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एक लाख रुपये रिश्वत लेते दिल्ली पुलिस का सब-इंस्पेक्टर गिरफ्तार, सीबीआई ने रंगे हाथ पकड़ा

Published: Sat, 04 Apr 2026 09:01 PM (IST)

पश्चिमी विहार वेस्ट थाने के सब इंस्पेक्टर मनोज कुमार को सीबीआई ने ₹1 लाख रिश्वत लेते गिरफ्तार किया। गैर इरादतन ...और पढ़ें

रिश्वत लेते दिल्ली पुलिस का सब-इंस्पेक्टर गिरफ्तार।

रिश्वत लेते दिल्ली पुलिस का सब-इंस्पेक्टर गिरफ्तार।

HighLights

  1. सब इंस्पेक्टर मनोज कुमार ₹1 लाख रिश्वत लेते गिरफ्तार।

  2. गैर इरादतन हत्या मामले में जमानत के लिए मांगी रिश्वत।

  3. दिल्ली पुलिस ने तत्काल प्रभाव से किया निलंबित।

जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। बाहरी जिला के पश्चिम विहार वेस्ट थाने में तैनात सब इंस्पेक्टर मनोज कुमार को केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआइ) ने एक लाख रिश्वत लेते गिरफ्तार किया है। गैर इरादतन हत्या के प्रयास के मामले में आरोपित को जमानत दिलाने के एवज में उससे पांच लाख रुपये रिश्वत मांगी गई थी।

बातचीत में तीन लाख रुपये में डील तय हुआ। इसी डील के तहत सब इंस्पेक्टर को एक लाख रुपये की पहली किस्त लेते सीबीआइ ने शुक्रवार को पश्चिम विहार वेस्ट थाने में छापा मार सब इंस्पेक्टर को दबोच लिया। उसे कोर्ट में पेश कर पूछताछ के लिए एक दिन के रिमांड पर लिया गया है।

उधर पुलिस विभाग ने भी सब इंस्पेक्टर को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया और उसके खिलाफ विभागीय जांच शुरू कर दी गई है। कुछ समय बाद उसे नौकरी से बर्खास्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।

मामला 26 मार्च को हुए एक झगड़े से जुड़ा हुआ है। आरोप है कि सब इंस्पेक्टर मामले में आरोपित को जमानत दिलाने के लिए पैसे की मांग की थी। जिसपर आराेपित ने इसकी शिकायत सीबीआइ से कर दी थी। सीबीआइ ने पहले कई दिनों तक दोनों के बीच हुई बातचीत को इंटरसेप्ट किया। साक्ष्य जुटाने के बाद उसे एक लाख रुपये रिश्वत लेते गिरफ्तार कर लिया गया।

ज्ञात रहे सीबीआई पिछले एक साल के दौरान करीब 20 से अधिक पुलिसकर्मियों को रिश्वत लेते गिरफ्तार कर चुकी है। इससे पहले 11 फरवरी को सीबीआइ ने सीआर पार्क थाने में तैनात एक सहायक उप-निरीक्षक को 10 लाख रुपये रिश्वत लेते गिरफ्तार किया था। प्रापर्टी विवाद के मामले में कार्रवाई न करने के बदले शिकायतकर्ता से 25 लाख रिश्वत की मांग की गई थी। पहली किश्त के तौर पर 10 लाख रुपये रिश्वत लेते एएसआइ को गिरफ्तार कर लिया गया।

अगस्त में सीबीआइ ने रोहिणी जिले में तैनात एक सब-इंस्पेक्टर को 50 हजार रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया था। सितंबर के अंत तक के आंकड़ों के अनुसार, उस वर्ष 15 से अधिक पुलिसकर्मी भ्रष्टाचार के मामलों में विभिन्न एजेंसियों (सीबीआई और विजिलेंस) द्वारा पकड़े गए थे। इनमें से अधिकांश मामले मामूली रकम की रिश्वत से लेकर लाखों रुपये तक के थे।

नवंबर में दो अलग-अलग मामले में सीबीआई ने दो पुलिसकर्मी को गिरफ्तार किया था। सब इंस्पेक्टर नितिन मीणा पर आरोप था कि उन्होंने एक आरोपी के पक्ष में चार्जशीट दाखिल करने और जमानत में मदद करने के बदले रिश्वत मांगी थी। बुद्ध पाल नाम के सहायक उप-निरीक्षक पर एफआइआर से एक आरोपित का नाम हटाने के बदले एक लाख रुपये की रिश्वत मांगते हुए पकड़ा गया था।

दिसंबर में आर्थिक अपराध शाखा में तैनात सब-इंस्पेक्टर संजीव कुमार को सीबीआई ने एक पुराने मामले का निपटारा करने और पक्षपातपूर्ण जांच के लिए लाखों रुपये की मांग की थी। दो लाख रिश्वत लेते सब इंस्पेक्टर को गिरफ्तार किया गया था।