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दिल्ली चिड़ियाघर में मांस की खरीद, निर्माण सामग्री और टिकटिंग तक पर उठे सवाल; पीएमओ पहुंची शिकायत

Published: Wed, 23 Sep 2026 07:47 PM (IST)

दिल्ली चिड़ियाघर में मांसाहारी जानवरों के मांस खरीद, निर्माण सामग्री के इस्तेमाल और टिकटों की कालाबाजारी को लेकर गंभीर आरोप लगे हैं। पीएमओ को शिकायत भेज जांच की मांग की।

दिल्ली के चिड़ियाघर को लेकर की गई शिकायत में वध स्थल के सीसीटीवी कैमरों के क्षतिग्रस्त होने का भी आरोप लगाया गया है। प्रतीकात्मक तस्वीर

दिल्ली के चिड़ियाघर को लेकर की गई शिकायत में वध स्थल के सीसीटीवी कैमरों के क्षतिग्रस्त होने का भी आरोप लगाया गया है। प्रतीकात्मक तस्वीर

HighLights

  1. मांसाहारी जानवरों के लिए परिसर में वध का आरोप।

  2. निर्माण सामग्री खरीद और उपयोग में अनियमितताओं की शिकायत।

  3. टिकटों की कालाबाजारी और पेड़ों की अवैध कटाई का आरोप।

जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। दिल्ली चिड़ियाघर में मांसाहारी जानवरों को खिलाए जाने वाले मांस को लेकर विवाद खड़ा हो गया है।

वन्यजीव कार्यकर्ता अजय दुबे ने प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) को शिकायत भेजकर आरोप लगाया है कि वर्ष 2024 से चिड़ियाघर परिसर में ही मांसाहारी जानवरों के लिए पशुओं का वध किया जा रहा था।

उन्होंने पूछा है कि यदि ऐसा हुआ तो इसके लिए किससे अनुमति ली गई? मांस की खरीद के लिए निर्धारित प्रक्रिया का पालन क्यों नहीं किया गया? शिकायत में वध स्थल के सीसीटीवी कैमरों के क्षतिग्रस्त होने का भी आरोप लगाया गया है।

मांस खरीद के रिकाॅर्ड और दस्तावेज जांचेंगे

हालांकि, चिड़ियाघर निदेशक संजीत कुमार ने आरोप को पूरी तरह खारिज किया है। उनका कहना है कि मांस की खरीद जेम प्रक्रिया और टेंडर के माध्यम से की जाती है। चिड़ियाघर मांस आपूर्ति के लिए टेंडर करता है।

ठेकेदार अधिकृत वधशाला से भैंस, भेड़ या बकरी का मांस खरीदकर चिड़ियाघर में आपूर्ति कर सकता है। अजय दुबे ने शिकायत में कहा कि वध की वास्तविकता सामने लाने के लिए संबंधित स्थान के सीसीटीवी फुटेज, मांस खरीद के रिकाॅर्ड और अनुमति से जुड़े दस्तावेजों की जांच की जाए।

निर्माण सामग्री का हिसाब भी जांच के घेरे में

शिकायत में चिड़ियाघर में होने वाले निर्माण और मरम्मत कार्यों पर भी सवाल उठाए गए हैं। आरोप है कि चिड़ियाघर में सिविल कंस्ट्रक्शन यूनिट (सीसीयू) मौजूद होने के बावजूद सीमेंट, रेत, ईंट, गुड अर्थ, टाइल्स जैसी सामग्री के साथ श्रमिक और मशीनरी वर्कशाॅप सुपरवाइजर को उपलब्ध कराई गई।

खरीद-फरोख्त के दस्तावेज ही नदारद

शिकायत के साथ लगाए गए सीसीयू के रिकाॅर्ड में अलग-अलग कार्यों के लिए निर्माण सामग्री और श्रमिक उपलब्ध कराने का उल्लेख है। अजय दुबे का आरोप है कि इन सामग्रियों के इस्तेमाल का पूरा हिसाब रखने वाले स्टाॅक रजिस्टर, सामग्री जारी करने के रिकाॅर्ड और इंजीनियरिंग दस्तावेज उपलब्ध नहीं हैं। इसलिए उन्होंने खरीद से लेकर सामग्री के इस्तेमाल तक का फाेरेंसिक ऑडिट कराने की मांग की है।

चिंकारा की मौत और सफेद बाघ के इलाज पर सवाल

शिकायत में पशु चिकित्सा व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं। हाल ही में चिंकारा की मौत और घायल सफेद बाघ के इलाज की स्वतंत्र जांच की मांग की गई है। इसमें पशु के मेडिकल रिकार्ड, इलाज की प्रक्रिया, दवाओं के इस्तेमाल और पोस्टमार्टम रिपोर्ट की जांच कराने को कहा गया है।

168 से ज्यादा पेड़ काटने का भी आरोप

अजय दुबे ने दिसंबर 2024 से जनवरी 2025 के बीच चिड़ियाघर परिसर में 168 से अधिक पेड़ बिना अनुमति काटे जाने का आरोप लगाया है। शिकायत के साथ वन विभाग की कार्रवाई से जुड़े दस्तावेज भी लगाए गए हैं।

शिकायत में निजी सुरक्षा कर्मियों और कुछ कर्मचारियों के माध्यम से प्रवेश टिकटों की कालाबाजारी का आरोप भी है।

अजय दुबे ने टिकटिंग डाटा, सीसीटीवी फुटेज, सुरक्षा कर्मियों की तैनाती, उपस्थिति रजिस्टर और वित्तीय रिकाॅर्ड की जांच की मांग की है, ताकि यह पता चल सके कि सरकारी राजस्व को कोई नुकसान हुआ या नहीं।

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