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दिल्ली में वोटर लिस्ट से नाम कटा है तो न हों परेशान, फार्म-6 भरकर दोबारा जुड़वाएं; री-वेरिफिकेशन शुरू

Published: Fri, 16 Oct 2026 10:30 PM (IST)

दिल्ली में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) में नाम कटने पर भी मताधिकार खत्म नहीं होगा। पात्र मतदाता ...और पढ़ें

फार्म 6 भरकर जुड़वाएं नाम। फोटो: एआई जनरेटेड

फार्म 6 भरकर जुड़वाएं नाम। फोटो: एआई जनरेटेड

HighLights

  1. एसआइआर में नाम कटने पर भी मताधिकार खत्म नहीं

  2. फॉर्म-6 भरकर मतदाता सूची में नाम दोबारा जुड़वाएं

  3. दिल्ली में 47.56 लाख मतदाताओं का सत्यापन जारी

राज्य ब्यूरो, नई दिल्ली। दिल्ली में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के दौरान मसौदा सूची से नाम कटने का मतलब मताधिकार खत्म होना नहीं है।

पात्र मतदाता फार्म-6 भरकर मतदाता सूची में अपना नाम जुड़वा सकते हैं। दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी अशोक कुमार ने दैनिक जागरण से बातचीत में बताया कि मतदाता सूची का विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (SSR) साल में चार बार होता है।

ऐसे में पात्र मतदाता निर्धारित प्रक्रिया के तहत अपना नाम जुड़वा सकते हैं। इस फार्म के साथ मुख्य रूप से आधार कार्ड और आवास प्रमाण पत्र की ही आवश्यकता होगी।

उन्होंने मताधिकार से वंचित किए जाने के आरोपों को भी बेबुनियाद बताया। कहा- चार दिसंबर को अंतिम मतदाता सूची आएगी।

इसमें नाम न आने पर भी SSR के जरिये मतदाता सूची में दोबारा नाम जुड़वाकर वोट डाला जा सकेगा। SIR में नाम नहीं होने का असर केवल भविष्य में होने वाले पुनरीक्षण के दौरान पड़ेगा।

जब तकरीब 25 साल बाद दोबारा SIR होगा और पिछली सूची में संबंधित मतदाता का नाम नहीं मिलेगा।

47.56 लाख मतदाताओं का दोबारा सत्यापन शुरू

इस बीच, दिल्ली में SIR के तहत ड्राफ्ट मतदाता सूची से बाहर किए गए 47.56 लाख मतदाताओं का दोबारा सत्यापन शुरू हो गया है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी के अनुसार, बूथ स्तर के अधिकारियों (बीएलओ) को फिर से घर-घर जाकर जांच करने के निर्देश दिए गए हैं।

SIR की गणना प्रक्रिया के बाद दिल्ली में 1.45 करोड़ मतदाताओं में से 97.53 लाख के नाम ही 31 अगस्त को प्रकाशित मसौदा सूची में शामिल किए गए थे।

शेष 47.56 लाख मतदाताओं को अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृत या दोहरी प्रविष्टि (एएसडीडी) की श्रेणियों में रखा गया था। अब बीएलओ इन मतदाताओं के पते पर जाकर दोबारा सत्यापन कर रहे हैं।

यदि कोई पात्र मतदाता अपने पते पर मिलता है और उसका नाम मसौदा सूची में नहीं है, तो उससे फार्म-6 भरवाकर नाम जुड़वाने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। 

33.12 लाख नोटिस में से 24 लाख का निपटारा

ड्राफ्ट सूची में शामिल 33.12 लाख मतदाताओं को व्यक्तिगत विवरण में गड़बड़ी या वर्ष 2002 की मतदाता सूची से नाम का मिलान नहीं होने के कारण नोटिस जारी किए गए थे।

इनमें से करीब 24 लाख मामलों का निपटारा किया जा चुका है। शेष मामलों को 30 अक्टूबर तक सुलझाने का लक्ष्य रखा गया है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि विवरण में छोटी-मोटी गलतियों के आधार पर आवेदन सीधे खारिज न किए जाएं।

2.30 लाख से अधिक फार्म-6 मिले

निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय के अनुसार, दावे और आपत्तियों की अवधि शुरू होने के बाद मतदाता सूची में नाम जुड़वाने के लिए 2,30,165 फार्म-6 प्राप्त हुए थे।

ड्राफ्ट सूची के प्रकाशन से पहले भी 2,12,400 फार्म मिले थे। इन आवेदनों का निर्वाचन आयोग के निर्धारित नियमों के अनुसार निपटारा किया जा रहा है।

ध्वस्त बस्तियों से विस्थापित मतदाताओं की सुविधा के लिए बेला एस्टेट, जेलरवाला बाग, नरेला, बवाना, मंगोलपुरी और वजीरपुर औद्योगिक क्षेत्र सहित अन्य स्थानों पर विशेष शिविर भी लगाए गए हैं। दावे और आपत्तियों की पूरी अवधि में ये शिविर जारी रहेंगे।

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