300 सीसीटीवी खंगाले, तीन राज्यों में एक हफ्ते तक छापामारी; तब पकड़े गए दिल्ली में 3 करोड़ की चोरी के आरोपी
उत्तरी जिला पुलिस ने माल रोड तिमारपुर में तीन करोड़ के सोने-हीरे के जेवरात और 4.34 लाख नकदी चोरी के ...और पढ़ें

तीन करोड़ की चोरी मामले में दो घरेलू सहायक सहित तीन आरोपी दबोचे गए। (एआई जेनरेटेड इमेज)
HighLights
उत्तरी जिला पुलिस ने तीन आरोपी, दो घरेलू सहायक दबोचे।
तीन करोड़ के सोने-हीरे के जेवरात और नकदी शत-प्रतिशत बरामद।
300 से अधिक सीसीटीवी कैमरों से आरोपियों का सुराग मिला।
जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। माल रोड तिमारपुर में एक फ्लैट का ताला तोड़कर तीन करोड़ रुपये मूल्य के सोने-हीरे के जेवरात व 4.34 लाख नकदी चोरी करने के मामले में उत्तरी जिला पुलिस ने दो घरेलू सहायक सहित तीन आरोपित को दबोच लिया है। पकड़े गए आरोपितों में एक नाबालिग भी है।
इनकी निशानदेही पर चुराए गए सभी 117 सोने-हीरे के महंगे गहने और 4.34 लाख रुपये भी बरामद कर लिए गए हैं। 300 से अधिक सीसीटीवी कैमरों के फुटेज की जांच से पुलिस को आरोपितों के बारे में सुराग मिला, जिसके बाद पुलिस टीम ने दिल्ली, बिहार और झारखंड में करीब एक हफ्ते तक ताबड़तोड़ छापेमारी कर तीनों को दबोच लिया।
संयुक्त आयुक्त मधुर वर्मा के मुताबिक छह सितंबर को तिमारपुर थाना पुलिस को माल रोड स्थित एक अपार्टमेंट में चोरी की सूचना मिली थी। मौके पर पहुंची पुलिस को पत चला कि पहली मंजिल पर बने फ्लैट के ताले टूटे हुए थे। अलमारियों के ताले भी टूटे मिले और सारा सामान बिखरा हुआ था।
भारी मात्रा में कीमती सोने-हीरे के गहने और नकदी गायब
शिकायतकर्ता अंशुल गुप्ता ने पुलिस को बताया कि उनके बड़े भाई अनुज गुप्ता अपने परिवार के साथ दो सितंबर को विदेश गए हुए थे। लौटने पर पता चला कि घर से भारी मात्रा में कीमती सोने-हीरे के गहने और नकदी गायब है। शक की सुई तब गहरी हो गई जब पता चला कि परिवार ने पिछले महीने दो नए घरेलू सहायक को रखे थे, जो इस घटना के बाद से गायब थे और उनके मोबाइल फोन भी बंद आ रहे थे।
इस आधार पर तिमारपुर थाने में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की गई। जांच में तिमारपुर और बुराड़ी थाना पुलिस के अलावा आपरेशन सेल की कई टीमों को लगाया गया। आरोपितों की तलाश के लिए दिल्ली से लेकर बिहार और झारखंड तक 300 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की जांच की गई।
मुकरबा चौक तक उनकी आवाजाही को ट्रैक किया गया
आरोपित माल रोड से ऑटो पकड़कर आईएसबीटी गए, फिर वहां से नई दिल्ली रेलवे स्टेशन और मुकरबा चौक तक उनकी आवाजाही को ट्रैक किया गया। तकनीकी सर्विलांस से पता चला कि आरोपित अनिल कामत बिहार के सुपौल का रहने वाला है, जबकि नाबालिग, झारखंड के गिरिडीह का है।
पुलिस की एक टीम तुरंत दरभंगा (बिहार) रवाना हुई। पुलिस ने सुपौल जिले के प्रतापगंज इलाके में अनिल कामत के ससुराल में छापेमारी की। पूछताछ में आरोपित के ससुर देव चंद्र साह ने पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की। हालांकि, पुलिस की कड़ी तलाशी के दौरान भूसे के ढेर से कैश से भरा बैग और कमरे के फर्श के करीब पांच फीट नीचे जमीन खोदकर छुपाया गया ज्वैलरी का बैग बरामद कर लिया गया।
पुलिस को गुमराह करने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया गया
पूछताछ से पता चला कि वे चोरी के इन पैसों से नेपाल भागकर एक शानदार रेस्तरां कम कैफे खोलकर आलीशान जिंदगी जीना चाहते थे। अनिल कामत, पीड़ित के यहां घरेलू सहायक था। वह पहले भी शालीमार बाग इलाके में 1.25 करोड़ की चोरी की एक अन्य वारदात में शामिल रहा है। देव चंद्र साह भी सुपौल का रहने वाला है और सब्जी विक्रेता है। चोरी का सामान छुपाने और पुलिस को गुमराह करने के आरोप में उसे गिरफ्तार कर लिया गया। 17 वर्षीय नाबालिग गिरिडीह, झारखंड (घरेलू नौकर) को भी दबोच लिया गया।
