दिल्ली महिला हेल्पलाइन पर बढ़ी कॉल, आर्थिक सर्वेक्षण में कल्याणकारी योजनाओं का खुलासा
दिल्ली सरकार की महिला हेल्पलाइन पर चालू वित्त वर्ष में 25 लाख से अधिक कॉल आईं, जो पिछले वर्ष से ...और पढ़ें
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महिला हेल्पलाइन पर 25 लाख से अधिक कॉल प्राप्त हुईं।
HighLights
महिला हेल्पलाइन पर 25 लाख से अधिक कॉल, 12% वृद्धि।
सखी वन स्टॉप सेंटरों ने हजारों महिलाओं को सहायता प्रदान की।
आंगनवाड़ी केंद्रों और मातृ वंदना योजना में महत्वपूर्ण प्रगति।
राज्य ब्यूरो, नई दिल्ली। दिल्ली सरकार को चालू वित्त वर्ष में अपनी महिला हेल्पलाइन पर 25 लाख से अधिक कॉल प्राप्त हुईं, जो पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 12 प्रतिशत अधिक है। यह जागरूकता में वृद्धि और सहायता सेवाओं तक पहुंच में सुधार का संकेत है।
यह जानकारी मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता द्वारा सोमवार को विधानसभा में प्रस्तुत दिल्ली आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 में दी गई। सर्वेक्षण में कहा गया है कि 181 हेल्पलाइन, जो निजी और सार्वजनिक दोनों स्थानों पर हिंसा से प्रभावित महिलाओं को चौबीसों घंटे सहायता प्रदान करती है, को जनवरी 2025-26 तक 25 लाख से अधिक काल प्राप्त हुईं।
सर्वेक्षण में यह भी कहा गया है कि 2024-25 के दौरान 22 लाख कॉल का निपटान किया गया, जो जागरूकता में वृद्धि और सहायता सेवाओं तक पहुंच में सुधार को दर्शाता है। रिपोर्ट में कहा गया है कि हेल्पलाइन संकटकालीन हस्तक्षेप, परामर्श, रेफरल और मार्गदर्शन प्रदान करती है।
जनवरी तक 9,832 महिलाओं को सहायता मिली
सर्वेक्षण के अनुसार, 11 सखी वन स्टाप सेंटरों ने 2023-24 में 6,945 लाभार्थियों और 2024-25 में 11,785 लाभार्थियों को सहायता प्रदान की। चालू वित्तीय वर्ष में जनवरी तक 9,832 महिलाओं को सहायता दी जा चुकी थी।
बाल कल्याण उपायों पर प्रकाश डालते हुए, रिपोर्ट में कहा गया है कि जनवरी तक 687 आंगनवाड़ी केंद्र सरकारी स्कूल भवनों में स्थापित किए जा चुके थे।
सर्वेक्षण में कहा गया है कि एक ही स्थान पर स्थित होने से बच्चों का पूर्व-विद्यालय से प्राथमिक शिक्षा में सुचारू रूप से संक्रमण होता है और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और स्कूल शिक्षकों के बीच समन्वय बढ़ता है, जिससे बेहतर विकासात्मक परिणाम प्राप्त होते हैं।
10,897 कार्यरत आंगनवाड़ी केंद्र पोषण ट्रैकर पर पंजीकृत
इसमें यह भी बताया गया है कि सभी 10,897 कार्यरत आंगनवाड़ी केंद्र पोषण ट्रैकर पर पंजीकृत हैं, जो लगभग 6.73 लाख लाभार्थियों को कवर करते हैं, जिनमें 57,306 गर्भवती महिलाएं, 66,715 स्तनपान कराने वाली माताएं और 0-6 वर्ष आयु के 5.49 लाख बच्चे शामिल हैं। 6.73 लाख लाभार्थियों में से 99.98 प्रतिशत का आधार सत्यापन हो चुका है और 25 फरवरी तक लगभग 96.83 प्रतिशत का मोबाइल सत्यापन हो चुका है।
प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के तहत, 2025-26 के 89,000 के लक्ष्य के मुकाबले अब तक 92,670 लाभार्थियों का पंजीकरण हो चुका है; जिनमें से 81,767 का सफलतापूर्वक नामांकन हो चुका है। रिपोर्ट में कहा गया है कि योजना के तहत 34.43 करोड़ रुपये की 1.1 लाख से अधिक किश्तें वितरित की जा चुकी हैं।
सर्वेक्षण में यह भी बताया गया है कि दिल्ली शहरी आश्रय सुधार बोर्ड के तीन फ्लैट सामाजिक कार्यों के लिए आंगनवाड़ी केंद्रों को पट्टे पर आवंटित किए गए हैं।
अन्य पहलों में, रिपोर्ट में कहा गया है कि वरिष्ठ नागरिकों के लिए मनोरंजन केंद्रों के दिशानिर्देश प्रक्रियाधीन हैं और जागरूकता फैलाने के लिए 64 चिन्हित नशा प्रभावित क्षेत्रों में लगभग 300 नुक्कड़ नाटक आयोजित किए गए।
