रात में भी दिल्ली की सड़कों पर रहेगी PWD की नजर, गड्ढे से टूटी रेलिंग तक की होगी निगरानी
लोक निर्माण विभाग अब दिल्ली में अपने अधीन आने वाली सड़कों की स्थिति पर रात में भी नजर रखेगा। यह ...और पढ़ें

एआई जेनेरेटेड इमेज।
HighLights
पीडब्ल्यूडी रात में सड़कों की स्थिति की करेगा निगरानी।
उत्तर-पूर्वी मंडल से प्रयोग के तौर पर होगी शुरुआत।
खामियों की पहचान कर समय पर मरम्मत सुनिश्चित की जाएगी।
राज्य ब्यूरो, नई दिल्ली। लोक निर्माण विभाग अब अपने अधीन आने वाली सड़कों की स्थिति पर रात में भी नजर रखेगा। प्रयोग के तौर पर इसकी शुरुआत उत्तर-पूर्वी मंडल से की जाएगी। निगरानी और रखरखाव के लिए अलग वाहन सेवा ली जाएगी। इसके लिए उत्तर-पूर्वी मंडल ने निविदा जारी की है। निविदा के अनुसार यह सेवा 110 दिनों तक ली जाएगी।
इसका उद्देश्य रात के समय सड़कों की स्थिति की जांच करना और सामने आने वाली समस्याओं की जानकारी संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाना है। निरीक्षण के दौरान सड़क पर गड्ढे, टूट-फूट, सड़क किनारे क्षतिग्रस्त हिस्से, रेलिंग सहित अन्य सुविधाओं की स्थिति और रखरखाव से जुड़ी जरूरतों की जानकारी जुटाई जाएगी। इससे मरम्मत की जरूरत वाले स्थानों की पहचान समय रहते हो सकेगी और संबंधित अधिकारियों को कार्रवाई के लिए सूचना दी जा सकेगी।
दिल्ली में लोक निर्माण विभाग के अधीन करीब 1440 किलोमीटर का सड़क नेटवर्क है। इतने बड़े सड़क नेटवर्क को लगातार बेहतर स्थिति में रखना विभाग के लिए चुनौतीपूर्ण है। दिल्ली में सड़कों पर दिन-रात भारी यातायात रहता है। वाहनों के लगातार दबाव के अलावा वर्षा के दौरान जलभराव, सड़क धंसने, गड्ढे बनने और सड़क किनारे की सुविधाओं को नुकसान पहुंचने जैसी समस्याएं सामने आती हैं।
राक के समय नजर नहीं आती खामियां
कई स्थानों पर रात के समय रोशनी कम होने के कारण सड़क की खामियां भी आसानी से नजर नहीं आतीं। ऐसे में रात में नियमित निरीक्षण से उन समस्याओं की पहचान की जा सकेगी, जो दिन के निरीक्षण में छूट सकती हैं।
पीडब्ल्यूडी केवल सड़कों ही नहीं, बल्कि पुल, पैदल पारपथ, भूमिगत मार्ग और अन्य सड़क सुविधाओं के रखरखाव की जिम्मेदारी भी निभाता है। ऐसे में रात की निगरानी व्यवस्था को प्रयोग के तौर पर शुरू करने का उद्देश्य सड़क व्यवस्था में खराबी की सूचना और मरम्मत के बीच का समय कम करना है।
