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दिल्ली में हवा बिगड़ी तो हॉटस्पॉट पर जाएंगे सांसद-विधायक, हर सप्ताह होगी निगरानी

Published: Mon, 28 Sep 2026 11:59 PM (IST)

सर्दियों में दिल्ली की हवा सुधारने के लिए अब सांसद, विधायक और पार्षद प्रदूषण वाले हॉटस्पॉट की साप्ताहिक निगरानी करेंगे। ...और पढ़ें

दिल्ली में सर्दियों की हवा सुधारने के लिए सांसद विधायक करेंगे हॉटस्पॉट की निगरानी।

दिल्ली में सर्दियों की हवा सुधारने के लिए सांसद विधायक करेंगे हॉटस्पॉट की निगरानी।

HighLights

  1. सांसद, विधायक अब प्रदूषण हॉटस्पॉट की साप्ताहिक निगरानी करेंगे।

  2. 'पीयूसी नहीं तो ईंधन नहीं' अभियान 1 अक्टूबर से शुरू होगा।

  3. निर्माण गतिविधियों पर चरणबद्ध रोक और वर्क फ्रॉम होम लागू।

राज्य ब्यूरो, नई दिल्ली। सर्दियों के दौरान हवा बिगड़ने पर अब सिर्फ सरकारी विभागों की कार्रवाई पर निर्भर नहीं रहा जाएगा। प्रदूषण और यातायात की समस्या वाले हाटस्पाट की निगरानी में सांसद, विधायक और पार्षद भी सीधे शामिल होंगे।

केंद्र और दिल्ली सरकार की सोमवार को हुई उच्चस्तरीय बैठक में तय किया गया कि जनप्रतिनिधि अधिकारियों, आरडब्ल्यूए, व्यापारियों और यातायात पुलिस के साथ हर सप्ताह मौके का निरीक्षण करेंगे। 62 चिन्हित स्थानों में से 42 की समस्याएं दूर किए जाने का दावा है, जबकि आठ और स्थान अक्टूबर तक ठीक करने का लक्ष्य है।

केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव और मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की बैठक में दिल्ली के लिए रोकथाम आधारित और समयबद्ध शीतकालीन कार्ययोजना पर चर्चा हुई। एनसीआर की कार्ययोजनाओं को 10 अक्टूबर तक अंतिम रूप देने का लक्ष्य रखा गया है। मंत्री ने हर हाटस्पाट के लिए स्पष्ट लक्ष्य और लगातार समीक्षा के साथ विभागों के बीच समन्वित कार्रवाई पर जोर दिया।

500 पेट्रोल पंपों पर पीयूसी की जांच

एक अक्टूबर से दिल्ली के सभी 500 एएनपीआर कैमरा युक्त पेट्रोल पंपों पर ‘पीयूसी नहीं तो ईंधन नहीं’ अभियान शुरू होगा। वैध प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र नहीं रखने वाले और मियाद पूरी कर चुके वाहनों को ईंधन देने पर कार्रवाई होगी।

पिछले एक वर्ष में एएनपीआर कैमरों से बीएस-3 और उससे पुराने करीब 7055 जीवन-अवधि पूरी कर चुके वाहन चिन्हित किए गए हैं। एक नवंबर से दिल्ली के बाहर पंजीकृत बीएस-6 से नीचे के पेट्रोल-डीजल वाहनों के प्रवेश पर भी प्रतिबंध प्रस्तावित है, जिसमें सीएनजी और इलेक्ट्रिक वाहनों को छूट होगी।

निर्माण पर चरणबद्ध रोक, कैमरों की निगरानी

एक नवंबर से 31 जनवरी तक धूल उड़ाने वाली तोड़फोड़ और बाहरी सिविल निर्माण गतिविधियों पर रोक रहेगी। 10 दिसंबर से 20 जनवरी तक सभी निर्माण और तोड़फोड़ कार्यों पर पूर्ण रोक का प्रावधान है। निर्माण स्थलों पर शत-प्रतिशत सीसीटीवी निगरानी और भवन नक्शे के लिए ‘मलबा’ एप पर पंजीकरण अनिवार्य किया जाएगा।

सड़क, कचरा और धूल पर जोर

3065 किमी सड़क पुनर्विकास के लक्ष्य में अब तक 1193 किमी काम पूरा हुआ है। शेष काम 15 नवंबर तक पूरा करने का लक्ष्य है। प्रमुख सड़कों की गहन सफाई, मशीनों से सफाई, पानी के छिड़काव और खुले में कचरा जलाने पर रोक के लिए ‘जीरो बर्निंग’ अभियान चलेगा। 98 मैकेनिकल रोड स्वीपिंग मशीनें दो पालियों में लगाई गई हैं।

दफ्तरों के समय में बदलाव, पार्किंग शुल्क दोगुना

एक नवंबर से सरकारी और निजी कार्यालयों में 50 प्रतिशत कर्मचारियों के लिए घर से काम या सप्ताह में दो दिन घर से काम की व्यवस्था लागू होगी। सरकारी कार्यालयों के समय में भी बदलाव होगा। मेट्रो पार्किंग को छोड़कर अधिकृत पार्किंग स्थलों का शुल्क दोगुना किया जाएगा। दिल्ली के बस बेड़े में 6840 बसें हैं, जिनमें 5088 इलेक्ट्रिक बसें हैं।

334 दल करेंगे 24 घंटे निगरानी

एक अक्टूबर से एआइ आधारित कमांड एंड कंट्रोल सेंटर सक्रिय होगा। 334 प्रवर्तन दल दो पालियों में चौबीसों घंटे निगरानी करेंगे। दिसंबर 2025 से सितंबर 2026 के बीच 11,271 औद्योगिक इकाइयों के सर्वेक्षण में 2283 प्रदूषणकारी इकाइयां बंद या सील की गई हैं। वायु गुणवत्ता निगरानी केंद्रों की संख्या 47 से बढ़ाकर 60 की जाएगी।

बैठक में हरित क्षेत्रों के संरक्षण, इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने, श्मशान घाटों के उत्सर्जन को कम करने और नागरिकों की शिकायतों के लिए ‘ग्रीन दिल्ली’ एप के इस्तेमाल पर भी जोर दिया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वच्छ हवा की मुहिम में सरकार के साथ दिल्लीवासियों की भागीदारी भी जरूरी है।

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