'CP बदनाम हुआ CJP तेरे लिए...' नहीं आ रहे ग्राहक; दुकानदार बोले- उनके सामने बोहनी तक का संकट
दिल्ली के जनपथ और कनाट प्लेस बाजारों में लगातार प्रदर्शनों और बैरिकेडिंग के कारण त्योहारी कारोबार बुरी तरह प्रभावित हुआ ...और पढ़ें

जनपथ स्थित गुजराती बाजार नवरात्र में खरीदारों से खूब गुलजार रहता, लेकिन नवरात्र बीतने को है और बिक्री मात्र 15 तक की है। फोटो: जागरण
HighLights
जनपथ में कारोबार घटकर मात्र 15 प्रतिशत रह गया।
कनाट प्लेस में भी कारोबार 50 प्रतिशत तक गिरा।
व्यापारियों ने प्रदर्शनों को रोकने की अपील की।
नेमिष हेमंत, नई दिल्ली। दिल्ली के जनपथ बाजार में लगातार हो रहे प्रदर्शनों और बैरिकेडिंग का असर त्योहारी कारोबार पर पड़ रहा है।
जनपथ मार्केट ट्रेडर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष डीले मदान के मुताबिक, कारोबार घटकर करीब 15 प्रतिशत रह गया है और कई दुकानदारों की पिछले कुछ दिनों में बोहनी तक नहीं हुई।
वहीं, शनिवार को कनॉट प्लेस में चहल-पहल लौटने के बावजूद कारोबार करीब 50 प्रतिशत ही रहा।

प्रदर्शनों से जनपथ का कारोबार 15 प्रतिशत
जनपथ मार्केट ट्रेडर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष डीले मदान ने प्रदर्शनकारियों से बाजार को प्रदर्शन स्थल नहीं बनाने की अपील की है।
उनका कहना है कि कारोबार बमुश्किल 15 प्रतिशत रह गया है। कई दुकानदारों की पिछले कुछ दिनों में बोहनी तक नहीं हुई।

कई दुकानदारों की पिछले कुछ दिनों में बोहनी तक नहीं हुई है। प्रदर्शनों के कारण दिल्ली के प्रमुख कारोबारी क्षेत्र की जो नकारात्मक छवि बनी है, उसे सुधारने में महीनों लग सकते हैं।
- डीले मदान, अध्यक्ष, जनपथ मार्केट ट्रेडर्स एसोसिएशन
दुकानदार अशोक जैन ने कहा कि प्रदर्शनों के कारण बाजार में ग्राहक नहीं आ रहे हैं। जनपथ से सटी टालस्टाय रोड को अभी भी पूरी तरह बैरिकेड्स से बंद रखा गया है।

इस त्योहारी मौसम का इंतजार व्यापारी पूरे वर्ष करते हैं और इसके लिए निवेश करते हैं, लेकिन प्रदर्शनों ने स्थिति ऐसी कर दी है कि कोई आना नहीं चाहता है।
- अशोक जैन, दुकानदार
नवरात्र के लिए खरीदा स्टॉक, अब कम दाम में बेचने की मजबूरी
जनपथ के गुजराती बाजार में नवरात्र के दौरान महिला खरीदारों की भीड़ रहती है। यहां गरबा नृत्य की पोशाकें मिलती हैं। दुकानदार सुखदेव के मुताबिक, इन दिनों बाजार में खरीदारों की चहल-पहल होनी चाहिए थी, लेकिन सड़क खाली है।
दुकानदारों ने ऋण लेकर स्टॉक जमा किया है। अब नवरात्र में कुछ ही दिन बचे होने के कारण उन्हें सामान कम दाम पर बेचने की चिंता है।
दुकानदारों के मुताबिक, नवरात्र के बाद लहंगा, चोली, आर्टिफिशियल ज्वैलरी, हस्तशिल्प और सजावटी सामान की मांग कम हो जाएगी।

यह सड़क इन दिनों खरीदारों से पूरी तरह भरी होनी चाहिए, लेकिन प्रदर्शनों के चलते अब कम दाम में भी सामान बेचने को मजबूर हैं, क्योंकि नवरात्र के बाद इन सामानों का कोई मोल नहीं रहेगा।
- सुखदेव, दुकानदार, जनपथ गुजराती बाजार
गुजरात के अहमदाबाद निवासी दुकानदार भरत ने बताया कि बाजार दो दिन पहले से खुला है। उन्होंने कहा कि नवरात्र में रोजी-रोटी की चिंता के साथ सबसे बड़ी चिंता ऋण चुकाने की है।
दो दिन पहले से यह बाजार खुला है। पूरे नवरात्र रोजी-रोटी की चिंता तो है ही, बड़ी चिंता ऋण चुकाने की है।
- भरत, दुकानदार, अहमदाबाद
ग्राहक भी बाजार खुला होने को लेकर संशय में
ग्रेटर नोएडा से खरीदारी करने पहुंची आस्था ने बताया कि वह भी संशय के साथ बाजार आई हैं कि पता नहीं बाजार खुला होगा कि नहीं। प्रदर्शनों के चलते वह पिछले दो महीने से चाहकर भी यहां नहीं आ पा रही थीं।

मैं भी संशय के साथ पहुंची हूं कि पता नहीं बाजार खुला होगा कि नहीं। प्रदर्शनों के चलते पिछले दो माह से चाहकर भी नहीं आ पा रही थी।
- आस्था, खरीदार, ग्रेटर नोएडा
कनॉट प्लेस में लौटी चहल-पहल, कारोबार 50 प्रतिशत ही
शुक्रवार को आंदोलन स्थल बने कनॉट प्लेस में शनिवार को माहौल कुछ बेहतर रहा। हालांकि, कारोबारी प्रतिष्ठानों और रेस्त्रां में कारोबार अभी करीब 50 प्रतिशत ही रहा।
नई दिल्ली ट्रेडर्स एसोसिएशन (एनडीटीए) के सचिव अमित गुप्ता ने कहा कि लोग कनॉट प्लेस आना चाहते हैं, लेकिन मेट्रो बंद होने और बैरिकेड्स जैसी व्यवस्थाओं को लेकर उन्हें लगातार फोन आ रहे हैं।

लोग कनॉट प्लेस आना चाहते हैं। मेट्रो बंद होने, बैरिकेड्स और अन्य व्यवस्थाओं को लेकर लोगों के फोन आ रहे हैं।
- अमित गुप्ता, सचिव, नई दिल्ली ट्रेडर्स एसोसिएशन
जनवरी तक राजनीतिक प्रदर्शन रोकने की मांग
दिल्ली में लगातार हो रहे राजनीतिक प्रदर्शनों, चक्का जाम और यातायात प्रतिबंधों को लेकर व्यापारी संगठन चिंतित हैं।
भारतीय उद्योग व्यापार मंडल ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, विपक्ष के नेता राहुल गांधी और आप संयोजक अरविंद केजरीवाल को पत्र लिखा है। संगठन ने अगले वर्ष 31 जनवरी तक दिल्ली में सभी राजनीतिक प्रदर्शनों को स्थगित करने की मांग की है।
