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महिलाओं की सुरक्षा के लिए दिल्ली पुलिस बनाएगी 'पिंक फोर्स', संवेदनशील स्थानों पर होगी तैनात

Published: Tue, 22 Sep 2026 10:06 PM (IST)

दिल्ली पुलिस महिलाओं की सुरक्षा को मजबूत करने के लिए विशेष रूप से प्रशिक्षित 'पिंक फोर्स' का गठन करेगी। यह ...और पढ़ें

दिल्ली पुलिस विशेष रूप से प्रशिक्षित महिला पुलिसकर्मियों की 'पिंक फोर्स' तैयार करेगी। (एआई जेनरेटेड इमेज)

दिल्ली पुलिस विशेष रूप से प्रशिक्षित महिला पुलिसकर्मियों की 'पिंक फोर्स' तैयार करेगी। (एआई जेनरेटेड इमेज)

HighLights

  1. दिल्ली पुलिस महिलाओं की सुरक्षा हेतु 'पिंक फोर्स' का गठन करेगी।

  2. यह फोर्स स्कूल, कॉलेज, मेट्रो स्टेशनों पर तैनात की जाएगी।

  3. उपराज्यपाल ने नागरिक-केंद्रित पुलिसिंग पर भी जोर दिया।

जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। राजधानी में महिलाओं की सुरक्षा को और मजबूत करने के लिए दिल्ली पुलिस विशेष रूप से प्रशिक्षित महिला पुलिसकर्मियों की 'पिंक फोर्स' तैयार करेगी। यह महिला-केंद्रित गश्ती यूनिट स्कूल, कालेज, मेट्रो स्टेशन और अन्य संवेदनशील स्थानों पर तैनात की जाएगी।

इसका उद्देश्य सार्वजनिक स्थानों पर पुलिस की मौजूदगी को बढ़ाने के साथ महिलाओं और युवतियों से संबंधित घटनाओं पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करना है। उपराज्यपाल सरदार तरनजीत सिंह संधू ने मंगलवार को पुलिस मुख्यालय के आडिटोरियम में दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक में इस संबंध में निर्देश दिए।

24 जून के बाद पुलिस मुख्यालय का यह उनका दूसरा दौरा था, जिसका मकसद लोगों पर केंद्रित पुलिसिंग के जमीनी और मापने योग्य नतीजों का जायजा लेना था। उपराज्यपाल ने गोवा पुलिस की पिंक फोर्स का उदाहरण देते हुए दिल्ली में भी इसी तरह की समर्पित महिला गश्ती व्यवस्था विकसित करने को कहा।

स्कूलों में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने के दिए निर्देश

उपराज्यपाल ने 'ऑपरेशन शिष्टाचार' के तहत सार्वजनिक स्थानों पर महिलाओं से छेड़छाड़ और उत्पीड़न के खिलाफ कार्रवाई जारी रखने को भी कहा। इसके साथ ही बच्चों की सुरक्षा को लेकर स्कूलों में नियमित जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश दिए गए। इनमें पाक्सो, बाल सुरक्षा, साइबर अपराध, नशीले पदार्थों के सेवन और सड़क सुरक्षा जैसे विषय शामिल होंगे। प्रत्येक पुलिस जिले में इसके लिए एक नोडल अधिकारी नियुक्त किया जाएगा और तिमाही आधार पर जागरूकता कार्यक्रमों का कैलेंडर तैयार किया जाएगा।

नागरिक-केंद्रित पुलिसिंग पर दिया जोर

बैठक में नागरिक-केंद्रित पुलिसिंग पर भी विशेष जोर दिया गया। उपराज्यपाल ने कहा कि प्रत्येक थाना ऐसा स्थान होना चाहिए जहां लोग अपनी शिकायत लेकर सहजता से पहुंच सकें और उन्हें समय पर सहायता मिले। जन सुनवाई में प्राप्त शिकायतों की डिजिटल ट्रैकिंग व्यवस्था विकसित करने के निर्देश दिए गए, ताकि हर शिकायत दर्ज होने के बाद उसकी निगरानी हो और निर्धारित समय सीमा में कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके। दूसरे विभागों से संबंधित शिकायतों को भी तत्काल संबंधित एजेंसी को भेजने को कहा गया।

पैदल और मोटरसाइकिल गश्त मजबूत हो

उन्होंने अपराध-प्रवण और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में पुलिस की दृश्यता बढ़ाने और पैदल व मोटरसाइकिल गश्त मजबूत करने के निर्देश दिए। ड्रग तस्करी के खिलाफ खुफिया सूचना आधारित कार्रवाई, थानों में साइबर अपराध की शिकायतों से निपटने और डिजिटल साक्ष्यों को सुरक्षित रखने की क्षमता बढ़ाने पर भी जोर दिया गया।

इसके अलावा पुलिसकर्मियों के कल्याण को लेकर उन्होंने निचले रैंक और महिला कर्मचारियों को समय पर पदोन्नति देने और मुख्यालय में तय समय पर शिकायतों की सुनवाई सुनिश्चित करने को कहा। पुलिस कालोनियों को 'मॉडल जीरो-वेस्ट कालोनी' के रूप में विकसित करने के निर्देश भी दिए गए।

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