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    SIR को लेकर दिल्ली सरकार ने शुरू की तैयारी, सभी विधानसभा क्षेत्रों में की गई बीएलओ की नियुक्त

    Updated: Sat, 29 Nov 2025 05:43 PM (IST)

    दिल्ली में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण की तैयारी चल रही है। 2002 के बाद हटाई गई झुग्गी बस्तियों का विवरण तैयार किया जा रहा है। बूथ स्तरीय अधिकारियों की नियुक्ति हो चुकी है और 2002 की मतदाता सूची वेबसाइट पर उपलब्ध है। जिला निर्वाचन अधिकारियों को जरूरी निर्देश दिए गए हैं और आरडब्ल्यूए के सहयोग से जागरूकता अभियान चलाया जाएगा।

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    राज्य ब्यूरो, नई दिल्ली। बिहार के बाद उत्तर प्रदेश, बंगाल सहित 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) शुरू हो गया है। आने वाले समय में दिल्ली सहित अन्य राज्यों में भी एसआईआर होना है। अभी इसकी तिथि घोषित नहीं हुई है। फिर भी दिल्ली में इसकी तैयारी शुरू कर दी गई है।

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    लोगों को जागरूक करने के साथ ही वर्ष 2002 के बाद स्थानांतरित या ध्वस्त कर दी गईं झुग्गी बस्तियों या काॅलोनियों की पहचान कर उसका पूरा विवरण तैयार किया जा रहा है। दिल्ली में वर्ष 2002 के बाद पहली बार मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण होने जा रहा है।

    इसके लिए मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय ने सभी 70 विधानसभा क्षेत्रों में बूथ स्तरीय अधिकारियों (बीएलओ) की नियुक्ति कर दी है। जिला निर्वाचन अधिकारी, निर्वाचक नामावली पंजीकरण अधिकारी, सहायक निर्वाचक नामावली पंजीकरण अधिकारी तथा बीएलओ को विशेष प्रशिक्षण दिया गया है। प्रशिक्षण में पुनरीक्षण की पूरी प्रक्रिया और संबंधित मोबाइल एप के प्रयोग की विस्तृत जानकारी दी गई है।

    लोगों की सुविधा के लिए सितंबर महीने में ही वर्ष 2002 की अंतिम मतदाता सूची को मुख्य निर्वाचन अधिकारी (दिल्ली) की आधिकारिक वेबसाइट पर डाल दिया गया है। मतदाता इस सूची को देखकर अपना नाम, पिता या माता का नाम आदि की जांच कर सकते हैं। इससे पुनरीक्षण के समय बहुत सुविधा होगी क्योंकि इसी सूची से वर्तमान मतदाता सूची का मिलान किया जाएगा। जिन मतदाताओं का नाम दोनों सूचियों में होगा, उन्हें कोई दस्तावेज देने की जरूरत नहीं पड़ेगी।

    अगले सप्ताह मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय में एसआईआर की तैयारियों को लेकर बैठक होने वाली है। इसमें सभी जिला निर्वाचन अधिकारी अपनी तैयारियों की रिपोर्ट पेश करेंगे। उन्हें अतिरिक्त कर्मचारियों की जरूरत का आकलन करने, गणना फार्म छपवाने और अन्य जरूरी सामग्री की व्यवस्था करने के निर्देश भी दिए गए हैं।

    साथ ही, जिला निर्वाचन अधिकारियों को 2002 के बाद हटाई गई झुग्गी बस्तियों व कालोनियों की पहचान करने, उनके पूर्व व वर्तमान विधानसभा क्षेत्रों का पूरा विवरण देन को कहा गया है ताकि उन क्षेत्रों के मतदाताओं का सही-सही सत्यापन हो सके। एसआईआर को लेकर आरडब्ल्यूए के सहयोग से जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। इसके लिए आरडब्ल्यूए प्रतिनिधियों से जिला चुनाव अधिकारियों को संवाद करने को कहा गया है।

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