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दिल्ली में प्रदूषण जांच केंद्रों पर अब कैमरों से होगी कड़ी निगरानी, वाहन जांच व्यवस्था होगी और सख्त

Published: Sun, 13 Sep 2026 08:41 PM (IST)

दिल्ली सरकार ने प्रदूषण नियंत्रण और वाहन जांच व्यवस्था को मजबूत करने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। सभी प्रदूषण ...और पढ़ें

दिल्ली में प्रदूषण जांच केंद्रों पर अब कैमरों से होगी कड़ी निगरानी। (एआई जेनरेटेड इमेज)

दिल्ली में प्रदूषण जांच केंद्रों पर अब कैमरों से होगी कड़ी निगरानी। (एआई जेनरेटेड इमेज)

HighLights

  1. सभी प्रदूषण जांच केंद्रों पर कैमरे लगाए जाएंगे।

  2. व्यावसायिक वाहनों के लिए अत्याधुनिक ऑटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशन खुले।

  3. प्रदूषण नियंत्रण में पारदर्शिता और विश्वसनीयता सुनिश्चित होगी।

राज्य ब्यूरो, नई दिल्ली। दिल्ली में प्रदूषण नियंत्रण और वाहनों की जांच व्यवस्था को मजबूत करने के लिए सरकार ने अहम कदम उठाने की घोषणा की है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने वीडियो संदेश के माध्यम से कहा कि प्रदूषण के खिलाफ लड़ाई में निगरानी व्यवस्था को सख्त करना जरूरी है। इसी के तहत सभी प्रदूषण जांच केंद्रों को अपग्रेड कर वहां कैमरे लगाए जाएंगे, ताकि जांच प्रक्रिया की पारदर्शिता और विश्वसनीयता सुनिश्चित की जा सके।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदूषण नियंत्रण के लिए समाधान तलाशते समय सरकार के सामने एक बड़ी कमी सामने आई। व्यावसायिक वाहनों को पुराने तकनीक वाले केंद्रों से फिटनेस प्रमाणपत्र मिल रहे थे, जबकि निजी वाहनों के प्रदूषण प्रमाणपत्र पेट्रोल पंपों के बाहर पुरानी व्यवस्था के तहत बने बूथों से जारी किए जा रहे हैं। ऐसे में पूरी व्यवस्था की निगरानी मजबूत करने की जरूरत महसूस हुई।

सालाना करीब 72 हजार वाहनों की जांच करने की क्षमता

उन्होंने बताया कि व्यावसायिक वाहनों की जांच के लिए तेखखंड और नंद नगरी में अत्याधुनिक ऑटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशन खोले गए हैं। दोनों केंद्रों में प्रत्येक की सालाना करीब 72 हजार वाहनों की जांच करने की क्षमता है। इन केंद्रों के जरिए वाहनों की फिटनेस जांच को आधुनिक तकनीक से जोड़ने और प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाने पर जोर दिया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदूषण की समस्या का समाधान किसी एक कदम से संभव नहीं है। इसके लिए व्यापक और 360 डिग्री दृष्टिकोण अपनाना होगा। सरकार का लक्ष्य वाहनों की जांच व्यवस्था को तकनीकी रूप से मजबूत करना, निगरानी बढ़ाना और प्रदूषण नियंत्रण के प्रयासों को प्रभावी बनाना है। उन्होंने विश्वास जताया कि सामूहिक प्रयासों से दिल्ली प्रदूषण के खिलाफ इस लड़ाई में जीत हासिल करेगी।

दिल्ली में करीब 900 प्रदूषण जांच केंद्र

दिल्ली में करीब 900 प्रदूषण जांच केंद्र हैं जिनमें से अधिकतक पेट्रोल पंपों पर स्थित हैं। जिन पर प्रति माह तीन लाख के करीब प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र बनते हैं। इस साल जनवरी से अभी तक 2715337 प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र (पीयूसीसी) बने हैं। पिछले साल की अपेक्षा इस साल कम पीयूसीसी बने हैं। पिछले साल इसी समय में 30 लाख से अधिक पीयूसीसी बने थे।

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