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दिल्ली में दूर होगा पानी का संकट, जल बोर्ड खर्च करेगा 11,427 करोड़; 36 लाख दिल्लीवालों को मिलेगा फायदा

Published: Tue, 25 Aug 2026 10:03 PM (IST)

पश्चिमी और दक्षिण-पश्चिमी दिल्ली में जल आपूर्ति सुधारने के लिए ₹11427 करोड़ खर्च किए जाएंगे, जिससे लगभग 36.4 लाख लोगों को लाभ मिलेगा।

प्रेसवार्ता को संबोधित करती हुई मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, साथ में हैं जल मंत्री प्रवेश वर्मा। फोटो: जागरण

प्रेसवार्ता को संबोधित करती हुई मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, साथ में हैं जल मंत्री प्रवेश वर्मा। फोटो: जागरण

HighLights

  1. पश्चिमी-दक्षिण-पश्चिमी दिल्ली में ₹11427 करोड़ से जल आपूर्ति सुधरेगी

  2. पानी की बर्बादी रोकने को वास्तविक समय निगरानी प्रणाली बनेगी

  3. एडीबी के सहयोग से वजीराबाद क्षेत्र में भी जल व्यवस्था सुधरेगी

राज्य ब्यूरो, नई दिल्ली। पश्चिमी दिल्ली और दक्षिण-पश्चिमी दिल्ली में पानी की आपूर्ति से जुड़ी परेशानी दूर होने की उम्मीद है। दिल्ली जल बोर्ड इन दोनों जोन में 3,830 किलोमीटर लंबे पेयजल नेटवर्क को मजबूत करने पर करीब 11,427 करोड़ रुपये खर्च करेगा।

इससे लगभग 36.4 लाख लोगों को लाभ मिलेगा। वहीं, वजीराबाद जल शोधन संयंत्र (WTP) से जुड़े उत्तरी और मध्य दिल्ली के इलाकों में एशियन डेवलपमेंट बैंक (ADB) के सहयोग से जल आपूर्ति व्यवस्था को आधुनिक बनाया जाएगा। इसके लिए केंद्र सरकार के माध्यम से ADB 2,500 करोड़ रुपये का ऋण देगा।

3,830 किलोमीटर नेटवर्क होगा मजबूत

दिल्ली जल बोर्ड की बैठक में जल आपूर्ति व्यवस्था सुधारने को लेकर कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने प्रेसवार्ता में इसकी जानकारी दी।

उन्होंने बताया कि पश्चिमी और दक्षिण-पश्चिमी दिल्ली में 3,830 किलोमीटर के नेटवर्क को मजबूत किया जाएगा। यह काम अर्बन चैलेंज फंड के माध्यम से किया जाएगा।

इसके लिए 25 प्रतिशत फंड केंद्र सरकार, 25 प्रतिशत दिल्ली सरकार और शेष 50 प्रतिशत राशि ऋण या पीपीपी मॉडल से जुटाने का प्रस्ताव है।

वजीराबाद में 1,741 करोड़ के प्रोजेक्ट

वजीराबाद WTP कमांड क्षेत्र में 1,741 करोड़ रुपये की दो परियोजनाओं पर काम शुरू हो गया है। इन परियोजनाओं की लागत का 70 प्रतिशत ADB और 30 प्रतिशत दिल्ली सरकार वहन करेगी।

परियोजनाओं के तहत करीब 43.96 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र, नौ भूमिगत जलाशयों (UGR) और आठ विधानसभा क्षेत्रों को आधुनिक जल वितरण व्यवस्था से जोड़ा जाएगा। करीब 570 किलोमीटर पुरानी पाइपलाइन बदलने के साथ नई पाइपलाइन बिछाई जाएगी।

इन बड़े इलाकों को मिलेगा लाभ

नई और बेहतर जल वितरण व्यवस्था का लाभ मुखर्जी नगर, मॉडल टाउन, जहांगीरपुरी, आजादपुर, केशवपुरम, पीतमपुरा, शालीमार बाग, त्रिनगर, पश्चिम विहार, रानी बाग, वजीरपुर और अशोक विहार जैसे बड़े आवासीय क्षेत्रों को मिलेगा।

