दिल्ली की सड़कों पर नहीं दिखेंगे गड्ढे, 30 नवंबर तक 600 किमी रोड होंगी चकाचक; ठेकेदारों की तय होगी जवाबदेही
दिल्ली पीडब्ल्यूडी ने 30 नवंबर तक दिल्ली की करीब 600 किलोमीटर प्रमुख सड़कों को गड्ढा-मुक्त करने का लक्ष्य तय किया ...और पढ़ें

एआई जेनेरेटेड इमेज।
HighLights
30 नवंबर तक दिल्ली की 600 किमी सड़कें होंगी गड्ढा-मुक्त।
मंत्री प्रवेश वर्मा ने सड़क निर्माण कार्य का औचक निरीक्षण किया।
गुणवत्ता निगरानी के लिए थर्ड-पार्टी एजेंसी, ठेकेदार 5 साल रखरखाव जिम्मेदार।
राज्य ब्यूरो, नई दिल्ली। पीडब्ल्यूडी ने दिल्ली की करीब 600 किलोमीटर प्रमुख सड़कों को 30 नवंबर तक गड्ढा-मुक्त करने का लक्ष्य तय किया है। पीडब्ल्यूडी मंत्री प्रवेश वर्मा ने कहा कि इन सड़कों को बेहतर गुणवत्ता वाला बनाने के लिए काम को तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है।
मंत्री बृहस्पतिवार-शु़क्रवार की बीती रात 12 बजे के करीब अफ्रीका एवेन्यू मार्ग पर चल रहे सड़क निर्माण कार्य का औचक निरीक्षण करने पहुंचे हुए थे। इस दौरान उन्होंने सड़क की गुणवत्ता, निर्माण की मोटाई और काम की गति का जायजा लिया तथा अधिकारियों को निर्धारित मानकों के अनुसार काम कराने के निर्देश दिए।
गुणवत्ता की निगरानी करेगी थर्ड पार्टी एजेंसी
सड़क निर्माण की गुणवत्ता पर निगरानी रखने के लिए मौके पर ही थर्ड-पार्टी एजेंसी को विशेष मशीनों के साथ तैनात किया गया। इन मशीनों के माध्यम से सड़क की गुणवत्ता और मोटाई की जांच की जाएगी।
मंत्री ने साफ किया कि निर्माण कार्य में किसी तरह की लापरवाही सामने आने पर संबंधित एजेंसी और ठेकेदार की जवाबदेही तय की जाएगी। उन्होंने कहा कि सड़क निर्माण में ठेकेदार कंपनियों की जिम्मेदारी भी बढ़ाई जा रही है।
जिस कंपनी को सड़क निर्माण का काम मिलेगा, उसे अगले पांच वर्षों तक उसी सड़क के रखरखाव की जिम्मेदारी भी उठानी होगी। इससे निर्माण के बाद सड़क की स्थिति खराब होने पर जवाबदेही तय करना आसान होगा।
बिटुमिन की आपूर्ति प्रभावित होने से हुई देरी
मंत्री के निरीक्षण के बाद कहा कि वैश्विक तनाव और युद्ध के हालात का असर बिटुमिन यानी तारकोल की आपूर्ति पर पड़ा है। आपूर्ति प्रभावित होने के साथ इसकी कीमतों में भी बढ़ोतरी हुई, जिसके कारण सड़क निर्माण के काम में कुछ देरी हुई।
अब नए सिरे से टेंडर जारी किए गए हैं और कई हिस्सों में काम दोबारा तेज गति से शुरू किया गया है। विभाग के पास फिलहाल करीब 1,400 किलोमीटर सड़कों का नेटवर्क है, जिसे चरणबद्ध तरीके से सुधारने की योजना पर काम किया जा रहा है।
