मानसून की विदाई के साथ बदला दिल्ली में मौसम का मिजाज, उत्तर-पश्चिमी हवाओं से मिली उमस से राहत
मानसून की विदाई के बाद दिल्ली में मौसम बदल रहा है, उत्तर-पश्चिमी हवाओं से उमस कम हुई है। आने वाले ...और पढ़ें

दिल्ली में मौसम का बिगड़ा मिजाज।
HighLights
उत्तर-पश्चिमी हवाओं से दिल्ली में उमस कम हुई है।
सप्ताह भर में दिन के तापमान में गिरावट आएगी।
12 अक्टूबर तक हल्की बारिश की संभावना है।
संजीव गुप्ता, नई दिल्ली। मानसून की विदाई के बाद दिल्ली के मौसम ने अब धीरे-धीरे करवट लेना शुरू कर दिया है। हवा की दिशा में बदलाव के साथ उत्तर-पश्चिमी हवाओं का असर बढ़ने लगा है, जिससे वातावरण में उमस कम होने लगी है। खासकर सुबह और शाम को महसूस हो रही चिपचिपी गर्मी से लोगों को राहत मिल रही है।
हालांकि अधिकतम तापमान फिलहाल 36 डिग्री के आसपास चल रहा है, लेकिन मौसमी परिस्थितियों के चलते सप्ताह भर के दौरान दिन के तापमान में भी गिरावट आने लगेगी।
मौसम विभाग के अनुसार मंगलवार से 12 अक्टूबर के बीच एक के बाद एक दो दो पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने का पूर्वानुमान है। इनके असर से उत्तर भारत सहित दिल्ली एवं एनसीआर में भी हल्की वर्षा की गतिविधियां बढ़ सकती है। मौसम के इस गतिविधि से दिन में भी गर्मी के तेवर नरम होने लगेंगे।
तापमान में धीरे-धीरे गिरावट के संकेत
अक्टूबर के मध्य तक अधिकतम तापमान 31 से 32 डिग्री एवं न्यूनतम तापमान 21 से 22 डिग्री तक आ जाने का अनुमान है। मौसम विभाग के मध्यम अवधि पूर्वानुमान में भी आने वाले दिनों में तापमान में धीरे-धीरे गिरावट के संकेत हैं। मतलब, सर्दी भले ही अभी दूर हो, लेकिन गर्मी धीरे-धीरे कम होती जाएगी।
इस बीच सोमवार को दिल्ली में न्यूनतम तापमान सामान्य से 1.5 डिग्री अधिक 23.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। अधिकतम तापमान सामान्य से 2.4 डिग्री अधिक 36.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। हवा में नमी का स्तर 43 से 90 प्रतिशत रहा। मंगलवार को बादल छाए रहने और हल्की वर्षा होने का अनुमान है।
मौसम में यह बदलाव दिल्ली की हवा के लिए भी अहम है। सोमवार को दिल्ली का वायु गुणवत्ता सूचकांक 184 यानी मध्यम श्रेणी में था। वर्षा और हवा की गति बढ़ने से प्रदूषक तत्वों के जमाव में अस्थायी कमी आ सकती है, हालांकि वर्षा के बाद हवा की गुणवत्ता किस तरह बदलती है, यह स्थानीय हवाओं व प्रदूषण के स्रोतों पर निर्भर करेगा।
मानसून की विदाई और हवा की दिशा उत्तर पश्चिमी हो जाने से मौसम में बदलाव स्वाभाविक है। सुबह-शाम उमस का स्तर घटने लगा है, आने वाले दिनों में दिन की गर्मी में भी अंतर दिखाई देने लगेगा। हालांकि अस नीनो के असर से ठंड का आगमन इस बार विलंब से होगा, लेकिन मौसम में बदलाव इसी महीने महसूस होने लगेगा। - महेश पलावत, उपाध्यक्ष (मौसम विज्ञान एवं जलवायु परिवर्तन), स्काईमेट वेदर
यह भी पढ़ें- ग्रेटर नोएडा के 4500 किसानों को मिलेगा 64.7% अतिरिक्त मुआवजा, सरकार ने जारी किया शासनादेश
