दिल्ली में ट्रेनें रद से अधर में फंसे यात्री, लाखों का हुआ नुकसान; अचानक बढ़ा बसों का किराया
विपक्ष और सीजेपी के प्रदर्शन के कारण दिल्ली में कई ट्रेनें रद्द होने से यात्रियों को भारी परेशानी का सामना ...और पढ़ें
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कश्मीरी गेट आईएसबीटी पर बस पकड़ने के लिए खड़े यात्री, जागरण।
HighLights
विपक्ष-सीजेपी प्रदर्शन से दिल्ली में कई ट्रेनें रद्द, यात्री परेशान।
यात्रियों के टिकट के पैसे फंसे, यात्रा योजनाएं प्रभावित हुईं।
फ्लाइट और घूमने के पैकेज पर भी आर्थिक संकट मंडराया।
जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। महीने, दो महीने पहले टिकट बुक कराया, यात्रा के लिए छुट्टी ली और आगे की बुकिंग भी करा ली। घर वाले शिद्दत से इंतजार कर रहे। आंखे इंतजार को तरस रही, पर सफर वाले दिन रेलवे के एक संदेश ने पूरा हिसाब ही नहीं पर अरमान बिगाड़ दिए।
शुक्रवार सुबह स्टेशन पहुंचे यात्रियों को जब ट्रेन रद होने की सूचना मिली तो भारी निराशा और अनिश्चितता के साथ बड़ा सवाल था कि अब गंतव्य तक पहुंचें कैसे?
प्रदर्शन के कारण कई ट्रेनें रद
किसी को जरूरी काम से कानपुर जाना था तो किसी की वाराणसी। ऊपर से वापसी का टिकट, होटल और घूमने के पैकेज में लगी रकम डूबने की चिंता अलग। उधर, घर के लोगों में निराशा और मायूसी।
राजधानी में विपक्ष और सीजेपी के प्रदर्शन की घोषणा के बाद विभिन्न राज्यों से दिल्ली आने और यहां से जाने वाली कई ट्रेनें रद होने से नई दिल्ली और हजरत निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन पर यात्रियों की परेशानी बढ़ गई। इस बीच जिनकी ट्रेनें सामान्य रही तो टिकट देखकर ही प्रवेश दिया जा रहा था।
बसों के किराए में इजाफा
ट्रेन निरस्त होने के बाद उसके यात्री यात्रा का विकल्प तलाशते महंगी कैब बुक करने लगे तो किसी ने बसों का रुख किया। जिसके चलते बसों की मांग में 50 प्रतिशत का इजाफा तो उसके भी टिकट मनमाने हो गए।
यात्रियों का कहना था कि एक से तीन महीने पहले टिकट कराने के बाद भी अगर सफर के दिन ट्रेन रद होने की सूचना मिलेगी तो आगे की पूरी योजना प्रभावित होगी।
यात्रियों को उठानी पड़ रही कई परेशानियां
एक यात्री अक्षय ने बताया कि उन्होंने एक महीने पहले दिल्ली से कानपुर जाने के लिए श्रम शक्ति एक्सप्रेस में कंफर्म टिकट कराया था। शुक्रवार सुबह स्टेशन पहुंचने के बाद 11 बजे ट्रेन रद होने का संदेश मिला। उनका सवाल कि अब अपने गंतव्य तक कैसे पहुंचूं?
जाने का टिकट तो रद हो गया, लेकिन वापसी का टिकट अभी रद नहीं हुआ है। उसे खुद कैंसिल कराऊं तो रिफंड का क्या होगा? समझ नहीं आ रहा कि यात्रा कैसे पूरी करूं और पैसे कैसे बचाऊं।

यात्रियों को बदलनी पड़ रही अपनी योजना
दो महीने पहले संपूर्ण क्रांति एक्सप्रेस का टिकट कराने वाले यात्रियों को भी अपनी योजना बदलनी पड़ी। बरेली जाने वाले एक यात्री ने बताया कि उनका सफर दिल्ली के रास्ते होना था, लेकिन ट्रेन रद होने से अब दूसरा साधन तलाशना पड़ रहा है।
परिवार के साथ जा रहे वैभव ने बताया कि वह बस से गोरखपुर लौटेंगे। उन्हें आशंका है कि दिल्ली में आवाजाही ज्यादा प्रभावित हुई तो काम-धंधे पर भी असर पड़ेगा।
एक लाख का पूरा पैकेज बर्बाद
उधर, बनारस से ट्रेन से आ रहे बेटे का इंतजार कर रहीं रामा देवी ने बताया कि उन्हें बेटे के साथ एयरपोर्ट जाना था। फ्लाइट के साथ बाहर घूमने का करीब एक लाख रुपये का पैकेज भी बुक था। ट्रेन रद होने से पूरी योजना बिगड़ने और आर्थिक नुकसान की आशंका है।
यात्रियों की शिकायत है कि अचानक ट्रेन रद होने से उन्हें वैकल्पिक साधनों पर अतिरिक्त खर्च करना पड़ रहा है और पहले से कराई गई बुकिंग भी जोखिम में पड़ गई है।
बसों की तरफ जा रहे यात्री
दिल्ली इंटरस्टेट बस आपरेटर्स संघ के महासचिव श्याम लाल गोला ने बताया कि उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा के साथ ही बिहार समेत अन्य राज्यों के यात्रियों में 20 से 30 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी देखी जा रही है। वही, 10 के विरोध प्रदर्शन के मद्देनजर बुकिंग निरस्त भी हो रहे हैं। क्योंकि, आने जाने में सुरक्षा की चिंता के साथ जाम में फंसने का अंदेशा है।
