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दिल्ली में ट्रैफिक जाम से मिलेगी बड़ी राहत, 7 नई एक्सप्रेसवे-टनल परियोजनाएं शुरू होने वाली; 35 हजार करोड़ रुपये का निवेश

Published: Thu, 28 May 2026 10:31 PM (IST)Updated: Thu, 28 May 2026 10:35 PM (IST)

दिल्ली में यातायात जाम की समस्या से निपटने के लिए केंद्र सरकार के सहयोग से सात नई सड़क परियोजनाओं पर ...और पढ़ें

दिल्ली में यातायात जाम की समस्या के समाधान के लिए केंद्र सरकार के सहयोग से सात सड़क परियोजनाओं पर काम किया जाना है। प्रतीकात्मक तस्वीर

दिल्ली में यातायात जाम की समस्या के समाधान के लिए केंद्र सरकार के सहयोग से सात सड़क परियोजनाओं पर काम किया जाना है। प्रतीकात्मक तस्वीर

HighLights

  1. दिल्ली में 7 नई सड़क परियोजनाएं होंगी शुरू।

  2. 35,000 करोड़ रुपये का भारी निवेश किया जाएगा।

  3. एक वर्ष के भीतर निर्माण कार्य शुरू होने की उम्मीद।

राज्य ब्यूरो, नई दिल्ली। दिल्ली में यातायात जाम की समस्या के समाधान के लिए केंद्र सरकार के सहयोग से सात सड़क परियोजनाओं पर काम किया जाना है। एक वर्ष के अंदर इन सभी का निर्माण कार्य शुरू होने की उम्मीद है। इसे लेकर मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने पिछले सप्ताह केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी के साथ बैठक की थी। मुख्यमंत्री का कहना है कि डबल इंजन की सरकार द्वारा नए एक्सप्रेसवे, सुरंग, एलिवेटेड कारिडोर और संपर्क मार्गों का निर्माण किया जा रहा है। इसके माध्यम से दिल्ली के साथ ही एनसीआर के अन्य शहरों के बीच आवागमन सुगम हो सकेगा।

अर्बन एक्सटेंशन रोड-II (यूईआर-II)-दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे लिंक

लंबाई

17 किलोमीटर छह लेन

लागत

3,500 करोड़ रुपये

निर्माण कार्य शुरू होगा इस वर्ष दिसंबर

यूईआर-II पर अलीपुर के पास से शुरू होकर हिरनकी होते हुए गाजियाबाद के ट्रोनिका सिटी के पास दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे से जुड़ेगी।

आईजीआई एयरपोर्ट, बारापुला कारिडोर, मुकरबा चौक, सिंघु बार्डर और आश्रम-बदरपुर मार्ग जैसे मार्गों पर यातायात का दबाव कम होगा।

दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे से नोएडा-फरीदाबाद कनेक्टिविटी काॅरिडोर

लंबाई

65 किलोमीटर छह लेन
लागत 7500 करोड़ रुपये
निर्माण कार्य शुरू होगा, इस वर्ष दिसंबर तक
यह कारिडोर दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे, दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे, डीएनडी, फरीदाबाद और यमुना एक्सप्रेसवे को जोड़ेगा।
यह प्रस्तावित सड़क लोनी से शूरू होकर बागपत, गाजियाबाद और नोएडा को जोड़ते हुए फरीदाबाद जाएगी। कालिंदी कुंज, सराय काले खां और आउटर रिंग रोड पर यातायात जाम कम होगा।
निर्माण कार्य दिसंबर तक शुरू होने की उम्मीद है।

दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे से नोएडा-फरीदाबाद कनेक्टिविटी काॅरिडोर

लंबाई 17 किलोमीटर छह लेन
लागत  1500 करोड़ रुपये
निर्माण कार्य शुरू होगा, मार्च 2027 तक
दिल्ली-अमृतसर-कटड़ा कारिडोर पर हरियाणा के बहादुरगढ़ के नजदीक निलौठी गांव के पास से शुरू होकर दिल्ली में कंझावला के पास यूईआर-II से मिलेगा।
दिल्ली-कटड़ा एक्सप्रेसवे से आने वाले वाहनों को यूईआर-II और द्वारका एक्सप्रेसवे के माध्यम से दिल्ली, गुरुग्राम और आइजीआइ एयरपोर्ट तक सीधी पहुंच मिलेगी।

