विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

47 हॉटस्पॉट और 42% पेंडिंग काम... क्या इस सर्दी भी गैस चेंबर बनेगी दिल्ली? सामने आई PWD-MCD की बड़ी नाकामी

Published: Wed, 07 Oct 2026 07:05 PM (GMT+05:30)

दिल्ली में सर्दियों के प्रदूषण से निपटने की तैयारियों में सरकारी एजेंसियों की सुस्ती सामने आई है, जहां 47 हॉटस्पॉट ...और पढ़ें

सांकेतिक तस्वीर एआई जनरेटेड

सांकेतिक तस्वीर एआई जनरेटेड

HighLights

  1. दिल्ली के 47 हॉटस्पॉट में 42% प्रदूषण संबंधी काम लंबित।

  2. पीडब्ल्यूडी, एमसीडी सहित कई एजेंसियां समस्याओं के समाधान में सुस्त।

  3. मुख्य सचिव ने 15 अक्टूबर तक सभी खामियां दूर करने का आदेश दिया।

संजीव गुप्ता, नई दिल्ली। दिल्ली में सर्दियों के प्रदूषण से निपटने की तैयारियों के बीच सरकारी एजेंसियों की गहरी ''सुस्ती'' सामने आई है। प्रदूषण के 47 हॉटस्पॉट के तीन किमी दायरे में 45,471 समस्याएं चिन्हित की गईं, लेकिन 19,279 अब भी लंबित हैं।

यानी सर्दियों की दस्तक होने को है जबकि करीब 42 प्रतिशत समस्याओं का निदान हुआ ही नहीं। इनमें गड्ढे, टूटी-कच्ची सड़कें, मलबा डंपिंग एवं धूल के अन्य स्रोत शामिल हैं।

यह जानकारी बीते दिनों मुख्य सचिव राजीव वर्मा की अध्यक्षता में हुई वायु प्रदूषण नियंत्रण क्रियान्वयन समिति (आइसीकैप) 16वीं बैठक के मिनट्स में सामने आई है। सबसे खराब स्थिति पीडब्ल्यूडी, सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण विभाग, डीएसआइआइडीसी, एमसीडी और डीडीए की है।

15 अक्टूबर तक खत्म करनी होंगी खामियां

मुख्य सचिव ने सभी एजेंसियों को 15 अक्टूबर तक तीन किमी क्षेत्र की सभी लंबित समस्याएं खत्म कर उसे ‘त्रुटिहीन स्थिति’ में लाने का आदेश दिया है। सितंबर 2026 से फरवरी 2027 तक हर सप्ताह जिला वायु प्रदूषण शमन एवं निगरानी समिति की बैठक होगी और हर पखवाड़े प्रगति रिपोर्ट ग्रीन वार रूम को भेजनी होगी। लापरवाही पर जवाबदेही तय करने तथा दोषी कर्मियों के निलंबन की कार्रवाई की रिपोर्ट भी देने को कहा गया है।

वजीरपुर में 278 खामियां

वजीरपुर में 278 सड़क व अन्य खामियां मिलीं। यहां औद्योगिक धूल, भारी वाहनों की आवाजाही, पार्किंग और विकास कार्य प्रमुख प्रदूषण स्रोत हैं। अप्रैल-अगस्त में 23,000.84 टन सीएंडडी कचरा उठाया गया, फिर भी 270 स्वीकृत सड़क कार्यों में 11 शुरू नहीं हुए, 124 जारी हैं।

आनंद विहार में मशीनों की कमी

आनंद विहार में चार पानी के छिड़काव वाहन, एक एंटी-स्मॉग गन और एक यांत्रिक सफाई मशीन लगाई गई। जुलाई-अगस्त की 25 गड्ढों की शिकायतों में 19 दूर हुईं और 7,420 वर्गमीटर में हरियाली विकसित की गई। लेकिन एमसीडी ने सफाई मशीनों, पानी के छिड़काव उपकरणों और एंटी-स्मॉग गनों की कमी मानी है। कौशांबी बस डिपो, आसपास के औद्योगिक क्षेत्रों के लिए दिल्ली-गाजियाबाद एजेंसियों के समन्वय की जरूरत बताई गई है।

यहां दिखा कुछ सुधार

यातायात पुलिस ने 62 जाम प्वाइंट चिन्हित किए हैं। 39 में सुधार के बाद जून- जुलाई 2026 में जाम सितंबर-अक्टूबर 2025 की तुलना में 38 प्रतिशत घटा। सभी सड़कों की जीआइएस मैपिंग होगी और सड़क मालिक एजेंसियों को हर महीने सीएक्यूएम पोर्टल पर प्रगति अपडेट करनी होगी।

आरटीआई एक्टिविस्ट अमित गुप्ता ने बताया कि पर्यावरण संरक्षण के नाम पर कागजी कार्रवाई ज्यादा होती है जबकि धरातल पर कम। आइसीकैप बैठक के मिनट्स इस दिशा में आइने की तरह हैं।

एक नजर में बड़े आंकड़े

  • एजेंसी समस्याएं समाधान लंबित
  • सभी 47 हॉटस्पॉट 45,471 26,192 19,279
  • एमसीडी 26,657 21,818 4,839
  • पीडब्ल्यूडी 10,923 2,321 8,602
  • सिंचाई व बाढ़ नियंत्रण 2,920 213 2,707
  • डीडीए 2,300 1,288 1,012
  • डीएसआइआइडीसी 1,512 69 1,443

यह भी पढ़ें- प्रदूषण से लड़ाई में दिल्ली का बड़ा प्लान, देश का पहला ‘क्लीन एयर जोन’ बनाने का विजन