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सबूतों के अभाव में दिल्ली दंगा केस के 10 आरोपित बरी, कड़कड़डूमा कोर्ट ने सुनाया फैसला

Published: Mon, 20 Apr 2026 09:13 PM (IST)

कड़कड़डूमा कोर्ट ने दिल्ली दंगों से जुड़े मामले में 10 आरोपितों को साक्ष्यों के अभाव में बरी कर दिया। अभियोजन ...और पढ़ें

कोर्ट 10 आरोपियों को किया बरी। फोटो: सांकेतिक

कोर्ट 10 आरोपियों को किया बरी। फोटो: सांकेतिक

HighLights

  1. कड़कड़डूमा कोर्ट ने 10 आरोपितों को किया बरी

  2. भजनपुरा में लूटपाट और आगजनी का था मामला

  3. साक्ष्यों के अभाव में आरोपित बरी हुए

जागरण संवाददाता, पूर्वी दिल्ली। उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगों से जुड़े एक मामले में कड़कड़डूमा कोर्ट ने साक्ष्यों के अभाव में 10 आरोपितों को बरी कर दिया। मामला भजनपुरा इलाके में सैलून में लूटपाट और आगजनी से जुड़ा था। अदालत ने कहा कि अभियोजन पक्ष आरोपों को संदेह से परे साबित नहीं कर सका।

इस मामले में जिन आरोपितों को बरी किया गया, उनमें प्रिंस कुमार, विकास कुमार तंवर उर्फ सोनू, रमेश चंद, अनिल कुमार, अनुज, अरुण उर्फ कोहली, किशन कुमार उर्फ लाला, राहुल, सुधीर कुमार उर्फ बंटी और सुंदर शामिल हैं।

प्रमुख गवाह अपने बयान से मुकर गए

अदालत ने पाया कि अभियोजन के प्रमुख गवाह अपने बयान से मुकर गए और उन्होंने दंगे या आगजनी की घटना देखने से इनकार कर दिया। वहीं, एक वीडियो को मुख्य साक्ष्य के रूप में पेश किया गया, लेकिन वह धुंधला पाया गया और उसमें आरोपितों की स्पष्ट पहचान संभव नहीं हो सकी।

फैसले में कहा गया कि जिन गवाहों ने वीडियो के आधार पर पहचान की, वे प्रत्यक्षदर्शी नहीं थे। साथ ही, वीडियो में दिखाई गई घटना भी शिकायतकर्ता की दुकान से सीधे तौर पर जुड़ी साबित नहीं हुई।

इन परिस्थितियों में अदालत ने सभी आरोपितों को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया। अदालत ने यह भी कहा कि आपराधिक मामलों में दोष सिद्ध करने के लिए ठोस और विश्वसनीय साक्ष्य आवश्यक होते हैं।

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