दिल्ली-अमृतसर-कटड़ा काॅरिडोर को यूईआर-II से जोड़ने वाली परियोजना

लंबाई- 26 किलोमीटर (यूईआर-II के दोनों ओर सेकेंडरी सर्विस रोड का निर्माण होगा)
लागत  6,500 करोड़ रुपये
यह दिल्ली चंडीगढ़ हाईवे पर अलीपुर के पास से शुरू होकर महिपालपुर (शिव मूर्ति) के पास समाप्त होगा।
लाभः यूईआर-II कारिडोर के साथ सर्विस रोड बनने से स्थानीय कनेक्टिविटी में सुधार होगा और बाहरी दिल्ली में नियोजित शहरी विस्तार को लाभ मिलेगा।

यूईआर-II काॅरिडोर सर्विस रोड

लंबाई 20 किलोमीटर छह लेन
लागत  पांच हजार करोड़ रुपये
निर्माण शुरू होगा, अप्रैल 2027 तक
एम्स/आईएनए से शुरू होकर अफ्रीका एवेन्यू, वसंत कुंज के नेल्सन मंडेला मार्ग, महिपालपुर से होते हुए गुरुग्राम-फरीदाबाद रोड पर घाटा गांव के पास समाप्त होगा।
दिल्ली और गुरुग्राम के बीच यातायात बेहतर होगी। एम्स, आइएनए, हौज खास और वसंत कुंज से गुरुग्राम के लिए सिग्नल-फ्री कनेक्टिविटी उपलब्ध होगी। इस परियोजना से दक्षिण दिल्ली के एयरोसिटी, रंगपुरी, छतरपुर और घिटोरनी क्षेत्रों की कनेक्टिविटी में भी सुधार होने की उम्मीद है।

एम्स-महिपालपुर-गुरुग्राम एलिवेटेड काॅरिडोर

लंबाई 8 किलोमीटर छह लेन
लागत  7000 करोड़ रुपये
काम शुरू होगा, मंत्रिमंडल से स्वीकृति के बाद 
शिव मूर्ति महिपालपुर (द्वारका एक्सप्रेस) से नेल्सन मंडेला मार्ग (वसंत कुंज) तक सुरंग बनेगा।
द्वारका एक्सप्रेसवे को वसंत कुंज से जोड़कर बाहरी दिल्ली के क्षेत्रों से सिग्नल-मुक्त कनेक्टिविटी प्रदान करेगी, जिससे दक्षिण दिल्ली के महिपालपुर, रंगपुरी और धौला कुआं क्षेत्रों में यातायात जाम कम होगा।

शिव मूर्ति-नेल्सन मंडेला सुरंग मार्ग

लंबाई

8 किलोमीटर छह लेन
लागत 7000 करोड़ रुपये
काम शुरू होगा, मंत्रिमंडल से स्वीकृति के बाद
शिव मूर्ति महिपालपुर (द्वारका एक्सप्रेस) से नेल्सन मंडेला मार्ग (वसंत कुंज) तक सुरंग बनेगा।
द्वारका एक्सप्रेसवे को वसंत कुंज से जोड़कर बाहरी दिल्ली के क्षेत्रों से सिग्नल-मुक्त कनेक्टिविटी प्रदान करेगी, जिससे दक्षिण दिल्ली के महिपालपुर, रंगपुरी और धौला कुआं क्षेत्रों में यातायात जाम कम होगा।

कालिंदी कुंज इंटरचेंज

लंबाई

500 मीटर छह लेन (ओखला बैराज के पास इंटरचेंज, फ्लाईओवर बनाने का प्रस्ताव)
लागत 300 करोड़ रुपये
निर्माण कार्य शुरू होगा, अक्टूबर में
टू-वे फ्लाईओवर मदनपुर खादर पुलिस चौराहे को नोएडा से जोड़ेगा और नोएडा से खादर पुलिया तक वापसी का एक लिंक भी प्रदान करेगा। दो ‘लूप रोड’ में पहला उन वाहन चालकों के लिए होगा, जो नोएडा (कालिंदी कुंज पुल) से फरीदाबाद और मुंबई एक्सप्रेसवे की ओर जा रहे हैं, वे बाएं मुड़कर कालिंदी कुंज चौराहे को पूरी तरह से बायपास कर सकेंगे।
कालिंदी कुंज में यातायात जाम कम होने के साथ ही नोएडा, जसोला, सरिता विहार और फरीदाबाद के बीच सिग्नल-मुक्त कनेक्टिविटी मिलेगी।

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