SIR पर विपक्ष के प्रदर्शन से दिल्ली में ट्रैफिक बेहाल, जगह-जगह बैरिकेडिंग से घंटों परेशान रहे लोग
विपक्ष के नेता राहुल गांधी के नेतृत्व में सीईसी ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर हुए मार्च से ...और पढ़ें

ताल कटोरा मार्ग से विश्म्भर दास मार्ग की ओर जाते हुए यातायात जाम खुलने की प्रतीक्षा करते वाहन चालक। जागरण
HighLights
विपक्ष के मार्च से दिल्ली की सड़कें घंटों बंद रहीं।
यातायात जाम से आम जनता को भारी परेशानी हुई।
आरडब्ल्यूए ने निवासियों की आवाजाही में बाधा पर शिकायत की।
नेमिष हेमंत, नई दिल्ली। एसआईआर मामले पर सीईसी ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर गरमाई सियासत के बीच विपक्ष के नेता राहुल गांधी के नेतृत्व में आइएनडीआइए गठबंधन के नेताओं के चुनाव आयोग मुख्यालय निर्वाचन सदन तक के पैदल मार्च ने लोगों की मुश्किलें बढ़ाई।

दोपहर में शुरू यह हंगामेदार मार्च खबर लिखे जाने तक संसद मार्ग पर आकाशवाणी भवन में ठहरी हुई है। कांग्रेस पार्टी की महासचिव प्रियंका गांधी समेत अन्य नेता आकाशवाणी भवन में डेरा जमा लिया है तो कानून व्यवस्था को लेकर दिल्ली पुलिस तथा अर्धसैनिक बल की सांसे फूली हुई है।
देर शाम तक बंद रही दर्जनों सड़कें
अशोक रोड, रायसीना रोड, संसद मार्ग, जनपथ, रफी मार्ग, पंत मार्ग समेत एक दर्जन सड़कें देर शाम तक बंद कर रही तो बाकि पर भीषण जाम रहा। जिसके चलते न सिर्फ संसद व कनाट प्लेस क्षेत्र की यातायात व्यवस्था घंटों अस्त व्यस्त रहीं, बल्कि लोगों को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में हैरान परेशान लोग पुलिसकर्मियों के साथ प्रदर्शनकारियों पर गुस्सा निकालते दिखे।
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दोपहर बाद स्कूल से बच्चों को लेकर घर लौट रही माताओं के पैदल कई किमी भटकने से पुलिसकर्मियों पर गुस्सा फूटा। रफी मार्ग पर बैरिकेड्स के साथ खड़े पुलिसकर्मियों से मिन्नते करते हुए अपने बेटे के साथ प्रियंका ने बताया कि फिरोजशाह रोड से वह पैदल भटकते हुए यहां तक पहुंची हैं। उन्हें भगवान दास मार्ग तक जाना है। उन्हें जाने दिया जाए। जब पुलिसकर्मी नहीं माने तो वह भड़क गई।

इसी तरह का हाल गुरदीप सिंह का रहा। उन्हें इलाज के लिए राम मनोहर लोहिया अस्पताल तक जाना था। वह डाक्टर की पर्ची भी दिखाते रहे, लेकिन पुलिसकर्मियों ने काफी देर तक उन्हें नहीं जाने दिया।

इसी तरह, आस-पास के कार्यालयों में काम करने वाले अधिकारी व कर्मी भी परेशान हाल घंटों इधर-उधर भटकते रहे। घरों में काम करने वाली सुनीता को रकाबगंज गुरुद्वारा के नजदीक जाना था। उन जैसे लोगों कोकाफी मिन्नतों और लंबे इंतजार के बाद पुलिसकर्मियों ने कार्ड और जरूरी दस्तावेज देखकर पैदल जाने दिया।
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जनपथ और रायसीना मार्ग बंद था तो अशोक रोड से केवल आने की इजाजत थी। जबकि, वहां दो बड़े होटल है। करीब दो घंटे के इंतजार के बाद अशोक रोड पर उन्हें ही जाने दिया जा रहा था जो होटलों में ठहरे हुए थे।
जनपथ मार्ग का कनाट प्लेस की ओर का हिस्सा खुला था, उसपर भारी यातायात का दबाव रहा। कार चालक कुलदीप ने बताया कि उन्हें यात्रियों को गुरुद्वारा बंगला साहिब छोड़ना था, उन्होंने कहा कि वह भटक रहे हैं। लेकिन वहां तक जाने नहीं दिया जा रहा है।
प्रदर्शनों से परेशान आरडब्ल्यूए ने की शिकायत
सीजेपी धरना प्रदर्शन के साथ जंतर-मंतर समेत अन्य मार्गों पर अचानक प्रदर्शनों की बाढ़ से स्थानीय निवासियों की मुश्किलें बढ़ गई है। जंतर मंतर स्थित धवनदीप बिल्डिंग के आरडब्ल्यूए पदाधिकारी निवासी व सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता राजीव सिंह ने एक्स पोस्ट में कहा कि अशोक मार्ग और जंतर-मंतर मार्ग के चौराहे पर लगे पुलिस बैरिकेड्स के कारण उन जैसे सभी निवासियों को रोजाना काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
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जबकि, सर्वोच्च न्यायालय और दिल्ली उच्च न्यायालय ने स्पष्ट रूप से निर्देश दिया है कि निवासियों की आवाजाही में कोई बाधा नहीं होनी चाहिए। ऐसे ही समस्याओं को लेकर दक्षिणी दिल्ली के लोगों तक ने भी समस्याएं साझा की।
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