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दिल्ली में गहराया जल संकट: भीषण गर्मी के बीच बूंद-बूंद को तरस रहे लोग, पानी के लिए हाहाकार

Published: Mon, 25 May 2026 06:43 PM (GMT+05:30)

दिल्ली में भीषण गर्मी के बीच कई इलाकों में गहरा जल संकट लोगों की परेशानी बढ़ा रहा है। चाणक्यपुरी, राजेंद्र ...और पढ़ें

दिल्ली में भीषण गर्मी के बीच कई इलाकों में गहरा जल संकट लोगों की परेशानी बढ़ा रहा है। फाइल फोटो

दिल्ली में भीषण गर्मी के बीच कई इलाकों में गहरा जल संकट लोगों की परेशानी बढ़ा रहा है। फाइल फोटो

जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। एक तरफ आसमान से बरसती आग और लू के थपेड़ों के बीच दिल्ली सरकार राहगीरों को पानी के साथ ओआरएस के पैकेट बांटकर राहत देने का दावा कर रही है। वहीं, दूसरी तरफ राजधानी की कई बस्तियों और कालोनियों में रहने वाले लोगों की मुश्किलें गहराता जल संकट बढ़ा रहा है। यह स्थिति इन दिनों दिल्ली के हर इलाके में देखने को मिल जाएगा।

मसलन, लुटियंस दिल्ली के चाणक्यपुरी के पास स्थित संजय और विवेकानंद कैंप में पानी का टैंकर आते ही लोगों में अफरा- तफरी मच जाती है। आलम यह है कि यहां छोटे बच्चे तक जान जोखिम में डालकर टैंकरों के ऊपर चढ़कर पाइप लगाते हैं, ताकि उन्हें पानी मिल सकें। पढ़ाई- लिखाई छोड़कर बाल्टियां थामे बच्चों और उनके माता-पिता की जिंदगी इस भीषण गर्मी में पूरी तरह मुश्किलों से घिरी है।

पानी की किल्लत केवल चाणक्यपुरी तक ही सीमित नहीं है बल्कि राजेंद्र नगर विधानसभा के इंद्ररपुरी जेजे कालोनी के ए और बी ब्लाक में तो स्थिति भी खराब है। यहां के लोग रात-रात भर जागकर पानी का इंतजार करते हैं, लेकिन कम प्रेशर के कारण पीछे के घरों तक पानी पहुंचता ही नहीं।

मुश्किल तब और बढ़ जाती है जब दिन में मोटर चलाने पर नलों से बदबूदार और सीवर का गंदा पानी आता है, जिसे लोग या तो आरओ से फिल्टर करने को मजबूर हैं या फिर दुकानों से महंगा बोतलबंद पानी खरीदकर अपनी प्यास बुझा रहे है।

यही कहानी दक्षिणी दिल्ली के महरौली और दक्षिणपुरी की भी है। महरौली में तीन-चार दिनों में महज एक बार पानी की सप्लाई हो रही है और उसका समय भी आधी रात को 12 से सुबह पांच बजे के बीच है, जिससे लोग सोएं या पानी भरें, इसी कशमकश में जूझ रहे हैं।

स्थानीय निवासी इंटरनेट मीडिया प्लेटफार्म पर जल बोर्ड को रोजाना टैग कर रहे हैं, लेकिन प्रशासन सुन नहीं रहा। दक्षिणपुरी ब्लाक-10 में पिछले डेढ़ महीने से लोग दूर-दराज के इलाकों से पानी ढोकर ला रहे हैं, जिससे उनकी दिनचर्या अस्तव्यस्त हो चुकी है।

पूर्वी दिल्ली के जीटीबी एन्क्लेव में पिछले सात दिनों से पानी न आने के कारण गुस्साए लोग तीन दिनों से जल बोर्ड दफ्तर के बाहर प्रदर्शन कर रहे हैं, जबकि मंडावली, चंदर विहार और शकरपुर पिछले एक महीने से गंदे पानी और भारी किल्लत की मार झेल रहे हैं। लोग कई बार स्थानीय विधायक और जल बोर्ड में शिकायत दे रहे है, लेकिन समस्या का कोई समाधान नहीं हो रहा है।

बाहरी दिल्ली के रानीखेड़ा, रसूलपुर, मुबारकपुर, मदनपुर डबास, मीर विहार, शहीद भगत सिंह कालोनी, गौरी शंकर इन्क्लेव, इंद्र एन्क्लेव फेस-2, कैलाश विहार, सुल्तानपुरी, रोहिणी सेक्टर-20 की जेजे कालोनी सहित लोगों को पानी की समस्या से जूझना पड़ रहा है।

जलापूर्ति बाधित होने से मजबूरन लोगों को टैंकर व अन्य विकल्पों से बर्तनों में पानी भरकर लाना पड़ रहा है। सुल्तानपुरी निवासी आशीष ने बताया कि सुल्तानपुरी एफ-2 में लगभग सप्ताहभर से पानी नहीं आ रहा।

गौरी शंकर इन्क्लेव के आरडब्लूए अध्यक्ष नान्हू प्रसाद गुप्ता ने बताया कि बी-ब्लाक में बीते छह माह से पानी की समस्या बनी हुई है। अधिकारियों को शिकायत के बावजूद केवल आश्वासन ही मिला है। गर्मी में हालात काफी खराब है। यहां टैंकर न पहुंचने के कारण लोगों को लगभग आधा किलोमीटर दूर से पानी लाना पड़ता है।

गर्मी शुरू होते ही इलाके में पानी की किल्लत शुरू हो जाती है। ऐसे में लोगों के पास पानी के लिए बाल्टी लेकर टैंकर के पीछे दौड़ने के अलावा कोई विकल्प नहीं है।
- पूजा, मोतियाखान निवासी।

सरकार वैसे राहगीरों को राहत देने के लिए पानी व ओरआरएस के साथ गमछे देने का दावा कर रही है, लेकिन घरों में पानी की आपूर्ति नहीं करवा पा रही है।
- नीलम, मोतियाखान निवासी।

गर्मी में एक - एक सप्ताह तक पानी की आपूर्ति नहीं हो रही है, ऐसे में लोग अपनी दैनिक कार्यों को पूरा करने के साथ अपनी प्यास बुझाने के लिए महंगे टैंकर और बोतलबंद पानी खरीदने को मजबूर है।
- अजय शर्मा, शकरपुर निवासी।

दिल्ली में भले ही सरकार बदल गई हो और विकास के बड़े बड़े दावे किए जा रहे हो, लेकिन धरातल पर आज भी लोग मूलभूत सुविधाओं के लिए तरस रहे है।
- पंकज, जीटीबी एन्क्लेव।