दिल्ली में गोवंश के कटे सिर-पैर मिलने से हिंदू संगठनों में उबाल, पुलिस को 48 घंटे का अल्टीमेटम
दिल्ली में 2 अक्टूबर को 15-20 गोवंश के कटे हुए सिर व पैर मिलने से हड़कंप मच गया है। विहिप ...और पढ़ें
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विहिप समेत हिंदू संगठनों में उबाल है। AI जनरेटेड
HighLights
दिल्ली में 2 अक्टूबर को 15-20 गोवंश के कटे सिर-पैर मिले।
विहिप ने घटना पर कड़ा रोष व्यक्त कर 48 घंटे का अल्टीमेटम दिया।
दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी और उच्चस्तरीय जांच की मांग की गई।
जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। देश की राजधानी दिल्ली में प्रतिबंध के बावजूद गोवंश हत्या बदस्तूर जारी है। महात्मा गांधी की जयंती 2 अक्टूबर को यहां 15-20 गोवंश के कटे हुए सिर व पैर मिले हैं। जिससे विहिप समेत हिंदू संगठनों में उबाल है। विहिप ने मामले में दोषियों तक पहुंचने के लिए पुलिस-प्रशासन को 48 घंटे का अल्टीमेटम दिया है।
विहिप ने दक्षिण-पूर्व दिल्ली में लगातार सामने आ रही गोवंश की नृशंस हत्या व अवशेष मिलने की घटनाओं पर कड़ा रोष और गंभीर चिंता व्यक्त की है।
विहिप व बजरंग दल का एक प्रतिनिधिमंडल दक्षिण-पूर्व जिले के पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) से भी मिला है और इस संबंध में ज्ञापन सौंपकर तत्काल उच्चस्तरीय जांच और दोषियों की गिरफ्तारी की मांग की है।
धड़ व अन्य अवशेष गायब
विहिप के अनुसार, पूर्व में सरिता विहार थाना क्षेत्र के अली गांव में 15–20 गोवंश के शव बरामद होने की वीभत्स घटना सामने आई थी। इसके तुरंत बाद दो अक्टूबर को थाना प्रहलादपुर क्षेत्र में लगभग 15–20 गोवंश के कटे हुए सिर व पैर बरामद होने की अत्यंत गंभीर घटना प्रकाश में आई है, जबकि उनके धड़ व अन्य अवशेष गायब पाए गए।
विहिप ने कहा कि यह केवल कानून-व्यवस्था का प्रश्न नहीं है, बल्कि करोड़ों हिंदुओं की धार्मिक व भावनात्मक आस्था पर सीधा आघात है। लगातार घट रही ऐसी घटनाओं के पीछे किसी संगठित गिरोह का हाथ होने की पूरी आशंका है, जिससे क्षेत्र में भारी आक्रोश, भय और तनाव व्याप्त है।
ये हैं प्रमुख मांगें
- त्वरित एफआईआर व कानूनी कार्रवाई: 2 अक्टूबर की प्रहलादपुर घटना के तथ्यों व साक्ष्यों के आधार पर तत्काल कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
- सीसीटीवी फुटेज व तकनीकी साक्ष्यों से गिरफ्तारी: घटनास्थल के आसपास के सीसीटीवी फुटेज, वाहन नंबर, मोबाइल डेटा आदि तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर सभी संलिप्त अपराधियों को चिन्हित कर तुरंत गिरफ्तार किया जाए।
- कड़ी जोड़कर विस्तृत जांच: अली गांव और प्रहलादपुर की घटनाओं के आपसी संबंधों की जांच की जाए ताकि संगठित नेटवर्क का पर्दाफाश हो सके।
- वरिष्ठ अधिकारी की निगरानी: पूरे मामले की जांच निष्पक्षता के लिए किसी वरिष्ठ पुलिस अधिकारी की सीधी निगरानी में कराई जाए।
- गश्त व कड़ी चौकसी: संवेदनशील इलाकों में पुलिस गश्त बढ़ाई जाए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।
विहिप ने स्पष्ट किया है कि हमारा उद्देश्य किसी निर्दोष को परेशान करना नहीं, बल्कि कानून के दायरे में रहते हुए वास्तविक दोषियों को कठोर सजा दिलाना और क्षेत्र में शांति बनाए रखना है।
48 घंटे के भीतर कार्रवाई की मांग
विहिप ने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि इस संवेदनशील विषय पर 48 घंटे के भीतर ठोस प्रारंभिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। यदि निर्धारित समय-सीमा में संतोषजनक कार्रवाई नहीं होती है, तो विहिप एवं बजरंग दल लोकतांत्रिक व शांतिपूर्ण विरोध-प्रदर्शन के लिए बाध्य होंगे।
