दिल्ली Zoo में 10 साल बाद दिखेंगे जेबरा और जिराफ, अफ्रीका से लाने की तैयारी तेज; खर्च होंगे 400 करोड़
दिल्ली के राष्ट्रीय प्राणी उद्यान का आधुनिकीकरण हो रहा है, जहां एक दशक बाद जेबरा और जिराफ की वापसी होगी। ...और पढ़ें
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एक दशक बाद जेबरा और जिराफ की वापसी होगी। फोटो - AI जनरेटेड
HighLights
एक दशक बाद जेबरा और जिराफ की वापसी।
आधुनिकीकरण के साथ नए पारदर्शी बाड़े बन रहे।
400 करोड़ के बजट से प्रजातियाँ बढ़ेंगी।
जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। राष्ट्रीय प्राणी उद्यान नए और आधुनिक रूप में नजर आने वाला है। आधुनिकीकरण के साथ ही चिड़ियाघर में एक दशक बाद जेबरा और जिराफ की वापसी भी होने जा रही है।
बताया गया कि इन वन्य जीवों के स्वागत के लिए परिसर में पारदर्शी और मजबूत शीशे के विशेष बाड़े भी तैयार किए जा रहे हैं। इन बाड़ों का निर्माण कार्य पूरा होते ही दोनों जीवों की प्रजातियों को एक अफ्रीकी देश से दिल्ली लाया जाएगा।
आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, दिल्ली चिड़ियाघर में आखिरी जेबरा की मौत 30 अप्रैल 2011 को हुई थी, जबकि अंकित नाम के अंतिम जिराफ ने जून 2015 में दिल का दौरा पड़ने के कारण दम तोड़ दिया था।
109 प्रजातिया करने का लक्ष्य
लगभग तीन दशक पहले दिल्ली चिड़ियाघर में 130 से अधिक प्रजातियां मौजूद थीं, जो समय के साथ घटकर फिलहाल 93 प्रजातियों और लगभग 1,245 जानवर पर आ गई हैं। नए मास्टर प्लान के तहत इस संख्या को बढ़ाकर 109 प्रजातिया करने का लक्ष्य रखा गया है, जिसमें जेबरा और जिराफ के अलावा चीता, न्यू वर्ल्ड मंकी और माउस डियर जैसे दुर्लभ जीव भी शामिल किए जाएंगे।
400 करोड़ का बजट तय
इस पूरे प्रोजेक्ट के लिए लगभग 400 करोड़ रुपये का बजट तय किया गया है, जिसमें से करीब 3.75 करोड़ रुपये केवल देश-विदेश से वन्य जीवों को लाने पर खर्च किया जाएगा।
जानवरों को करीब से देख सकेंगे दर्शक
पर्यटकों के अनुभव को सुरक्षित बनाने के लिए शेरों, बाघों, तेंदुओं, भालुओं और भेड़ियों के बाड़ों के आगे मजबूत लेमिनेटेड ग्लास लगाए जाएंगे, जिससे दर्शक जानवरों को करीब से देख सकेंगे। साथ ही सुरक्षा के लिए बाड़ों के आसपास खंदकें भी बनाई जा रही हैं।
वहीं, पर्यटकों की भीड़ को संभालने के लिए मथुरा रोड प्रवेश द्वार में सुधार कर पैदल यात्रियों और वाहनों के लिए अलग-अलग रास्ते बनाए जाएंगे।
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इसके अलावा परिसर में बुनियादी सुविधाओं के साथ जानवरों के इलाज के लिए अत्याधुनिक पशु अस्पताल भी बनाया जा रहा है।
