नई दिल्ली [वीके शुक्ला]। अनलॉक के दूसरे चरण में दिल्ली में ऑड-इवेन फार्मूले से शराब की दुकानें खुलते ही पहले दिन यानी सोमवार को दिल्लीवाले करीब 19 करोड़ रुपये की शराब पी गए। 7 जून को कुल 19 करोड़ रुपये की शराब की बिक्री हुई है। दिल्ली में सरकारी एजेंसियों और निजी तौर पर संचालित शराब की लगभग 850 दुकानें हैं। वर्तमान में आड-इवेन फॉर्मूले के चलते इनमें से आधी दुकानें ही खुल रही हैं। फिर भी शराब की बिक्री पर कोई खास फर्क नहीं पड़ा है।

वहीं गत दिसंबर में शराब की बिक्री ने पिछले सारे रिकार्ड तोड़ दिए थे। दिसंबर में आबकारी विभाग ने शराब की बिक्री से 515 करोड़ की कमाई की थी, जो 2019 में इसी अवधि में 465 करोड़ थी। इस तरह बीते दिसंबर माह में दिल्लीवाले एक हजार करोड़ से अधिक की शराब गटक गए थे।

बता दें कि आर्थिक तंगी से जूझ रहे देश के हर प्रदेश की कहानी एक सी है। सभी प्रदेश कोरोना संक्रमण के बाद लॉकडाउन के चलते आर्थिक दिक्कत से जूझ रहे हैं। ऐसे में उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्री समेत कई प्रदेशों की तरह दिल्ली सरकार के लिए भी आबकारी विभाग उम्मीद की एक किरण बन कर सामने आया है। बता दें कि आने वाले कुछ दिनों में दिल्ली में शराब की होम डिलीवरी शुरू होने वाली है। सरकार का मानना है कि इससे उसका खजाना भरेगा। 

जानें- अहम बातें

  • आबकारी विभाग को नवंबर 2019 में नवंबर 2018 की अपेक्षा 18 फीसद बढ़कर 430 करोड़ का कर मिला।
  • अक्टूबर 2019 में 2018 की अपेक्षा 15 फीसद बढ़कर 453 करोड़ आया। 2019-20 वित्तीय वर्ष में शराब से कुल 6 हजार करोड़ का राजस्व प्राप्ति का लक्ष्य था।
  • अप्रैल से दिसंबर तक 3700 करोड़ का राजस्व मिल चुका था।
  • माना जा रहा था कि 52 सौ करोड़ से अधिक का राजस्व आएगा। मगर मार्च में कोरोना को लेकर लगाए गए लाकडाउन के चलते राजस्व कम हो गया और 5067 करोड़ का राजस्व ही मिल सका। इससे पहले वित्तीय वर्ष 2018-19 में 5028 करोड़ का राजस्व आया था।
  • 2018 के दिसंबर के माह में 460 करोड़ का राजस्व शराब से मिला था।

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