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CAQM ने सुप्रीम कोर्ट को बताया: दिल्ली-NCR की जहरीली हवा का कौन है मुख्य दोषी? दिए ये 15 सुझाव

By Agency PTIEdited By: Neeraj Tiwari
Published: Wed, 21 Jan 2026 06:57 PM (IST)Updated: Wed, 21 Jan 2026 07:45 PM (IST)

वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण का मुख्य कारण वाहनों से ...और पढ़ें

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डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) ने बुधवार को सुप्रीम कोर्ट को बताया कि दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण का सबसे बड़ा योगदानकर्ता वाहनों से होने वाला प्रदूषण है। आयोग ने बिगड़ते वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) में सुधार के लिए 15 दीर्घकालिक उपायों की सिफारिश की है। 

सीएक्यूएम की ओर से पेश अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल ऐश्वर्या भाटी ने मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जोयमलया बागची तथा विपुल एम. पांचोली की पीठ को बताया कि 2015 से 2025 तक के अध्ययनों के मेटा-एनालिसिस से पता चलता है कि दिल्ली में PM2.5 का स्रोत एनसीआर के भीतर प्राथमिक उत्सर्जन और द्वितीयक कण निर्माण का मिश्रण है। सीएक्यूएम ने चरणबद्ध तरीके से लागू करने के लिए निम्नलिखित उपाय सुझाए हैं...

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  • उत्सर्जन क्षमता के आधार पर दिल्ली-एनसीआर से प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों को समयबद्ध तरीके से चरणबद्ध हटाना।
  • पीयूसी 2.0 को मजबूत करना और रिमोट सेंसिंग डिवाइस से सड़क पर चलने वाले वाहनों की निगरानी करना।
  • दिल्ली और एनसीआर में अधिक लाइनों तथा स्टेशनों के साथ क्षेत्रीय रेल परिवहन और मेट्रो रेल नेटवर्क का विस्तार करना।
  • मेट्रो और क्षेत्रीय रैपिड ट्रांजिट सिस्टम को जोड़ने वाले मल्टी-मॉडल परिवहन हब विकसित करना।
  • अंतिम छोर की कनेक्टिविटी सुनिश्चित करना तथा सार्वजनिक परिवहन के लिए लोकेशन-आधारित ट्रैकिंग वाली रीयल-टाइम यात्री सूचना प्रणाली लागू करना।
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  • सभी वाहनों को जीरो टेलपाइप उत्सर्जन वाली वाहनों में बदलने के लिए संबंधित इलेक्ट्रिक वाहन नीतियों की समीक्षा और संशोधन करना। पुराने वाहनों को स्क्रैप करने वाले मालिकों को अधिक प्रोत्साहन देना।
  • वाहन वृद्धि के अनुरूप ईवी चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर का तेजी से विस्तार करना, जिसमें स्वैपेबल बैटरी स्टेशन शामिल हों।
  • एआरएआई/आईसीएटी द्वारा ईवी प्रमाणन के साथ वाहनों को रेट्रोफिट करने की अनुमति देना।
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  • आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय के मॉडल यार्डस्टिक और सेवा स्तर बेंचमार्क के अनुसार जनसंख्या के आधार पर ई-बस/सीएनजी से शहर की सार्वजनिक बस सेवा बढ़ाना।
  • लंबी दूरी के ट्रकिंग और अन्य वाणिज्यिक वाहनों को गैस में बदलने के लिए एनसीआर और हाईवे पर सीएनजी/एलएनजी ईंधन नेटवर्क की योजना विकसित करना।
  • दिल्ली के सभी बॉर्डर प्रवेश बिंदुओं पर एएनपीआर कैमरे और ऑटोमेटेड आरएफआईडी लगाकर मल्टी-लेन फ्री फ्लो टोल/सेस संग्रह सुनिश्चित करना।
  • दिल्ली तथा अन्य प्रमुख शहरी क्षेत्रों (विशेष रूप से नोएडा, ग्रेटर नोएडा, गाजियाबाद, मेरठ, गुरुग्राम, फरीदाबाद और सोनीपत) में एकीकृत ट्रैफिक प्रबंधन प्रणाली लागू करना ताकि यातायात सुचारू और बेहतर हो।
  • दिल्ली और एनसीआर में पार्किंग क्षेत्र प्रबंधन योजनाएं लागू करना।
  • उच्च पर्यावरण संरक्षण शुल्क लगाना।
  • ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन, रेडियो फ्रीक्वेंसी आइडेंटिफिकेशन, रिमोट सेंसिंग तकनीक, एआई-आधारित निगरानी आदि तकनीक-आधारित समाधानों से प्रवर्तन को तेज करना।

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