पानी के रिसाव की निगरानी

पानी की बर्बादी और चोरी रोकने के लिए रियल टाइम निगरानी प्रणाली विकसित की जाएगी। इसके तहत 131 डिस्ट्रिक्ट मीटर्ड एरिया बनाए जाएंगे। इनसे रिसाव और अवैध कनेक्शन के माध्यम से पानी की चोरी का पता लगाने में मदद मिलेगी।

जल बोर्ड ने गैर राजस्व जल (एनआरडब्ल्यू) को 15 प्रतिशत तक लाने का लक्ष्य रखा है। वर्तमान में यह लगभग 50 प्रतिशत है।

हर्ष विहार और ओखला में नए UGR

शकूर बस्ती के हर्ष विहार में 18 एमएलडी क्षमता का नया UGR बनाया जाएगा। ओखला विधानसभा क्षेत्र में 2.2 एमजीडी और 3.7 एमजीडी क्षमता के UGR तथा बूस्टर पंपिंग स्टेशन भी बनाए जाएंगे।

कर्मियों को कैशलेस स्वास्थ्य सेवा

बैठक में दिल्ली जल बोर्ड के करीब 18,000 कर्मियों और पेंशनर्स को कैशलेस स्वास्थ्य सेवा से जोड़ने का भी निर्णय लिया गया। वहीं, दिल्ली जल बोर्ड की कॉलोनियों और भूमि प्रबंधन व पुनर्विकास के लिए सलाहकार नियुक्त किया जाएगा।

द्वारका, चंद्रावल और बवाना में WTP तैयार

द्वारका में 50 एमजीडी, चंद्रावल में 105 एमजीडी और बवाना में 2 एमजीडी क्षमता के WTP तैयार हो चुके हैं। बिजवासन, पल्ला और सिरसपुर में UGR भी तैयार किए गए हैं। चंद्रावल कमांड एरिया में 1,200 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं।

सीवर व्यवस्था मजबूत करने पर भी जोर

डेढ़ वर्षों में सीवर व्यवस्था को मजबूत करने के लिए 2,990 करोड़ रुपये की लागत से 28 डीएसटीपी बनाने का काम शुरू हो गया है। पुराने एसटीपी को अपग्रेड करने पर करीब 1,090 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं।

वहीं, 114 अनधिकृत कॉलोनियों में करीब 2,012 करोड़ रुपये की लागत से सीवर नेटवर्क का काम पूरा हो चुका है। 276 कॉलोनियों में काम चल रहा है। इसके अलावा 647 अनधिकृत कॉलोनियों में करीब 5,44,680 घरों को हाउस सीवर कनेक्शन देने का काम प्रगति पर है।

अन्य महत्वपूर्ण तथ्य

  • शकूर बस्ती के हर्ष विहार में 18 एमएलडी क्षमता का नया UGR, ओखला विधानसभा में 2.2 एमजीडी और 3.7 एमजीडी क्षमता के UGR तथा बूस्टर पंपिंग स्टेशन बनेंगे।
  • दिल्ली जल बोर्ड के लगभग 18,000 कर्मियों एवं पेंशनर्स को कैशलेस स्वास्थ्य सेवा से जोड़ा गया।
  • दिल्ली जल बोर्ड की कॉलोनियों और भूमि प्रबंधन व पुनर्विकास के लिए सलाहकार की होगी नियुक्ति।
  • द्वारका में 50 एमजीडी, चंद्रावल में 105 एमजीडी और बवाना में 2 एमजीडी क्षमता के WTP तैयार।
  • बिजवासन, पल्ला, सिरसपुर में UGR तैयार।
  • चंद्रावल कमांड एरिया में 1200 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं।
  • डेढ़ वर्षों में सीवर व्यवस्था को मजबूत करने को 2990 करोड़ रुपये की लागत से 28 डीएसटीपी बनाने का काम शुरू हो गया है।
  • पुराने एसटीपी को अपग्रेड करने के लिए लगभग 1090 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं।
  • 114 अनधिकृत कॉलोनियों में करीब 2012 करोड़ रुपये की लागत से सीवर नेटवर्क का काम पूरा। 276 कॉलोनियों में काम चल रहा है। 647 अनधिकृत कॉलोनियों में करीब 5,44,680 घरों को हाउस सीवर कनेक्शन देने का काम प्रगति पर है।

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