान व आसपास के क्षेत्रों पर सक्रिय।
- क्यों अहम है ट्रफ लाइन? यह पट्टी कम दबाव की है। यह गर्म और नम हवाओं के मिलने का मार्ग बनाती है। पश्चिमी विक्षोभ की ठंडी और खाड़ी से आई नम हवा ट्रफ के साथ मिलने पर आंधी, बारिश और ओलावृष्टि होती है।
- क्या यह असामान्य है? पूरी तरह नहीं। अप्रैल-मई में प्री-मानसून गतिविधियां शुरू होती हैं। पर इस बार कई सिस्टम एक साथ अधिक सक्रिय हैं।
