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दिल्ली के मेट्रो स्टेशनों पर पुराने कपड़ों की भरमार, एक माह में जमा हुए 41 टन; 10 और जगह खुलेंगे अर्पण केंद्र

Published: Sun, 13 Sep 2026 08:11 PM (IST)

मेट्रो स्टेशनों पर शुरू किए गए अर्पण केंद्रों ने एक माह से भी कम समय में 41 टन से अधिक ...और पढ़ें

एआई जेनेरेटेड इमेज।

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HighLights

  1. एक माह में 41 टन से अधिक पुराने कपड़े जमा हुए।

  2. पुराने कपड़ों से उत्पाद बनाकर रोजगार के अवसर पैदा हो रहे।

  3. दिल्ली मेट्रो पर 10 और अर्पण केंद्र जल्द खुलेंगे।

राज्य ब्यूरो, नई दिल्ली। लोगों के लिए पुराने कपड़ों की निपटान बड़ी समस्या होती है। कई लोग सड़क किनारे या कूड़ेदान में डाल देते हैं। इसके समाधान के लिए पिछले माह 10 मेट्रों स्टेशन पर अर्पण केंद्र शुरू किया गया है।

एक माह से भी कम समय में 41 टन से अधिक कपड़े जमा किए गए। पुराने कपड़े रोजगार का भी साधन बन रहा है। इन कपड़ों से उत्पाद बनाकर बिक्री की जा रही है। इसकी सफलता को देखते हुए 10 और अर्पण केंद्र खोलने का निर्णय लिया गया है।

अर्पण केंद्रों को मिला जबरदस्त प्रतिसाद

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि अर्पण केंद्र पुराने कपड़ों के उचित निपटान की समस्या का व्यावहारिक समाधान देने के साथ-साथ उन्हें फिर से उपयोग और रीसाइक्लिंग के माध्यम से उपयोगी उत्पादों में बदलने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल हैं। तीन अगस्त को मुख्यमंत्री ने पांच मेट्रो स्टेशनों पर अर्पण केंद्रों की शुरुआत की थी। 12 से 17 अगस्त के बीच पांच अन्य केंद्र शुरू किए गए।

31 अगस्त तक इन केंद्रों पर कुल 3940 लोगों ने 41,181.59 किलोग कपड़े जमा कराए। इनमें डा. बाबा साहेब अंबेडकर अस्पताल मेट्रो स्टेशन पर बने केंद्र पर सबसे अधिक 9,861.40 किलो, जबकि शालीमार बाग केंद्र पर 9,761.03 किलो कपड़े जमा हुए।

जनवरी तक 10 अन्य मेट्रो स्टेशनों माडल टाउन, आइएनए, आइपी एक्सटेंशन, पश्चिम विहार, राजेंद्र प्लेस, जनकपुरी पश्चिम, राजौरी गार्डन, ग्रेटर कैलाश, द्वारका सेक्टर-10 और छतरपुर मेट्रो स्टेशन पर भी अर्पण केंद्र खोले जाएंगे।

अगस्त में 27000 की कमाई

अर्पण केंद्रों पर जमा कपड़ों में से लगभग 4266 किलो पुरने कपड़ों का फिर से उपयोग (अपसाइक्लिंग) और 29424 किलो को रीसाइक्लिंग की गई। इन कपड़ों से स्वयं सहायता समूहों द्वारा फोल्डर, की-रिंग, पाउच, बैग जैसे उपयोगी उत्पाद तैयार किए जा रहे हैं।

अर्पण केंद्रों पर इनकी बिक्री की जा रही है। अगस्त में कुल 27,036 रुपये के सामान बेचे गए हैं।

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