दिल्ली को सेमीकंडक्टर निर्माण का हब बनाने की तैयारी, पॉलिसी ड्राफ्ट जल्द लाएगी रेखा सरकार
दिल्ली सरकार ने 'दिल्ली सेमीकंडक्टर नीति' का ड्राफ्ट तैयार करना शुरू कर दिया है। इसका लक्ष्य दिल्ली को सेमीकंडक्टर डिजाइन, ...और पढ़ें
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रेखा सरकार जल्द लाएगी दिल्ली सेमी कंडक्टर पॉलिसी।
HighLights
दिल्ली सेमीकंडक्टर नीति का ड्राफ्ट तैयार हो रहा है।
इसका लक्ष्य निजी निवेश आकर्षित कर रोजगार सृजित करना।
डिजाइन, R&D और विनिर्माण पर नीति का फोकस।
राज्य ब्यूरो, नई दिल्ली। रेखा गुप्ता सरकार ने बजट में ‘दिल्ली सेमीकंडक्टर नीति’ बनाने की घोषणा की थी। अब इसका ड्राफ्ट तैयार करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इसका उद्देश्य दिल्ली को सेमी कंडक्टर डिजाइन, उन्नत अनुसंधान एवं विकास व असेंबली गतिविधियों के लिए एक सक्षम केंद्र के रूप में विकसित करना है।
इस क्षेत्र में निजी निवेश को बढ़ावा देने को आकर्षित करने के लिए एक अनुकूल व्यावसायिक वातावरण तैयार किया जाएगा। इससे रोजगार के अवसर सृजित होंगे।
दिल्ली सरकार समग्र नीति कर रही तैयार: रेखा गुप्ता
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता का कहना है कि दिल्ली सरकार सेमी कंडक्टर क्षेत्र के संतुलित एवं व्यवस्थित विकास के लिए एक समग्र नीति तैयार कर रही है। यह नीति प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आत्मनिर्भर भारत के दृष्टिकोण के अनुरूप है, जो देश में सेमी कंडक्टर क्षेत्र के विकास में दिल्ली की सक्रिय भूमिका सुनिश्चित करेगी।
इसमें कारोबार सुगमता, नवाचार और उद्योग आधारित इकोसिस्टम को बढ़ावा देने के लिए वित्तीय और गैर-वित्तीय दोनों प्रकार के प्रोत्साहन का प्रविधान होगा। प्रशिक्षण कार्यक्रमों, इंटर्नशिप और उद्योग-शैक्षणिक साझेदारी के माध्यम से कौशल विकास को प्रोत्साहन दिया जाएगा। यह पहल कुशल पेशेवरों को आकर्षित करने और उन्हें बनाए रखने में सहायक होगी।
अनुकूल व्यावसायिक वातावरण सुनिश्चित करने पर बल
इस नीति के माध्यम से निजी निवेश को बढ़ावा देने के लिए लक्षित प्रोत्साहन, परिचालन लागत में कमी और अनुकूल व्यावसायिक वातावरण सुनिश्चित करने पर बल दिया जाएगा।
पूंजीगत सब्सिडी, आधारभूत संरचना विकास और राष्ट्रीय पहल, विशेष रूप से इंडिया सेमी कंडक्टर मिशन के साथ समन्वय स्थापित कर निवेशकों के विश्वास को सुदृढ़ किया जाएगा। इससे दिल्ली के साथ ही देश की सेमी कंडक्टर आपूर्ति श्रृंखला मजबूत होगी। घरेलू और वैश्विक निवेशकों की भागीदारी को प्रोत्साहित किया जाएगा।
प्रस्तावित नीति पांच प्रमुख क्षेत्रों पर केंद्रित
-सेमीकंडक्टर डिजाइन और बौद्धिक संपदा विकास।
-अनुसंधान, विकास और नवाचार।
-विनिर्माण को सक्षम बनाने वाली गतिविधियां जैसे असेंबली, टेस्टिंग, मार्किंग और पैकेजिंग (एटीएमपी)
-आउटसोर्स्ड सेमीकंडक्टर असेंबली एंड टेस्टिंग (ओएसएटी) के साथ सहायक उद्योगों का विकास, टैलेंट डेवलपमेंट एवं स्किलिंग।
-स्टार्टअप और औद्योगिक इकोसिस्टम को सुदृढ़ करना।
