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दिल्ली में SIR की तारीख बढ़ी, अब 25 नवंबर तक नाम जुड़वाने का मौका; SC की टिप्पणी के बाद EC का फैसला 

Published: Thu, 29 Oct 2026 11:52 PM (IST)

दिल्ली में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की समयसीमा बढ़ाकर 25 नवंबर कर दी गई है, जिससे लोगों को नाम जुड़वाने या सुधारने के लिए अतिरिक्त समय मिलेगा।

दिल्ली में एसआईआर की तारीख बढ़ी। फोटो: आर्काइव

दिल्ली में एसआईआर की तारीख बढ़ी। फोटो: आर्काइव

HighLights

  1. मतदाता सूची संशोधन की अंतिम तिथि 25 नवंबर तक बढ़ी।

  2. दावे और आपत्तियों का निस्तारण 15 दिसंबर तक होगा।

  3. अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन 22 दिसंबर को।

राज्य ब्यूरो, जागरण, नई दिल्ली। दिल्ली में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की समयसीमा बढ़ा दी गई है। भारत निर्वाचन आयोग ने दावे और आपत्तियां दर्ज कराने की अंतिम तारीख 30 अक्टूबर से बढ़ाकर 25 नवंबर कर दी है।

यह फैसला ऐसे समय में आया है, जब सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को सुनवाई के दौरान आयोग से मतदाता सूची में नाम जोड़ने की प्रक्रिया जारी रखने और समयसीमा को लेकर सख्ती नहीं बरतने को कहा था।

आयोग ने अदालत को समय बढ़ाने का आश्वासन भी दिया था। संशोधित कार्यक्रम के अनुसार, अब दावे-आपत्तियों का निस्तारण 15 दिसंबर तक होगा और अंतिम मतदाता सूची 22 दिसंबर को प्रकाशित की जाएगी।

सुप्रीम कोर्ट ने फार्म-6 की अनिवार्यता पर उठाए सवाल

मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ ने सवाल उठाया कि जिन लोगों के नाम 2026 की मतदाता सूची में पहले से दर्ज थे, लेकिन गणना फार्म जमा नहीं होने के कारण प्रारूप सूची से बाहर हो गए, उनसे नए मतदाता की तरह फार्म-6 भरने की अपेक्षा क्यों की जा रही है।

फार्म-6 का इस्तेमाल नए मतदाता के पंजीकरण के लिए होता है। अदालत ने कहा कि पहले से पंजीकृत रहे मतदाताओं को उनकी स्थिति के अनुरूप नाम जुड़वाने का अवसर मिलना चाहिए।

पीठ ने निर्वाचन आयोग से ऐसे मतदाताओं तक पहुंचने, उन्हें प्रक्रिया की जानकारी देने और फार्म-6 व फार्म-8 स्वीकार करने की व्यवस्था जारी रखने को कहा। फार्म-8 का इस्तेमाल पते में बदलाव सहित मतदाता सूची में निर्धारित संशोधनों के लिए किया जाता है।

अदालत ने आयोग को इस संबंध में सार्वजनिक सूचना जारी करने का सुझाव भी दिया। आयोग की ओर से पेश अधिवक्ता ने आश्वासन दिया कि इस पर विचार किया जाएगा और समयसीमा बढ़ाई जाएगी।

4.88 लाख आवेदन, पश्चिमी दिल्ली सबसे आगे

दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय के मुताबिक, 28 अक्टूबर तक फार्म-6 के कुल 4,88,256 आवेदन मिल चुके थे। इनमें 30 अगस्त तक जमा हुए 2,12,400 आवेदन और 31 अगस्त से 28 अक्टूबर के बीच प्राप्त 2,75,856 आवेदन शामिल हैं।

अधिकारियों के अनुसार, अधिकांश आवेदनों को अंतिम मतदाता सूची जारी होने से पहले मंजूरी मिलने की उम्मीद है।

31 अगस्त से 28 अक्टूबर के बीच पश्चिमी दिल्ली में फार्म-6 के सबसे अधिक 33,915 आवेदन मिले। उत्तर-पश्चिम दिल्ली में 27,664, पूर्वी दिल्ली में 26,563, दक्षिण-पूर्वी दिल्ली में 26,535 और उत्तर-पूर्वी दिल्ली में 26,324 आवेदन आए।

इसी अवधि में नाम हटाने के लिए फार्म-7 के 21,603 और मतदाता सूची में संशोधन के लिए फार्म-8 के 1,03,352 आवेदन मिले।

47.56 लाख नाम प्रारूप सूची से बाहर

31 अगस्त को प्रकाशित प्रारूप मतदाता सूची में 97,53,577 मतदाता दर्ज थे, जबकि पुनरीक्षण शुरू होने से पहले दिल्ली में करीब 1.45 करोड़ मतदाता थे। गणना फार्म जमा नहीं होने के कारण 47.56 लाख मतदाताओं के नाम प्रारूप सूची में शामिल नहीं हो पाए।

मैपिंग संबंधी समस्याओं और तार्किक विसंगतियों के कारण 33,14,032 मतदाताओं को नोटिस जारी किए गए थे। 27 अक्टूबर तक इनमें से 31,26,576 नोटिसों का निस्तारण हो चुका था, जो कुल नोटिसों का 94.34 प्रतिशत है।

अब 15 दिसंबर तक निस्तारण

निर्वाचन आयोग के संशोधित कार्यक्रम के अनुसार, दावे और आपत्तियां दर्ज कराने की अवधि 31 अगस्त से 25 नवंबर तक रहेगी। नोटिस चरण और दावे-आपत्तियों के निस्तारण की प्रक्रिया 15 दिसंबर तक चलेगी।

इसके बाद 22 दिसंबर को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित होगी। आयोग ने दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी को संशोधित कार्यक्रम राजपत्र में प्रकाशित करने और व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है।

समयसीमा बढ़ने से नाम जुड़वाने और सूची में सुधार कराने के लिए लोगों को अतिरिक्त अवसर मिलेगा। हालांकि, आवेदन जमा होने मात्र से नाम जुड़ना सुनिश्चित नहीं होगा। संबंधित अधिकारियों की जांच और मंजूरी के बाद ही नाम मतदाता सूची में शामिल किए जाएंगे।

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