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दिल्ली में अब घर खरीदना और बनाना होगा आसान, राजधानी में टीओडी नीति को केंद्र की मंजूरी

Published: Tue, 07 Apr 2026 07:59 PM (IST)

केंद्र सरकार ने दिल्ली के मास्टर प्लान-2021 के तहत 'ट्रांजिट ओरिएंटेड डेवलपमेंट' (टीओडी) नीति और नए नियमों को मंजूरी दी है।

केंद्र सरकार ने दिल्ली के मास्टर प्लान-2021 के तहत 'ट्रांजिट ओरिएंटेड डेवलपमेंट' (टीओडी) नीति और नए नियमों को मंजूरी दी है। इमेज एआई

केंद्र सरकार ने दिल्ली के मास्टर प्लान-2021 के तहत 'ट्रांजिट ओरिएंटेड डेवलपमेंट' (टीओडी) नीति और नए नियमों को मंजूरी दी है। इमेज एआई

HighLights

  1. मेट्रो-आरआरटीएस कॉरिडोर के 500 मीटर दायरे में सघन विकास।

  2. छोटे भूखंडों पर भी टीओडी विकास, 500 एफएआर की सुविधा।

  3. किफायती आवास पर जोर, सिंगल विंडो सिस्टम से प्रक्रिया आसान।

राज्य ब्यूरो, नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने दिल्ली के मास्टर प्लान-2021 के तहत ''ट्रांजिट ओरिएंटेड डेवलपमेंट'' (टीओडी) नीति और इससे जुड़े शुल्कों के नए नियमों (2026) को मंजूरी दे दी है। इस कदम का मुख्य उद्देश्य दिल्ली में किफायती आवास को बढ़ावा देना और मेट्रो सहित आरआरटीएस कारिडोर के आसपास सुनियोजित विकास करना है।

केंद्रीय आवास और शहरी विकास मंत्री मनोहर लाल ने मंगलवार को एक प्रेस वार्ता में बताया कि यह नीति प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में दिल्ली को भविष्य के लिए तैयार शहर बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।

वहीं मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि इस नीति से न केवल दिल्ली में जमीन का सही उपयोग होगा, बल्कि प्रदूषण में कमी आएगी और सार्वजनिक परिवहन का उपयोग बढ़ेगा। यह नीति दिल्ली के शहरी बुनियादी ढांचे को आधुनिक बनाने और आम आदमी के घर के सपने को पूरा करने में मील का पत्थर साबित होगी।

टीओडी नीति के मुख्य बिंदु

1. मेट्रो और आरआरटीएस कारिडोर के पास होगा विकास : नई नीति के तहत मेट्रो और आरआरटीएस स्टेशनों के 500 मीटर के दायरे में सघन और मिश्रित उपयोग वाले विकास को बढ़ावा दिया जाएगा। इससे लगभग 207 वर्ग किमी का क्षेत्र कवर होगा, जहां लोग अपने कार्यस्थल और सार्वजनिक परिवहन के करीब रह सकेंगे।

2. छोटे प्लाट पर भी बन सकेंगे घर : पहले की जटिलताओं को दूर करते हुए अब 2000 वर्ग मीटर के छोटे भूखंडों पर भी टीओडी के तहत विकास की अनुमति दी गई है। इसके अलावा अधिकतम 500 एफएआर (एफएआर) की सुविधा दी जाएगी, जिसका 65 प्रतिशत हिस्सा अनिवार्य रूप से आवासीय उपयोग के लिए होगा।

3. किफायती आवास पर जोर : नीति का मुख्य ध्यान मध्यम और गरीब वर्ग के परिवारों को सस्ती दरों पर घर उपलब्ध कराना है। आवासीय एफएआर का बड़ा हिस्सा 100 वर्ग मीटर से कम क्षेत्रफल वाले फ्लैटों के लिए आरक्षित किया गया है।

4. 'ईज ऑफ डूइंग बिजनेस' और सिंगल विंडो सिस्टम : प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) एक ''सिंगल विंडो सिस्टम'' शुरू करेगा। अब जमीन मालिकों को एमसीडी, जल बोर्ड या दमकल विभाग के पास अलग-अलग नहीं जाना होगा। सभी आवेदन और शुल्क एक ही जगह जमा किए जा सकेंगे।

5. पैदल यात्रियों के लिए बेहतर सुविधा : मेट्रो स्टेशनों तक पहुंचने के लिए नए अंडरग्राउंड और एलिवेटेड पैदल रास्ते बनाए जाएंगे, जिससे निवासियों के लिए आवाजाही सुगम और सुरक्षित होगी।

6. अवैध कालोनियों को भी फायदा : नई नीति के दायरे में उन क्षेत्रों को भी शामिल किया गया है जिन्हें पहले बाहर रखा गया था, जैसे कि लैंड पूलिंग क्षेत्र और अनधिकृत कॉलोनियां (करीब 80 वर्ग किमी क्षेत्र)।

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