दिल्ली बनी 'EV कैपिटल': ईवी इंडेक्स में राजधानी नंबर वन, 2028-29 तक सड़कों पर दौड़ेंगी 14 हजार ई-बसें
नीति आयोग के भारत विद्युत वाहन परिवहन सूचकांक 2025 में दिल्ली ने देश में पहला स्थान हासिल किया है, जिसमें ...और पढ़ें

नीति आयोग द्वारा जारी सूचकांक में दिल्ली ईवी के मामले में देश में नंबर वन है।
HighLights
दिल्ली नीति आयोग के EV सूचकांक में देश में प्रथम।
2028-29 तक 14 हजार इलेक्ट्रिक बसें चलाने का लक्ष्य।
चार्जिंग सुविधाएँ बढ़ाने और टिकाऊ परिवहन पर जोर।
राज्य ब्यूरो, नई दिल्ली। दिल्ली ने बिजली से चलने वाले वाहनों को बढ़ावा देने के क्षेत्र में देश में पहला स्थान हासिल किया है। नीति आयोग की ओर से जारी भारत विद्युत वाहन परिवहन सूचकांक 2025 में दिल्ली को 84 अंक मिले हैं। इस सूची में महाराष्ट्र 78 अंक के साथ दूसरे, कर्नाटक 73 अंक के साथ तीसरे, चंडीगढ़ 71 अंक के साथ चौथे और गोवा 65 अंक के साथ पांचवें स्थान पर रहा।
नीति आयोग ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में बिजली से चलने वाले वाहनों को बढ़ावा देने, उनके लिए जरूरी सुविधाएं विकसित करने, सार्वजनिक परिवहन को बिजली से चलाने तथा अनुसंधान और नई तकनीक के क्षेत्र में किए जा रहे काम के आधार पर यह आकलन किया है।
बिजली से चलने वाले वाहनों पर बढ़ा जोर
दिल्ली सरकार के अनुसार सार्वजनिक परिवहन को प्रदूषण से मुक्त बनाने के लिए दिल्ली सरकार बिजली से चलने वाली बसों की संख्या लगातार बढ़ा रही है। सरकार ने वित्त वर्ष 2028-29 तक दिल्ली की सड़कों पर 14 हजार बिजली से चलने वाली बसें उतारने का लक्ष्य रखा है। इसके अलावा राजधानी में जगह-जगह बिजली से चलने वाले वाहनों के लिए बिजली भरने की सुविधा विकसित करने पर भी जोर दिया जा रहा है।
आनेवाली पीढ़ियों की जरूरतों को पूरा करेगी व्यवस्था: पंकज सिंह
परिवहन मंत्री डॉ. पंकज सिंह ने कहा कि नीति आयोग की सूची में दिल्ली का पहला स्थान मिलना स्वच्छ और टिकाऊ परिवहन व्यवस्था के लिए किए जा रहे प्रयासों की पहचान है। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल बिजली से चलने वाले वाहनों की संख्या बढ़ाना नहीं, बल्कि दिल्ली में ऐसी परिवहन व्यवस्था तैयार करना है जो वर्तमान के साथ-साथ आने वाली पीढ़ियों की जरूरतों को भी पूरा कर सके।
