दिल्ली : फॉर्म 6 में नाम दर्ज कराने वालों की संख्या हुई 4.56 लाख, अब अंतिम चरण में एसआईआर की प्रक्रिया
दिल्ली में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया अंतिम चरण में है, जिसमें अब तक 4.56 लाख लोगों ...और पढ़ें

फॉर्म 6 में नाम दर्ज कराने वालों की संख्या हुई 4.56 लाख ( एआई जेनरेटेड इमेज )
HighLights
दिल्ली में 4.56 लाख लोगों ने मतदाता सूची में आवेदन किया।
विशेष गहन पुनरीक्षण प्रक्रिया अब अपने अंतिम चरण में है।
30 अक्टूबर तक फॉर्म 6 जमा करने का आग्रह किया गया।
नई दिल्ली, जागरण संवाददाता। देश की राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में अब तक मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने के लिए 4.56 लाख लोग आवेदन कर चुके हैं।
इनमें से 1 लाख से अधिक आवेदनों पर 31 अगस्त (जब मतदाता सूची का ड्राफ्ट जारी किया गया था) के बाद से कार्रवाई पूरी कर ली गई है। वहीं, अब मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की प्रक्रिया अपने अंतिम चरण में पहुंच चुकी है।
नए मतदाताओं में नाम दर्ज कराने की जिज्ञासा
अधिकारियों के मुताबिक, 'फॉर्म 6' के कुल 4,56,913 आवेदन प्राप्त हुए हैं। जिनमें 2,12,400 आवेदन 30 अगस्त तक मिले थे, जबकि 31 अगस्त से 20 अक्टूबर के बीच 2,44,513 आवेदन प्राप्त हुए।
कुल मिलाकर, मौजूदा आंकड़े को देखकर यह कहना गलत नहीं होगा कि नए मतदाताओं में मतदाता सूची में अपना नाम दर्ज कराने की काफी जिज्ञासा है।
आखिर क्या है फॉर्म 6 ?
अब जरा फॉर्म 6 की बात कर लेते हैं कि आखिर ये क्या है? फॉर्म 6 का इस्तेमाल नए मतदाता जो 18 साल या उससे अधिक की आयु पूरे कर चुके हैं, उनके लिए होता है। ऐसे लोग इस फॉर्म को भरकर मतदाता सूची में अपना नाम दर्ज करा लेते हैं।
इसी संबंध में एक अधिकारी ने जानकारी देते हुए बताया कि 31 अगस्त से 20 अक्टूबर के बीच लगभग 1.15 लाख आवेदनों का निपटारा किया जा चुका है।
साथ ही, उन्होंने यह भी कहा कि अभी इन आंकड़ों को स्थायी मान लेना उचित नहीं रहेगा, क्योंकि अभी 70 विधानसभा क्षेत्रों का डेटा अभी आधिकारिक वेबसाइट पर अपलोड किया जाना बाकी है। ऐसी स्थिति में इन आंकड़ों को स्थायी मान लेना किसी भी सूरत में उचित नहीं रहेगा।
प्राप्त जानकारी के मुताबिक, 31 अगस्त को जारी ड्रॉफ्ट रोल में 97.53 लाख मतदाताओं के नाम शामिल थे। संशोधन से पहले यह संख्या 1.45 करोड़ थी। इसमें से लगभग 47.5 लाख नाम हटा दिए गए और उन्हें 'अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृत और डुप्लिकेट' (ASDD) श्रेणियों में डाल दिया गया।
उधर, इनमें से लगभग 43.3 लाख मतदाताओं को अनुपस्थित या स्थायी रूप से कहीं और चले जाने वाला, 2.82 लाख को मृत और 1.41 लाख को डुप्लिकेट मतदाता के रूप चिन्हित किया जा चुका है।
ज्यादा से ज्यादा लोग करें आवेदन
वही, अगर स्थान के हिसाब से आंकड़ों की बात करें, तो ओखला में मौजूदा मतदाताओं में से केवल 54.6 प्रतिशत का विवरण सत्यापित किया जा सका, जबकि आर.के. पुरम में यह आंकड़ा 44.5 प्रतिशत और कस्तूरबा नगर में 44 प्रतिशत रहा।
एक मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, जिन विधानसभा क्षेत्रों के आंकड़े उपलब्ध थे, उनमें ओखला, कस्तूरबा नगर और जंगपुरा में से प्रत्येक में लगभग 2,000 'फॉर्म 6' आवेदनों का निपटारा किया गया, जबकि तुगलकाबाद, मटिया महल और आर.के. पुरम में से प्रत्येक में लगभग 1,500 आवेदनों का निपटारा हुआ। कालकाजी में यह आंकड़ा लगभग 1,000 और बाबरपुर में 260 रहा।
साथ ही, एक अधिकारी ने स्पष्ट किया, "हम विशेष कैंप लगा रहे हैं और ERO (चुनाव पंजीकरण अधिकारी) BLO के साथ बैठकें कर रहे हैं। हम चाहते हैं कि 30 अक्टूबर तक ज्यादा से ज्यादा लोग आवेदन जमा करें। 31 अक्टूबर से 30 नवंबर तक, हमारा पूरा ध्यान केवल इन आवेदनों के निपटारे पर होगा।"
चुनाव आयोग से संपर्क कर सकते हैं मतदाता
उन्होंने बताया कि जिन राज्यों में SIR की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, वहां अपनाई गई प्रक्रिया को ही दिल्ली में भी लागू किया जाएगा।
वहीं, उन्होंने यह भी कहा, "जो पात्र नागरिक मतदाता सूची में शामिल नहीं हैं, वे चुनाव आयोग के दिशानिर्देशों के अनुसार संबंधित चुनाव पंजीकरण अधिकारी (ERO) को 'फॉर्म 6' जमा करके, निरंतर अद्यतन प्रक्रिया के जरिए अपना नाम जुड़वाने के लिए आवेदन कर सकते हैं।"
