Exclusive: महिलाओं की सुरक्षा में मोबाइल नेटवर्क भी बना चुनौती, दिल्ली पुलिस चिह्नित करेगी 'मोबाइल नेटवर्क हॉटस्पॉट'
दिल्ली पुलिस महिलाओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए ऐसे 'मोबाइल नेटवर्क हॉटस्पॉट' की पहचान कर रही है, जहाँ ...और पढ़ें

आस्था कुंज पार्क में किशोरी से सामूहिक दुष्कर्म का मामला। AI जेनेरेटेड
HighLights
पुलिस महिलाओं की सुरक्षा हेतु नेटवर्क हॉटस्पॉट पहचान रही है।
दक्षिणी दिल्ली घटना के बाद पुलिस ने यह कदम उठाया।
चिह्नित स्थानों पर मोबाइल नेटवर्क सुधारने की योजना है।
शुजाउद्दीन, पूर्वी दिल्ली। राजधानी की सुनसान सड़क से एक महिला अकेले घर जा रही है। तभी कोई मनचला आकर उसे छेड़ दे। हजारों रुपये खर्च करके खरीदे गए मोबाइल को युवती जेब से निकालती है, मदद के लिए किसी को काॅल करना चाहती है तो सिम के नेटवर्क ही नहीं होते हैं। उस वक्त महिला बहुत बेबस होती है। बुरी तरह से फंसी होने के बाद भी वह नेटवर्क की वजह से किसी की मदद नहीं ले पाती है। यह परिस्थिति सोचकर ही भय लगता है।
मोबाइल सिम के नेटवर्क ही हो गए गायब
कुछ दिनों पहले दक्षिणी दिल्ली के पार्क में नाबालिग के साथ हुए सामूहिक दुष्कर्म की वारदात ने सुरक्षा व्यवस्था की हकीकत बयां कर दी। इस वारदात ने पुलिस को जमीनी स्तर पर सोचने को मजबूर कर दिया है। पुलिस अब तक पुलिस ब्लैक स्पाट बनाती थी। अब पुलिस ऐसे हाटस्पाट की लिस्ट तैयार कर रही है, जहां पर महिलाओं का आगमन रहता है और मोबाइल सिम के नेटवर्क ही गायब रहते हैं।
कई क्षेत्रों में मोबाइल नेटवर्क है ध्वस्त
पहली बार दिल्ली पुलिस मोबाइल नेटवर्क के हाॅटस्पाॅट बना रही है। बीट अफसर अपने क्षेत्र में जाकर लोगों से पता कर रहे हैं, कौन से ऐसे क्षेत्र है जहां पर महिलाओं की चहल पहल रहती है। लेकिन मोबाइल से नेटवर्क गायब रहते हैं।
पुलिस पार्कों में भले ही सुरक्षा व्यवस्था की जांच कर रही है। साथ ही यह भी देख रही है शाम ढलने के बाद मोबाइल नेटवर्क रहता भी या नहीं। दो दिनों में पुलिस को पता चला है कि साेनिया विहार खादर क्षेत्र, न्यू उस्मानपुर तीसरा पुश्ता खादर, असिता ईस्ट, बांसेरा पार्क, समेत स्थानों पर मोबाइल नेटवर्क की बहुत दिक्कत है।
पुलिस से पहले दोस्त को से मांगी मदद
दक्षिणी दिल्ली में जिस नाबालिग के साथ दुष्कर्म हुआ था, उसके पास मोबाइल था। लेकिन पीड़िता ने वारदात के बाद पुलिस को काल न करके सबसे पहले अपने दोस्त को काल किया और वारदात के बारे में बताया। दोस्त ने पीड़िता की हिम्मत बढ़ाई और खुद पुलिस को काल करके वारदात के बारे में बताया।
"सभी थाना पुलिस को निर्देश दिए गए है वह अपने क्षेत्र में ऐसे स्थानों को चिह्नित करें, जहां महिलाओं को आगमन रहता है। मोबाइल के नेटवर्क नहीं होते हैं। लिस्ट बनाकर संबंधित एजेंसी व मोबाइल कंपनियों को सौंपी जाएगी। कहा जाएगा ऐसी व्यवस्था करें, जिससे नेटवर्क की दिक्कत न हो। जमीनी स्तर से ही सुरक्षा को मजबूत किया जा रहा है। परेशानी में कोई भी व्यक्ति सबसे पहले अपने करीबी को फोन करता है।"
-राहुल अलवाल, उत्तर पूर्वी जिला पुलिस उपायुक्त।
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