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दिल्ली में दूर होगी आवास की कमी, जजों और IAS अफसरों के लिए बनेंगे 244 नए सरकारी मकान

Published: Mon, 21 Sep 2026 01:05 PM (IST)

दिल्ली में जजों और आईएएस अधिकारियों के लिए कुल 244 नए सरकारी आवास बनाए जाएंगे, जिससे आवास की कमी दूर ...और पढ़ें

दिल्ली में जजों और आईएएस अधिकारियों के लिए कुल 244 नए सरकारी आवास बनाए जाएंगे। (एआई जेनरेटेड इमेज)

दिल्ली में जजों और आईएएस अधिकारियों के लिए कुल 244 नए सरकारी आवास बनाए जाएंगे। (एआई जेनरेटेड इमेज)

HighLights

  1. दिल्ली में जजों और आईएएस अधिकारियों के लिए 244 आवास बनेंगे।

  2. सूरजमल विहार में जजों के लिए 84, बहादुरपुर में 160 आवास।

  3. कुल 500 करोड़ से अधिक लागत से बनेंगे ये आवास।

राज्य ब्यूरो, नई दिल्ली। दिल्ली में जजों और आइएएस अधिकारियों के आवास की कमी दूर होगी, 244 आवास बनेंगे। इसमें बहादुरपुर गांव में आइएएस अधिकारियों के लिए 160 सरकारी आवास बनाए जाएंगे, जबकि पूर्वी दिल्ली के सूरजमल विहार में न्यायिक अधिकारियों यानी जजों के लिए 84 आवास तैयार किए जाएंगे।

दोनों परियोजनाओं के तहत कुल 244 सरकारी आवास बनेंगे। आवासों के साथ पार्किंग, सड़क, बिजली और हरित क्षेत्र जैसी सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी। दोनों परियोजनाओं पर 500 करोड़ रुपये से अधिक खर्च होने का अनुमान है।

सूरजमल विहार में जजों के लिए बनेंगे 84 आवास

पूर्वी दिल्ली के शाहदरा स्थित सूरजमल विहार क्षेत्र के पास न्यायिक अधिकारियों के लिए 84 सरकारी आवास बनाए जाएंगे। इस परियोजना पर करीब 200 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। करीब एक हेक्टेयर भूमि पर बनने वाले परिसर में जिला न्यायाधीशों और सिविल न्यायाधीशों के लिए अलग-अलग आकार के आवास होंगे।

जिला न्यायाधीशों के आवास करीब 2,500 वर्ग फुट और सिविल न्यायाधीशों के आवास करीब 2,000 वर्ग फुट के होंगे। परियोजना की जिम्मेदारी दिल्ली पर्यटन एवं परिवहन विकास निगम (डीटीटीडीसी) को दी गई है। कड़कड़डूमा न्यायालय के नजदीक होने से न्यायिक अधिकारियों को आवागमन में सुविधा मिलेगी।

सरिता विहार के पास बहादुरपुर में 160 आवास

बहादुरपुर गांव में लोक निर्माण विभाग की ओर से 160 सरकारी आवास बनाने की योजना तैयार की गई है। इसके प्रस्ताव को व्यय वित्त समिति की मंजूरी मिल चुकी है। परियोजना पर 319.72 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। यहां 80 टाइप-पांच और 80 टाइप -छह के आवास बनाए जाएंगे। परिसर में भूमिगत पार्किंग, सामुदायिक भवन, विद्युत उपकेंद्र, आंतरिक सड़कें और हरित क्षेत्र विकसित किए जाएंगे।

परियोजना पर काम शुरू करने के लिए छह महीने की योजना अवधि रखी गई है। शुरू होने के बाद 30 महीने में निर्माण पूरा करने का लक्ष्य है। 2026-27 में 25 करोड़, 2027-28 में 175 करोड़ और 2028-29 में 119.72 करोड़ रुपये खर्च किए जाने का प्रस्ताव है। दोनों परियोजनाओं से सरकारी आवासों की उपलब्धता बढ़ाने में मदद मिलेगी।

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